'सर्कस के जोकर लगने लगे हैं वह हीरो...', Dhurandhar 2 को इस निर्देशक ने क्यों बताया हॉरर?
धुरंधर 2 की दीवानगी फैंस के सिर चढ़कर बोल रही है। हाल ही में इंडस्ट्री के हीरो और फिल्ममेकर्स पर निशाना साधते हुए एक निर्देशक ने 'धुरंधर-2' को इस कारण ...और पढ़ें

डायरेक्टर ने 'धुरंधर- द रिवेंज' को बताया हॉरर/ फोटो- Instagram

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 'धुरंधर: द रिवेंज' (Dhurandhar: The Revenge) को दर्शकों और समीक्षकों से तो जमकर तारीफ मिल ही रही है, लेकिन अब पूरी इंडस्ट्री भी रणवीर सिंह और आदित्य धर की इस फिल्म की फैन हो चुकी है। बॉलीवुड से लेकर साउथ तक, हर कोई इस मूवी का गुणगान कर रहा है।
'धुरंधर: द रिवेंज' के क्रेज को लेकर लगातार एक के बाद एक ट्वीट करने वाले 'सत्या' फेम निर्देशक राम गोपाल वर्मा (Ram Gopal Varma) ने हाल ही में इस फिल्म को 'हॉरर' बता दिया है। आखिर उन्होंने रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' को हॉरर फिल्म क्यों कहा? आइए नीचे डिटेल्स में पढ़ते हैं:
'हर फिल्ममेकर को डरा देगी धुरंधर 2'- राम गोपाल वर्मा
राम गोपाल वर्मा ने 'धुरंधर 2' को लेकर अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट शेयर किया है। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा,
"धुरंधर 2' एक खौफ है। यह उन सभी फिल्ममेकर्स के लिए एक डर है, जिन्होंने अपना करियर और दौलत उस सिनेमा पर बनाई है, जो है तो बहुत साधारण-सा, लेकिन उसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। एक ऐसा सिनेमा, जो लोगों को अपना दिमाग घर पर ही छोड़कर आने पर मजबूर करता है। वह सिनेमा, जो सिर्फ शोर-शराबे और मसाले से भरा हुआ है और दर्शकों को उसे जबरदस्ती अपने गले से नीचे उतारना पड़ता है। अब ऐसा सिनेमा अपनी सांसों के लिए संघर्ष कर रहा है। धुरंधर 2' ने उन सभी फिल्ममेकर्स को बुरी तरह से डरा दिया है, जो हीरो को भगवान बना देते हैं। रणवीर सिंह ने 'धुरंधर' में उन सभी हीरोज को मार डाला है, जो कभी खून नहीं बहाते और दर्द महसूस नहीं करते। पुराने जमाने के कई हीरोज को खत्म करके, उन्होंने एक सच्चे हीरो को जन्म दिया है। इस हीरो में कमियां हैं, लेकिन फिर भी वह उन हीरोज से ज्यादा खतरनाक है, जो जबरदस्ती के लाउड म्यूजिक से दर्शकों के कान फाड़ देते हैं।"
'सर्कस के जोकर की तरह लगने लगे हैं हीरो'
राम गोपाल वर्मा ने 'धुरंधर 2' की तारीफ करते हुए आगे लिखा, "इस नए हीरो की अगर पुराने हीरोज से तुलना की जाए, जिन्हें मेकर्स ने भगवान बनाया है, तो वे अचानक ही बेकार और सर्कस के जोकर की तरह लगने लगे हैं। इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन देखकर, आंख मूंदकर उनकी पूजा करने वाले लोग खुद को एक्सपोज होता हुआ और डरा हुआ महसूस करेंगे। 'धुरंधर 2' उन सभी लोगों में दहशत पैदा कर रही है, जिन्होंने अपना करियर सिर्फ एक एक्शन सीन के दम पर बनाया है, जिनके लिए फिजिक्स एक जोक है और ग्रेविटी बिल्कुल मायने नहीं रखती।"
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उन्होंने अपने लंबे पोस्ट में आगे लिखा, "ऐसे सीन, जहां आदमी 50 फीट ऊपर हवा में रबर की बॉल की तरह उड़ रहा है, हीरो ऐसे धमाकों से बच जाते हैं जो पूरे शहर को तबाह कर सकते हैं और उसके बाद भी वे अपने कंधों से धूल हटाते हुए पंच डायलॉग्स बोलते हैं... अब ऐसे सीन्स को ऑडियंस ने पूरी तरह से नकार दिया है।"
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'सस्ते और बेतुके लगने लगेंगे वे एक्शन सीन'
राम गोपाल वर्मा ने ऑडियंस के बदलते नजरिए को समझाते हुए कहा, "जब दर्शकों ने यह देखा है कि असली एक्शन सीन्स में चोट लगती है, खून बहता है... ऐसे में उन्हें वे गुंडे जो हवा में उड़ रहे हैं, वे सब चीप, झूठे और शर्मनाक लगने लगे हैं। वे फिल्ममेकर्स जो हीरो को उठाने के लिए अभी भी क्रेन और तारों का इस्तेमाल करते हैं, वे अब पूरी तरह से कांप जाएंगे।"
डायरेक्टर ने अंत में कहा, "यह फिल्म उन सभी पैन इंडिया डायरेक्टर्स की कुर्सी को हिलाकर रख देगी, जिन्हें ऐसा लगता है कि कोई भी कैरेक्टर सिर्फ अपने बालों, सिक्स-पैक एब्स और डिजाइनर कपड़ों से हीरो लगता है। जब दर्शकों ने 'धुरंधर 2' देखी, तो उन्होंने यह समझा कि एक हीरो की ताकत उसके दिमाग से आती है, बायसेप्स (Biceps) से नहीं। अब उन्हें हेयर और कॉस्ट्यूम वाला सिनेमा 'किंडरगार्टन के बच्चों के फैंसी ड्रेस कॉम्पिटिशन' जैसा लगने लगा है। 'धुरंधर' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक फैसला है।"
इस पोस्ट के जरिए जहां राम गोपाल वर्मा ने आदित्य धर और रणवीर सिंह के साथ-साथ 'धुरंधर: द रिवेंज' की कहानी की जमकर सराहना की, तो वहीं उन्होंने आज के दौर में बिना सिर-पैर की कहानी वाली फिल्में बनाने वाले निर्देशक-निर्माताओं को भी कड़ी लताड़ लगाई।
