कभी था किशोर कुमार का 'आशियाना', आज Virat Kohli को मालामाल कर रहा है सिंगर का बंगला
महान गायक रहे किशोर कुमार के एक आलिशान बंगले से आज विराट कोहली मोटा पैसा कमा रहे हैं। ...और पढ़ें
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किशोर कुमार और विराट कोहली (फोटो क्रेडिट- एक्स)
HighLights
किशोर कुमार का मुंबई था आलिशान घर
विराट कोहली इस काम के लिए करते हैं यूज
इस वजह से मशहूर है किशोर दा का बंगला
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के महान सिंगर रहे किशोर कुमार बेशक आज हमारे बीच नहीं है। लेकिन उनके द्वारा गाए गए यादगार गीत और उनकी जिंदगी के कुछ पहलुओं को लेकर अब भी किशोर दा का जिक्र होता रहता है। मुंबई में किशोर कुमार का एक आलिशाना बंगला हुआ करता था, जो आज भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली के काम आ रहा है।
उनके इस बंगले से कोहली मोटा पैसा कमा रहे हैं। आइए जानते हैं कि किशोर दा की वह प्रोपर्टी कौन सी है और विराट का उससे क्या कनेक्शन है।
कोहली के काम आ रहा है किशोर कुमार का बंगला
एक दिग्गज गायक होने के नाते किशोर कुमार के कई घर थे। उनमें से एक बंगला मुंबई के जूहु इलाके में मौजूद है, जिसका नाम गौरी कुंज है। 4 साल पहले टीम इंडिया के धाकड़ बल्लेबाज विराट कोहली ने किशोर दा के इस आलीशान बंगले का कुछ हिस्सा लीज पर लिया।
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उन्होंने ये लीज एग्रीमेंट अगले 5 साल तक के लिए कराया है, जो 2027 में खत्म हो जाएगा। हालांकि, इसका सटीक आंकड़ा नहीं मिलता कि कोहली ने किशोर कुमार के गौरी कुंज बंगले को कितने करोड़ में लीज पर लिया है,
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लेकिन ये साफ नजर आता है कि इस संपत्ति में वन 8 कम्यून ब्रांड का रेस्टोरेंट ओपन कर कोहली काफी पैसा कमाते हैं। मुंबई के कई बड़े-बड़े फिल्मी सितारों को इस रेस्टोरेंट में हुए स्पॉट किया गया है।
माता-पिता के नाम पर रखा गया बंगले का नाम
किशोर कुमार ने जुहू स्थिति इस बंगले का नाम अपनी मां गौरी देवी और पिता कुंजलाल गांगुली के नाम को मिलाकर रखा था। इस बंगले को किशोर कुमार सिर्फ एक घर से कहीं ज्यादा मानते थे। यह उनके लिए रचनात्मक सुकून की जगह थी। यहां, शांत हरियाली और पुरानी कारों के बीच, यह मशहूर गायक धुनें बनाते थे, दोस्तों-रिश्तेदारों के साथ अनौपचारिक महफिलें जमाते थे और शो-बिजनेस की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर सुकून तलाशते थे।
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प्राइवेसी को लेकर लगाया था बोर्ड
1985 में एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान किशोर कुमार ने इस बात का खुलासा किया था कि गौरी कुंज के बगीचे में वह पेड़ों को अपना साथी मानते थे और एकांतवाm में उनके साथ शांति से वक्त बिताते थे। कहा ये भी जाता है कि अपनी प्राइवेसी को मद्देनजर रखते हुए बंगले के बाहर मुख्य गेट किशोर दा ने एक बोर्ड भी लगाया था, जिस पर लिखा था - "किशोर से सावधान रहें।"