'एक को मारो, 10 पैसे देंगे..', Ram Gopal Varma ने अंडरवर्ल्ड का खोला बड़ा राज, बताया-क्यों बिग स्टार्स थे निशाना?
इंडस्ट्री में 36 साल बिता चुके 'सत्या' के डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में 90 के दशक में अंडरवर्ल्ड को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन ...और पढ़ें

राम गोपाल वर्मा ने अंडरवर्ल्ड को लेकर किए कई खुलासे

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 1980 से 90 के दशक में बॉलीवुड पर अंडरवर्ल्ड का गहरा खौफ और कंट्रोल था। फिल्मों की फंडिंग से लेकर एक्ट्रेसेस की कास्टिंग तक, हर जगह उनका दखल था। अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग खुलेआम बड़े-बड़े सितारों और निर्माताओं से फिरौती की मांग करते थे। मांग पूरी न होने पर कई एक्टर्स को न सिर्फ जान से मारने की धमकियां मिलीं, बल्कि उन पर गोलियां भी चलाई गईं।
अब हाल ही में, फिल्म इंडस्ट्री में 36 साल से ज्यादा का वक्त गुजार चुके मशहूर निर्देशक राम गोपाल वर्मा (Ram Gopal Varma) ने इस खौफनाक दौर के कई राज खोले हैं। उन्होंने बताया कि आखिर क्यों अंडरवर्ल्ड ने राकेश रोशन और गुलशन कुमार जैसी दिग्गज हस्तियों को ही अपना निशाना बनाया था।
अंडरवर्ल्ड 'पावर' दिखाने के लिए करता था वार
राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में राइटर हुसैन जैदी के साथ एक खास बातचीत में खुलासा किया कि उस दौर में अंडरवर्ल्ड का कोई भी एक्शन बिना सोचे-समझे या मनमानी नहीं होता था, बल्कि यह उनकी सोची-समझी हरकत होती थी। डायरेक्टर ने कहा,
"जब अंडरवर्ल्ड को अपनी पावर दिखानी होती थी, तो वे राकेश रोशन, सलमान खान और शाहरुख खान जैसे बड़े सितारों को ही निशाना बनाते थे। इंडस्ट्री में कुछ लोग ऐसे भी थे, जो खुद को आम इंसान से बहुत बड़ी हस्ती समझते थे, इसलिए उन्हें डराना जरूरी समझा जाता था।"
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पैसे निकलवाने के लिए अंडरवर्ल्ड करता था ऐसी हरकत
राम गोपाल वर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि अंडरवर्ल्ड का मकसद सिर्फ पैसे कमाना नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री पर अपना खौफ और नियंत्रण कायम करना था। बड़े स्टार्स को डराकर वे अपना अधिकार जमाना चाहते थे। निर्देशक ने बताया,
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"अगर मान लीजिए कोई पैसा देने से इनकार कर रहा है, तो वे एक खौफनाक उदाहरण सेट करने के लिए किसी बड़े नाम पर हमला करते थे। उनका मकसद यह मैसेज देना था कि 'देखो उसके साथ क्या हुआ... यह तुम्हारे साथ भी हो सकता है।' किसी एक को मारकर अंडरवर्ल्ड 10 लोगों से आसानी से पैसे ऐंठ लेता था।"
राकेश रोशन पर गोली और गुलशन कुमार की हत्या का सच
साल 2000 में ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कहो ना प्यार है' की सफलता के बाद राकेश रोशन (Rakesh Roshan) पर जानलेवा हमला हुआ था। इस पर दावा करते हुए राम गोपाल वर्मा ने कहा कि गैंगस्टर रातों-रात सुपरस्टार बने ऋतिक रोशन की डेट्स और फिल्म प्रोजेक्ट्स पर कंट्रोल करना चाहते थे, जिसे कथित तौर पर छोटा शकील का समर्थन हासिल था। जब राकेश रोशन ने इसका डटकर विरोध किया, तो उन पर गोलियां चलाई गईं।
वहीं, 1997 में टी-सीरीज (T-Series) के संस्थापक गुलशन कुमार की दिनदहाड़े हुई हत्या पर आरजीवी ने कहा कि इसमें सफलता की जलन, सत्ता की पावर और विरोध सब कुछ शामिल था। 'सरकार' फेम डायरेक्टर ने कहा,
"गुलशन कुमार अपनी अपार सफलता और प्रभाव के कारण उनके निशाने पर आए। इस हत्या ने अबू सलेम जैसे गैंगस्टर को अंडरवर्ल्ड की दुनिया में अपनी धाक जमाने का तरीका दे दिया।"
उन्होंने आगे बताया कि गुलशन कुमार ने कथित तौर पर एक्सटॉर्शन मनी देने से साफ इनकार कर दिया था, क्योंकि वह जल्दी डरने वालों में से नहीं थे। जब गुलशन कुमार की हत्या की खबर आई, उस वक्त राम गोपाल वर्मा निर्माता झामु सुगंध के घर पर थे, और इस खबर ने पूरी इंडस्ट्री को बुरी तरह से डरा दिया था।
गैंगस्टर पर बनी फिल्मों की फंडिंग भी करता था अंडरवर्ल्ड?
राम गोपाल वर्मा ने बताया कि 90 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री फाइनेंस से लेकर कास्टिंग तक, कई लेवल पर अंडरवर्ल्ड से जुड़ी हुई थी। मुंबई के पूर्व जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, डी. शिवानंदन ने भी यह बात कही थी कि उस दौर में गैंगस्टर पर बनने वाली ज्यादातर फिल्मों की फंडिंग कथित तौर पर खुद अंडरवर्ल्ड ही करता था। उस समय इंडस्ट्री में एक अनकहा डर था और कई बड़ी हस्तियों की अंडरवर्ल्ड डॉन्स के साथ तस्वीरें भी सामने आती थीं।
आपको बता दें कि राम गोपाल वर्मा बॉलीवुड के वो मशहूर डायरेक्टर हैं, जिन्होंने 'सत्या', 'कंपनी' और 'डी' जैसी शानदार फिल्में बनाकर बड़े पर्दे पर अंडरवर्ल्ड और गैंगस्टर्स की खौफनाक दुनिया को सबसे करीब से दिखाया है।
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