33 साल की उम्र में Lata Mangeshkar को दिया गया था 'जहर', बाल-बाल बची थी सुर साम्राज्ञी की जान
Lata Mangeshkar Death Anniversary: क्या आप जानते हैं कि लता मंगेशकर को उनके एक नौकर ने 'जहर' दिया था? दिग्गज सिंगर ने खुद इस बात का खुलासा किया था। आइ ...और पढ़ें
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जब लता मंगेशकर को दिया गया था 'जहर'

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 'सुरों की रानी' लता मंगेशकर ने अपनी सुरीली आवाज से सभी को मंत्रमुग्ध किया है। किसी फिल्म में उनका गाना हो ना ही सफलता की गारंटी होता था। आएगा आनेवाला, अजीब दास्तां है ये, आपकी नजरों ने समझा, प्यार किया तो डरना क्या, मेरा साया साथ होगा, पिया तोसे, आज फिर जीने की तमन्ना और ऐसे ही कई गानों से लता ने हर गाने में जान डाल दी।
चौंकाने वाली है ये घटना
दिग्गज सिंगर ने 6 फरवरी, 2022 को दुनिया को अलविदा कह दिया, जिससे म्यूजिक इंडस्ट्री में हमेशा के लिए एक खालीपन आ गया। लता ताई की जिंदगी के कई ऐसे पहलू हैं जिनके बारे में लोग नहीं जानते और उनकी जिंदगी की सबसे चौंकाने वाली घटनाओं में से एक वह थी जब उन्हें जहर दिया गया था।
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1962 में, जब लता मंगेशकर अपने करियर के शिखर पर थीं, तब दिग्गज सिंगर के साथ एक चौंकाने वाली घटना हुई। उन्हें जहर दिया गया था, और इस खबर ने उनके फैंस को अंदर तक हिला दिया था।
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सिंगर को दिया गया था 'जहर'
कई लोगों को लगा था कि लता मंगेशकर अब कभी गा नहीं पाएंगी क्योंकि वह तीन महीने तक बिस्तर पर थीं। नसरीन मुन्नी कबीर से किताब 'लता मंगेशकर इन हर ओन वॉइस' के लिए बात करते हुए, दिग्गज गायिका ने उस समय के बारे में बात की जब उन्हें जहर दिया गया था।
इसके बारे में बताते हुए लता ने कहा, 'हम मंगेशकर इस बारे में बात नहीं करते, क्योंकि यह हमारी जिंदगी का बहुत बुरा दौर था। 1962 में, मैं लगभग तीन महीने तक बहुत बीमार रही। एक दिन, मैं पेट में बहुत बेचैनी महसूस करते हुए उठी। फिर मुझे उल्टी होने लगी - यह बहुत भयानक था, उल्टी का रंग हरा था। डॉक्टर आए और वे घर पर एक्स-रे मशीन भी लाए क्योंकि मैं हिल नहीं पा रही थी। उन्होंने मेरे पेट का एक्स-रे किया और कहा कि मुझे धीरे-धीरे जहर दिया जा रहा है'।
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नौकर पर लगा आरोप
लता को जहर दिए जाने की खबर सुनकर, उनकी बहन उषा सीधे किचन में गईं और सबको बताया कि अब से वह नौकरों के बजाय लता ताई के लिए खाना बनाएंगी। उषा मंगेशकर के निर्देश सुनकर, एक नौकर बिना पैसे लिए ही तुरंत चला गया। और परिवार को पता चला कि किसी ने नौकर को वहां भेजा था। इसी बातचीत में, लता मंगेशकर ने बताया कि उन्हें उस व्यक्ति का पता चल गया था जिसने उन्हें जहर दिया था, लेकिन उन्होंने उस व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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नहीं गई थी लता दीदी की आवाज
लता मंगेशकर ने कहा, 'हां, हमें पता चल गया था कि वह कौन था। लेकिन हमने कोई कार्रवाई नहीं की क्योंकि हमारे पास उस व्यक्ति के खिलाफ कोई सबूत नहीं था। बातचीत के दौरान, लता मंगेशकर ने उस गलतफहमी के बारे में भी बात की कि लोगों को लगता था कि जहर देने की वजह से लता ताई की आवाज चली गई थी। उन्होंने इसे एक अफवाह बताया था।
सिंगर ने आगे कहा था, 'यह सच नहीं है। यह मेरे धीमे जहर दिए जाने के बारे में फैलाई गई एक मनगढ़ंत कहानी है। किसी भी डॉक्टर ने मुझसे यह नहीं कहा कि मैं गा नहीं पाऊंगी। बल्कि, हमारे फैमिली डॉक्टर डॉ. आर. पी. कपूर, जिन्होंने मेरा इलाज किया, उन्होंने कहा था कि वह मुझे फिर से ठीक होते हुए देखना चाहते हैं। लेकिन मैं सालों से फैलाई जा रही गलतफहमी को दूर कर देना चाहती हूं, मेरी आवाज नहीं गई थी। लेकिन हां यह कन्फर्म हो गया था कि मुझे धीरे-धीरे जहर दिया जा रहा था।
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यह कंपोजर हेमंत कुमार थे जिन्होंने लता मंगेशकर के ठीक होने के बाद उनके साथ पहला गाना रिकॉर्ड किया था। सभी मिथकों को तोड़ते हुए, लता ताई स्टूडियो गईं और फिल्म 'बीस साल बाद' के लिए 'कहीं दीप जले कहीं दिल' गाना गाया और इसी गाने के लिए उन्हें दूसरा फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।