63 साल पहले Lata Mangeshkar ने गाया बी-ग्रेड फिल्म का गाना, आज भी घोलता है कानों में शहद; सनकी था संगीतकार
लता मंगेशकर ने 63 साल पहले एक ऐसे सनकी संगीतकार के लिए बी-ग्रेड फिल्म का गाना गाया था, जो आज ...और पढ़ें

लता मंगेशकर ने बहन संग मिलकर गाया था बी-ग्रेड फिल्म का गाना/ फोटो- Instagram

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर ने अपने शानदार करियर में एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने दिए हैं, जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं। उन्होंने अपने जमाने की दिग्गज अभिनेत्रियों मधुबाला, नरगिस, मीना कुमारी, नूतन और वैजयंतीमाला जैसी कई बड़ी अभिनेत्रियों के लिए प्लेबैक सिंगिंग की।
हालांकि, 63 साल पहले उन्होंने एक ऐसा सदाबहार गाना भी गाया था, जो उस दौर की एक 'बी-ग्रेड' फिल्म का हिस्सा था। इस गाने को उन्होंने अकेले नहीं, बल्कि अपनी बहन उषा मंगेशकर के साथ मिलकर गाया था। दिलचस्प बात यह है कि इस गाने को जिस म्यूजिक डायरेक्टर ने कंपोज किया था, उनके अपने ही गुरु ने उन्हें 'सनकी' का टैग दे दिया था। आइए जानते हैं क्या था वह सुपरहिट गीत और क्यों संगीतकार को 'सनकी' कहा गया।
63 साल पहले 'बी-ग्रेड' फिल्म के गाने ने मचाई थी धूम
जिस गाने का जिक्र हम कर रहे हैं, वह साल 1963 में रिलीज हुई फिल्म 'शिकारी' का है। इस फिल्म में अजित, रागिनी, हेलेन, मदन पुरी और के.एन. सिंह जैसे कलाकारों ने काम किया था। यह उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक थी। हालांकि, जिस प्रोडक्शन बैनर तले यह फिल्म बनी थी, वह 'बी-ग्रेड' फिल्में बनाने के लिए जाना जाता था। इसी वजह से 'शिकारी' को भी उस समय बी-ग्रेड फिल्मों की कैटेगरी में रखा गया।
इस फिल्म के कई गाने लोकप्रिय हुए थे, जैसे 'छम छम बाजे घुंघरू', 'चमन के फूल', 'अगर मैं पूछूं जवाब दोगे' और 'मांगी हैं दुआएं हमने', लेकिन जो गाना सबसे ज्यादा लोगों के कानों में शहद घोलने में कामयाब रहा, वह था "तुमको पिया दिल दिया कितने नाज से"। इसे लता मंगेशकर और उनकी बहन उषा मंगेशकर ने अपनी मखमली आवाज में पिरोया था। इस गाने का संगीत जी.एस. कोहली (G.S. Kohli) ने तैयार किया था।

क्यों ओ.पी. नय्यर ने जी.एस. कोहली को कहा था 'सनकी'?
जी.एस. कोहली 50 और 60 के दशक के उन प्रतिभाशाली संगीतकारों में से एक थे, जिनका नाम आज की पीढ़ी शायद कम ही जानती है। उनका पूरा नाम गुरशरण सिंह कोहली था और वे हिंदी सिनेमा के बेहतरीन संगीतकारों में शुमार थे। अधिकतर लोग उन्हें महान संगीतकार ओ.पी. नय्यर के मुख्य असिस्टेंट के रूप में जानते हैं।
कहा जाता है कि ओ.पी. नय्यर और जी.एस. कोहली दोनों ही थोड़े गुस्सैल मिजाज के थे, लेकिन इसके बावजूद कोहली ने कभी अपने गुरु नय्यर साहब का साथ नहीं छोड़ा। हालांकि, एक पुराने इंटरव्यू में खुद ओ.पी. नय्यर ने उन्हें 'सनकी' कह दिया था। नय्यर साहब ने कहा था "कोहली बहुत ही टैलेंटेड है, लेकिन थोड़ा सनकी भी है। वह काम के दौरान बार-बार मुझसे पूछता रहता था कि- "और कितने दिन मुझे क्लैरिनेट के पीसेस निकालने हैं?"
कोहली का कंपोजिशन और लता-उषा की जोड़ी का जादू
फिल्म 'शिकारी' के गाने ऑल-टाइम हिट होने के बाद जी.एस. कोहली ने अपनी आने वाली लगभग हर फिल्म में एक ऐसा गाना जरूर रखा, जिसमें दो फीमेल सिंगर्स का डुएट डांस हो। उन्होंने कई फिल्मों में दो महिला गायिकाओं से ही मुख्य गाने गवाए, जो उस दौर में अपने आप में एक अनोखा प्रयोग था।
जी.एस. कोहली अधिकतर 'कॉस्ट्यूम ड्रामा' फिल्में किया करते थे, जिनके दृश्यों में दो महिला गायिकाओं की आवाज ही सबसे बेहतर फिट बैठती थी। यही वजह है कि जी.एस. कोहली की कंपोज की हुई फिल्मों के ज्यादातर मशहूर गानों को लता मंगेशकर और उषा मंगेशकर की जोड़ी ने ही अपनी आवाज दी।
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