67 सालों से 'छोटी बहन' को चिढ़ाने के लिए भाई गाते हैं Lata Mangeshkar का ये गीत, रक्षाबंधन पर है सबका फेवरेट
लता मंगेशकर का 'छोटी बहन' के लिए गाया ये पवित्र गीत रक्षाबंधन पर भाई-बहन के रिश्ते के प्यार को दर्शाता ...और पढ़ें
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एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। स्वर सामज्ञी लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने हमें कई मखमली और दिल को छू लेने वाले गाने दिए हैं। इनमें से कई तीज-त्योहारों पर भी एकदम स्टीक बैठते हैं या यूं कह लीजिए उसी के लिए बनाए गए हैं।
आज हम आपके लिए रोमांटिक सैड सॉन्ग से बिल्कुल अलग बॉलीवुड का एक ऐसा गीत लेकर आए हैं जिसे खासतौर पर रक्षाबंधन (Rakshabandhan) के मौके पर भाई-बहन के बीच के रिश्ते, प्रेम और नटखट नादानियों को दिखाने के लिए बनाया गया है।
शैलेंद्र ने लिखे हैं गीत के बोल
हम बात कर रहे हैं साल 1959 में आई फिल्म 'छोटी-बहन' की के गाने 'भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना' की। फिल्म के इस गाने का लता मंगेशकर ने आवाज दी थी और शंकर जयकिशन का संगीत था। लिरिक्स शैलेंद्र ने लिखे थे।
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गाने के बोल 'भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना, भैया मेरे, छोटी बहन को न भुलाना है' जिसे एक बहन भाई को राखी बांधने की तैयारी करते समय गा रही है। अब इस गाने को कुछ लोगों ने मजाक-मजाक में 'भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना, भैया मेरे छोटी बहन को न बुलाना' कहकर गाना शुरू कर दिया जिससे छोटी बहनें इसे सुनते ही चिढ़ने लग जाती हैं।
बहनें करती हैं भाई की लंबी उम्र की कामना
गाना भाई-बहन के पवित्र, निर्मल और अटूट प्रेम की गहराई को बयां करता है। सावन के महीने में आने वाला यह त्योहार नदी के निर्मल पानी की तरह पवित्र खुशियां लेकर आता है। भाई के माथे पर तिलक लगाकर बहन उसकी लंबी उम्र और सुख की कामना करती है।
गीतकार शैलेंद्र ने इसमें किसी भारी-भरकम शब्द का उपयोग किए बिना एक बहन के दिल की सीधी और सच्ची बात को शब्दों में पिरोया है। वहीं दूसरी ओर लता मंगेशकर ने अपनी आवाज में इसे हमेशा के लिए अमर बना दिया।
