हीरोइन के चलते पिता Raj Kapoor से रहे नाराज, अंतिम संस्कार में भी नहीं गए; 58 की उम्र में छोड़ी दुनिया
राज कपूर के तीनों बेटों ने बॉलीवुड में अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन उनमें से एक बेटे का सिक्का नहीं चला। ...और पढ़ें
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राज कपूर के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचा था उनका बेटा/ फोटो- इंस्टाग्राम
HighLights
एक हीरोइन की वजह से आई थी पिता-बेटे के रिश्ते में दरार
राज कपूर से नाराजगी के कारण अंतिम संस्कार में नहीं गए बेटे
पत्नी से तलाक के बाद जिंदगी भर के लिए रह गए थे अकेले
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के पहले शोमैन राज कपूर (Raj Kapoor) की फिल्मों में उनका मुख्य किरदार हीरो नहीं, बल्कि हीरोइंस हुआ करती थीं। दिग्गज अभिनेता और डायरेक्टर ने ऐसी कई एक्ट्रेसेस को लॉन्च किया, जो आज राज कपूर की हीरोइनों के नाम से जानी जाती हैं। उन्होंने डिंपल कपाड़िया से लेकर पद्मिनी कोल्हापुरे, मंदाकिनी, जेबा बख्तियार जैसे कई नए चेहरों को मौका दिया।
हालांकि, रिपोर्ट्स की मानें तो एक हीरोइन के चक्कर में राज कपूर के तीनों बेटों में से एक उनसे इतना ज्यादा नाराज हो गया था कि वह अपने पिता की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार में भी नहीं पहुंचा था।
क्यों राज कपूर के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचा था उनका बेटा
ये तो हम सब जानते हैं कि राज कपूर के तीन बेटे रणधीर, ऋषि कपूर और राजीव कपूर तीनों ही बेटों ने हिंदी सिनेमा में अपनी किस्मत आजमाई। तीनों भाइयों में सबसे ज्यादा सफल ऋषि कपूर हुए, रणधीर कपूर का करियर ठीक रहा, लेकिन राजीव कपूर बॉलीवुड में अपना दबदबा नहीं बना पाए। उन्होंने अपना करियर खराब होने का ठीकरा किसी और पर नहीं, बल्कि पिता राज कपूर पर फोड़ा था।
दरअसल, राजीव कपूर ने फिल्मी दुनिया में साल 1983 में 'एक जान हैं हम' से कदम रखा था, लेकिन उन्हें अपने डेब्यू के साथ ही फ्लॉप का टैग मिल गया। राज कपूर ने हार नहीं मानी और बेटे को 1985 में आई फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' के साथ री-लॉन्च किया। इस फिल्म में उनके अपोजिट मंदाकिनी नजर आई थीं। राजीव को ये उम्मीद थी कि मूवी से उनका करियर चमकेगा, लेकिन हुआ उससे उल्टा। मूवी की पूरी लाइमलाइट मंदाकिनी ले गईं और उन्हें ही फिल्म की सफलता का श्रेय भी मिला।

जिस तरह से राज कपूर ने मंदाकिनी के इर्द-गिर्द मूवी की कहानी को समेटा यह बात राजीव कपूर को काफी चुभ गई और वह अपने पिता से नाराज हो गए। ऐसा कहा जाता है कि 'राम तेरी गंगा मैली' के बाद पिता और बेटे में काफी तू-तू, मैं-मैं हुई और उनके रिश्ते में दरार आ गई। कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया है कि, दोनों के रिश्ते में इस कदर कड़वाहट पैदा हो गई थी कि राज कपूर के अंतिम संस्कार के लिए भी राजीव कपूर नहीं पहुंचे थें।
पत्नी से तलाक के बाद अकेलेपन का शिकार हुए थे राजीव?
राजीव कपूर ने न सिर्फ अपने करियर में उतार चढ़ाव देखा, बल्कि अभिनेता के पिता के अलावा पत्नी संग भी रिश्ते खराब रहे। साल 2001 में एक्टर ने आर्किटेक्ट आरती सभरवाल से शादी की, लेकिन 2003 में उनका रिश्ता तलाक तक पहुंच गया। पत्नी से अलग होने के बाद वह पुणे में एक बंगला खरीदकर अकेले रहने लगे। कहते हैं शराब पीने की आदत की वजह से उनकी जिंदगी में काफी मुश्किलें आई।
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हालांकि, बाद में वह अपने भाई रणधीर कपूर के चेंबूर में रहने लगे। अकेलेपन का शिकार हुए राजीव कपूर का 9 फरवरी 2021 में मुंबई में हार्टअटैक से निधन हो गया। अभिनेता के निधन के बाद 2022 में उनकी आखिरी फिल्म ‘टूल्सिडास जूनियर' रिलीज हुई।
