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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    India Lockdown में प्रतीक बब्बर निभाएंगे प्रवासी मजदूर की भूमिका, पैदल चलकर जाएंगे अपने घर, देखें वीडियो

    By Jagran NewsEdited By: Rupesh Kumar
    Updated: Sun, 27 Nov 2022 03:14 PM (IST)

    India Lockdown Films फिल्म इंडिया लॉकडाउन भारत के प्रवासी मजदूरों की कहानी पर आधारित है। जिन्हें लॉकडाउन में अपने घर पैदल चलकर जाना पड़ा था। इस फिल्म म ...और पढ़ें

    India Lockdown Films: प्रतीक बब्बर फिल्म इंडिया लॉकडाउन में अहम भूमिका निभाते है।
    India Lockdown Films: प्रतीक बब्बर फिल्म इंडिया लॉकडाउन में अहम भूमिका निभाते है।

    नई दिल्ली, जेएनएन। India Lockdown Film: प्रतिक बब्बर जल्द मधुर भंडारकर के निर्देशन में बनने वाली फिल्म इंडिया लॉकडाउन में प्रवासी मजदूर की भूमिका निभाते नजर आएंगे। प्रतीक बब्बर बॉलीवुड की दम मारो दम, दरबार और ब्रह्मास्त्र जैसी फिल्मों में काम किया है। अब वह जल्द फिल्म इंडिया लॉकडाउन में नजर आएंगे। इस फिल्म में वह माधव नामक प्रवासी मजदूर की भूमिका निभा रहे है, जिन्हें लॉकडाउन के चलते अपने गांव पैदल चलकर जाना पड़ता है।

    प्रतीक बब्बर कहते हैं, 'मेरी भूमिका प्रवासी मजदूर की है' 

    इस बारे में बताते हुए प्रतीक बब्बर कहते हैं, 'मेरी भूमिका प्रवासी मजदूर की है जो इस दुविधा में फंस जाता है कि लॉकडाउन में वह अपने गांव वापस चला जाए या शहर में रहकर जीने का प्रयास करें। जब प्रतीक बब्बर से पूछा गया कि वह अपनी इस भूमिका के लिए कैसे तैयारी की। इस पर उन्होंने कहा, 'हम इस भूमिका के लिए कड़ी मेहनत की हैं। बहुत सारी तैयारियां चल रही थी। मैं कुछ प्रवासी मजदूर से भी मिला। उनसे दिल से दिल तक की बात की। मैं बहुत ध्यान से सब कुछ देख रहा था। उन्होंने मुझे विस्तार में जानकारियां दी। मैंने उनकी भावनाओं को भी समझने का प्रयास किया। इसके अलावा में उनकी दैनिक दिनचर्या को भी जानने का प्रयास कर रहा था। मैंने माधव की भूमिका को उन सबकी भावनाओं को समेट कर करने का प्रयास किया।'

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    प्रतिक बब्बर ने यह भी कहा कि एक-दूसरी चुनौती स्थानीय भाषा को सीखना था

    प्रतिक बब्बर ने यह भी कहा कि एक-दूसरी चुनौती स्थानीय भाषा को सीखना था। इसके लिए उन्होंने कोचिंग ली और कई फिल्में भी देखी। प्रतीक बब्बर कहते हैं, 'मेरा जो डायलेट है। वह अलग है। यह हिंदी है लेकिन बिहारी हिंदी होगी। इसमें मैं अलग अंदाज में बात कर रहा हूं। मेरा एक डायलॉग कोच भी सेट पर था जो मुझे डायलॉग और इमोशन को समझने में मदद करता है। मैंने आक्रोश, अंकुर और दो बीघा जमीन जैसी फिल्में देखी है। मैंने मजदूरों के संघर्ष को समझने का प्रयास किया है।' गौरतलब है कि इंडिया लॉकडाउन कोरोना वायरस के दौरान भारत में लगे लॉकडाउन पर आधारित है। यह फिल्म बताएगी कि किस प्रकार लोग जॉबलेस हो गए और मजदूरों को पैदल चलकर अपने घर जाना पड़ा।

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    प्रतीक बब्बर आगे कहते हैं, 'मुझे लगता है कोरोना वायरस बिमारी आसान नहीं थी'

    प्रतीक बब्बर आगे कहते हैं, 'मुझे लगता है कोरोना वायरस बिमारी आसान नहीं थी। हमें इसने बताया कि हम मिलकर अंधेरे का सामना कर सकते हैं और हमेशा मिलकर ही उभर सकते हैं। हमारी मानवीय क्षमताओं को चुनौती दी गई और हम इसमें पहले से अधिक अच्छे से उभरे हैं।' इंडिया लॉकडाउन में श्वेता प्रसाद बासु, आहना कुमरा, प्रकाश बेलवाड़ी की अहम भूमिका है। यह फिल्म 2 दिसंबर से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम होगी।

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