सूटेबल ब्वॉय में छोटे से रोल से Ravi Kishan के साथ सीरीज करने तक, मां के अधूरे सपने ने बदली कावेरी सेठ की तकदीर
छोटी सी उम्र में भरतनाट्यम सीखने वालीं कावेरी सेठ ने अपने एक्टिंग सफर के बारे में बातचीत की। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने सालों पहले क्या सपना देखा थ ...और पढ़ें

कावेरी सेठ ने शेयर की अपनी जर्नी/ फोटो-Instagram
HighLights
7 की उम्र में कावेरी सेठ ने सीखा भरतनाट्यम
छोटे से रोल के साथ एक्टिंग में आई थीं कावेरी
रवि किशन से नसीरुद्दीन शाह तक के साथ किया काम
एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई। मैंने एक्टिंग करने के बारे में सोचा नहीं था। बस हो गया। यह कहना है मेड इन इंडिया : ए टाइटन स्टोरी की अभिनेत्री कावेरी सेठ का। वह आगामी दिनों में अमेजन प्राइम की वेब सीरीज टीडीएस में रवि किशन के साथ नजर आएंगी। उसके अलावा फिल्म भी कर रही हैं।
7 साल की उम्र में सीखा था भरतनाट्यम
अपने अभिनय सफर के बारे में कावेरी बताती हैं जब मैं सात साल की थी, तब मेरी मां ने मुझे भरतनाट्यम सीखने के लिए भेज दिया। इसकी वजह यह थी कि उन्हें खुद बचपन से नृत्य का बहुत शौक था, लेकिन उन्हें कभी सीखने का अवसर नहीं मिला। इसलिए उन्होंने अपना सपना मेरे जरिए पूरा करने की कोशिश की। सौभाग्य से मुझे भी भरतनाट्यम पसंद आ गया और मैंने दस साल से भी अधिक समय तक इसकी विधिवत ट्रेनिंग ली।
मेरी पूरी दुनिया डांस और मंच के इर्द-गिर्द ही घूमती थी। मुझे स्टेज से बेहद प्यार था, लेकिन अभिनय के बारे में मैंने कभी नहीं सोचा। बचपन में मैं बहुत शर्मीली थी और मुझे नहीं लगता था कि मैं अभिनय कर पाऊंगी। जैसे-जैसे बड़ी हुई, डांस ने मेरे अंदर आत्मविश्वास भर दिया। फिर समय के साथ जिंदगी को देखने का नजरिया बदला। लगा कि कुछ नया आजमाना चाहिए। तभी मुझे एक नाटक के लिए ऑडिशन देने का मौका मिला। मैंने सोचा, कोशिश करके देखते हैं, अगर चयन हो गया तो अच्छा है। वहीं से मेरी अभिनय यात्रा शुरू हुई।
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सूटेबल ब्वॉय से शुरू हुई थी जर्नी
कावेरी सेठ ने आगे कहा, "तीन-चार महीने तक थिएटर करते हुए मुझे इतना आनंद आया कि फिर मैंने इस दुनिया को और करीब से समझना शुरू किया कैसे काम होता है? एक दोस्त एक्टिंग कर रही थी। उनसे मैंने थोड़ी-बहुत जानकारी ली। इसके बाद मुझे फिल्ममेकर मीरा नायर के साथ बतौर असिस्टेंट काम करने का मौका मिला। दरअसल, मीरा नाटक मानसून वेडिंग : द म्यूजीकल की वर्कशॉप कर रही थी दिल्ली में। मैंने दो महीने प्रोबेशन पर उनके साथ करने की सोची। उन्हें मेरा काम पसंद आया। फिर वेब शो ए सूटेबल ब्वाय में बतौर असिस्टेंट जुड़ी। उसमें उन्होंने मुझे छोटा सा रोल दिया। मैंने जो कुछ भी सीखा, काफी हद तक वहीं से सीखा।
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कास्टिंग टीम जब कलाकारों के साथ सीन पढ़ती और उन्हें संकेत (क्यू) देती थी, तब मैं वहीं मौजूद रहती थी। उससे बहुत सीखने को मिला। वहां से स्पष्टता मिली कि मुझे अभिनय करना है। मीरा ने भी अभिनय के लिए मुझे बहुत प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि ए सूटेबल ब्वॉय के पोस्ट प्रोडक्शन पर मत आओ एक्टिंग शुरू करो। वहां से ऑडिशन करने शुरू किए। फिर कोविड आ गया।
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ऑडिशन से गुलमोहर फिल्म मिली। उसके बाद परफेक्ट फैमिली शो मिला। मेड इन इंडिया : द टाइन स्टोरी को सराहाना मिली। अब अपने अगले प्रोजेक्ट टीडीएस की रिलीज का इंतजार है। उसमें आदित्य रावल के साथ ज्यादा सीन है।
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