'सनी देओल ने देर रात फोन पर....', Batwara 1947 एक्ट्रेस Preity Zinta कभी नहीं भूलीं वो दिन; डायरी में लिखी बात
'बंटवारा: 1947' के प्रमोशन के दौरान प्रीति जिंटा ने एक ऐसा इंसिडेंट शेयर किया, जब सनी देओल ने रात में उन्हें एक हरकत के लिए बुरी तरह डांटा था। ...और पढ़ें

सनी देओल से जब प्रीति को पड़ी थी डांट/ फोटो- Instagram
दीपेश पांडेय , मुंबई। फिल्म 'बंटवारा 1947' से सिनेमा जगत में लौट रहीं प्रीति जिंटा ने निजी जीवन, हिंदी सिनेमा में आए बदलावों और सनी देओल संग अपने पुराने रिश्तों को लेकर बातचीत की और साथ ही कई पुरानी यादों को भी ताजा किया।
'मैंने एक्टिंग को कभी मिस नहीं किया'
साल 2018 में प्रदर्शित फिल्म भैयाजी सुपरहिट के बाद अभिनेत्री प्रीति जिंटा अब अभिनेता सनी देओल के साथ ही फिल्म बंटवारा 1947 से सिनेमा जगत में वापसी कर रही हैं। इतने समय तक अभिनय और सिनेमा जगत से अपनी दूरी का कारण प्रीति जिंटा बताती हैं, "मैं अपनी जिंदगी की सबसे बेहतर चीजें कर रही थी। अपने परिवार के साथ समय बिता रही थी और मातृत्व का आनंद ले रही थी। मैंने अपने करियर को बहुत समय दिया, उसके बाद मैं अपनी व्यक्तिगत जिंदगी पर ध्यान देना चाहती थी।"
प्रीति जिंटा ने आगे कहा, "मुझे लगता है कि जीवन के हर पड़ाव को खुलकर जीना चाहिए और आनंद उठाना चाहिए। मैं भी वही कर रही थी। भारत से बाहर रहने के दौरान मुझे भारत की तो बहुत याद आई। हालांकि, मैंने एक्टिंग को कभी मिस नहीं किया, क्योंकि फिलहाल मैं अपनी जिंदगी का सबसे बेहतरीन रोल निभा रही हूं, वो है मां का रोल।"
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प्रीति ने बताया कमबैक के लिए क्यों चुनी बंटवारा?
वहीं वापसी के लिए लेकर बंटवारा 1947 फिल्म चुनने पर वह कहती हैं, "मैं हमेशा से राजकुमार संतोषी के साथ काम करना चाहती थी, मैंने उनके साथ पहले कभी नहीं काम किया था। एक पीरियड फिल्म करना चाहती थी। इसके अलावा मुझे इस फिल्म की कहानी पसंद आई कि जिंदगी की सबसे मुश्किल समय में भी उम्मीद की एक किरण होती है। लोग कह रहे हैं कि यह दो देशों के बीच की कहानी है, लेकिन यह एक परिवार की कहानी है कि वो विभाजन की परिस्थितियों से कैसे गुजरते हैं?’
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वर्तमान में हिंदी सिनेमा में बदलावों को लेकर प्रीति कहती हैं, "अब भारत अपनी कहानियां गर्व से बता रहा है। अब सिनेमा में हमारी संस्कृति, हमारे क्षेत्रीय लोगों, हमारे रियल हीरोज और हमारी सेना समेत कई चीजों की कहानियां बताई जा रही हैं। पहले (जब प्रीति ने हिंदी सिनेमा में शुरुआत की थी) सिनेमा में बहुत सारी एनआरआई (अप्रवासी भारतीय) लोगों की कहानियां होती थी कि उन्हें विदेश में जाकर क्या मिल रहा है।
अब हमारे सिनेमा में हमारी उपलब्धियों और इतिहास के बारे में बताया जा रहा है, जैसे हम मंगल ग्रह तक कैसे पहुंचे? हमारी जड़ों से जुड़ी कहानियां बताई जा रही हैं। वर्तमान में भारतीय लोग पूरी दुनिया में अपना झंडा गाड़ रहे हैं और जो अब हमारे सिनेमा में भी दिख रहा है।"
'सनी ने फोन उठाकर मुझे डांट दिया'
फर्ज, द हीरो : लव स्टोरी ऑफ ए स्पाई, हीरोज और भैयाजी सुपरहिट के बाद सनी के साथ प्रीति की यह पांचवी फिल्म है। समय के साथ सनी के साथ बढ़ती सहजता पर प्रीति कहती हैं, "अब इतनी फिल्मों के बाद मेरी सहजता उनके साथ बढ़ गई है, क्योंकि पहली बार तो उनके साथ काम करते हुए मैं उनसे बहुत डरी हुई थी। दरअसल, अभिनय में आने से पहले ही मैं और बॉबी (बॉबी देओल) बहुत अच्छे दोस्त थे। एक दिन मेरे दूसरे दोस्तों ने रात में साढ़े 10-11 बजे बॉबी को फोन करने के लिए कहा। मैंने फोन किया। सामने से फोन सनी सर ने उठाया और जोर से डांटा कि क्या यह फोन करने का समय है?

मैंने तुरंत फोन रख दिया। मैंने उसके बारे में अपनी डायरी में भी लिखा। फिर जब उनके साथ पहली बार फिल्म फर्ज करने गई तो मुझे लगा कि उन्हें वह बात याद होगी, लेकिन ऐसा नहीं था। पहली फिल्म फर्ज तो तनाव में ही चली गई। द हीरो : लव स्टोरी ऑफ ए स्पाई में हम एक दूसरे के साथ थोड़ा सहज हुए।"