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    150 बार एडिट, बाथरूम में हुआ रिकॉर्ड; Mughal-e-Azam का वायरल गाना जिसे बनाने में 65 साल पहले खर्च हुए 1 करोड़

    Updated: Thu, 29 Jan 2026 09:16 PM (IST)

    फिल्म 'मुगल-ए-आजम' (1970) बॉलीवुड की एक प्रतिष्ठित फिल्म है, जिसका गाना 'प्यार किया तो डरना क्या' आज भी कल्ट क्लासिक है। इस गाने को 150 फीट लंबे सेट प ...और पढ़ें

    Mughal-E-Azam की रिलीज को हुए 65 साल

    Mughal-E-Azam की रिलीज को हुए 65 साल

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    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। साल 1970 में रिलीज हुई 'मुगल-ए-आजम' (Mughal- E- Azam) बॉलीवुड के इतिहास की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में से एक है। इसके दमदार डायलॉग्स, सदाबहार गीत और खूबसूरत सीन्स दर्शकों के दिलों में आजतक बसे हुए हैं। 65 साल पहले बनी इस ऐतिहासिक फिल्म में दिलीप कुमार, पृथ्वीराज कपूर, मधुबाला, दुर्गा खोटे और निगार सुल्ताना जैसे दिग्गज कलाकार मुख्य भूमिकाओं में थे।

    इनमें से एक गाना 'प्यार किया तो डरना क्या' आज भी एक कल्ट क्लासिक गाना है। लता मंगेशकर की आवाज से सजा जब ये गीत बजता है तो कानों में इसके मधुर बोल अपने आप गूंजने लगते हैं।

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    लगाया गया था लंबा-चौड़ा सेट

    मोहन स्टूडियो में बना ये गाना 150 फीट लंबे, 80 फीट चौड़े और 35 फीट ऊंचे सेट पर फिल्माया गया था। इस गाने को तैयार होने में दो साल लगे। पूरे सेट की लागत 1 करोड़ रुपये से अधिक थी, जो उस समय किसी भी हिंदी फिल्म के कुल बजट से कहीं अधिक थी। कई इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आज के समय में इस गाने की शूटिंग की जाती, तो इसकी अनुमानित लागत लगभग 55 करोड़ रुपये होती।

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    संगीत निर्देशक नौशाद अली और गीतकार शकील बदायूनी ने गीत की रचना में बहुत सावधानी बरती। नौशाद ने अंतिम रूप देने से पहले इसे कई बार फिर से लिखवाया। अंत में मंजूरी मिलने तक गाने को लगभग 105 बार एडिट किया गया।

    बाथरूम में क्यों गाया था गाना?

    महान गायिका लता मंगेशकर ने इस गीत को गाया था और इसे इको इफेक्ट की मदद से फिल्माया गया था, जो उस समय एक दुर्लभ तकनीक थी। जाहिर तौर पर, नौशाद कुछ अलग प्रयोग करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने क्रिएटिव दिमाग लगाया और लता मंगेशकर को बाथरूम स्टूडियो में गाने के लिए कहा ताकि गाने को वह डीप इको इफेक्ट मिल सके।

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