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    Lata Mangeshkar की मुहिम से हिल गया था बॉलीवुड, Mohammed Rafi संग गाने से किया था इनकार; 4 साल तक चली लड़ाई

    Updated: Tue, 16 Jun 2026 10:59 AM (IST)

    मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर के बीच सिंगर्स के 'हक' को लेकर एक ऐसी लड़ाई छिड़ी थी, जिसकी वजह से उन्होंने 4 साल तक एक-दूसरे के साथ काम नहीं किया। ...और पढ़ें

    मोहम्मद रफी का लता मंगेशकर से हुआ था झगड़ा/ फोटो- Instagram

    मोहम्मद रफी का लता मंगेशकर से हुआ था झगड़ा/ फोटो- Instagram

    HighLights

    1. लता मंगेशकर की एक डिमांड पर विरोध में खड़े हो गए थे रफी साहब

    2. भरी मीटिंग में लता मंगेशकर को बोल थी दी थी ऐसी बात

    3. 4 साल तक लता मंगेशकर और रफी साहब ने नहीं किया साथ काम

    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। लता मंगेशकर...यह नाम ही हर हिंदुस्तानी के लिए काफी है। अपने पूरे करियर में 30 हजार से ज्यादा गीत गाने वालीं सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर ने आवाज से करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बनाई है। उन्होंने अकेले तो कई सुपरहिट गाने दिए ही, लेकिन उसके अलावा किशोर कुमार, मन्ना डे, तलत महमूद जैसे कई दिग्गज गायकों के साथ डुएट भी गाए।

    हालांकि, एक बार ऐसा हुआ, जब लता मंगेशकर ने दिग्गज सिंगर मोहम्मद रफी के साथ गाने से साफ-साफ इनकार कर दिया। इसकी वजह थी हक की लड़ाई, जिसका रफी साहब ने विरोध किया। उनकी बात लता दीदी के दिल में ऐसी चुभी कि 4 साल तक दोनों ने साथ में काम नहीं किया। लता मंगेशकर की किस बात को लेकर उनके विरोध में खड़ी हो गई थीं म्यूजिक कंपनिया और क्यों मोहम्मद रफी से हुआ था उनका झगड़ा, नीचे विस्तार से पढ़ें कहानी।

    लता मंगेशकर ने उठाई आवाज तो नाराज हो गए थे रफी साहब

    टाइमलेस इंडियन मेलोडीज नामक फेसबुक ने लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के झगड़े का ये किस्सा शेयर किया है। बराबर की मेहनत के बावजूद 50,60-70 के दौर में सिंगर्स को सिर्फ मेहनताना मिलता था और संगीतकारों को रॉयलटी। एक तरफ जहां म्यूजिक कंपोजर कंपनियों से रॉयल्टी ले रहे थे, तो वहीं सिंगर्स के हाथ सिर्फ नाम मात्र की फीस आती थी। इसी के खिलाफ लता मंगेशकर ने मुहिम छेड़ी थी और गायकों के लिए रॉयल्टी की मांग की थी।

    लता मंगेशकर द्वारा उठाई गई गायकों के लिए रॉयल्टी की मांग का विरोध सिर्फ म्यूजिक कंपनियों ने ही नहीं, बल्कि कई संगीतकारों ने भी किया, जिनमें से एक नाम मोहम्मद रफी का भी है। दरअसल, मोहम्मद रफी का कहना था कि जब कोई सिंगर गाने गाता है, तो उन्हें उनकी फीस मिल जाती है और फिर उसका उस गीत पर कोई अधिकार नहीं रहता है, ऐसे में उनकी रॉयल्टी भी नहीं बनती है। एक दिन जब इस बात को लेकर एक मीटिग रखी गई तो लता मंगेशकर ने अपनी आवाज उठाई, तब गुस्से में तमतमाते हुए मोहम्मद रफी ने यह साफ शब्दों में कह दिया कि वह कभी भी अब लता दीदी संग काम नहीं करेंगे।

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    Lata Mangeshkar- Mohammed Rafi (1)

    4 साल तक नाराज रहीं लता मंगेशकर

    ऐसा कहा जाता है कि मोहम्मद रफी के यह शब्द लता मंगेशकर के दिल में इस कदर चुभ गए कि उन्होंने भी यह कह दिया कि अब वह भी उनके साथ कोई गाना नहीं गाएंगी। दोनों के बीच यह नाराजगी तकरीबन 4 साल तक चली। हालांकि, बाद में संगीतकार जय किशन ने कम की। उन्होंने दोनों को समझाया, लता दीदी तो नहीं मानी। शंकर-जयकिशन की जोड़ी ने एक म्यूजिक लाइव कंसर्ट का आयोजन किया, जहां खुद रफी साहब ने मंच पर लता मंगेशकर से माफी मांगी।

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    मोहम्मद रफी के इस जेश्चर से लता मंगेशकर का दिल भी पसीज गया। उन्होंने 4 साल चली लड़ाई के बाद साल 1967 में फिल्म 'पालकी' के गाने 'दिल ए नादां तुझे हुआ क्या था' में रफी साहब संग डुएट गाया, जो बड़ा हिट साबित हुआ।

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