'कोई बात करने वाला नहीं...' संजय दत्त की बेटी ने मां के निधन के बाद बयां किया दर्द, बताया क्यों पापा नहीं थे साथ
संजय दत्त की बेटी त्रिशाला दत्त ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपने बचपन के दर्द, मां के निधन, ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। संजय दत्त (Sanjay Dutt) की बेटी त्रिशाला दत्त, ऑफिशियल तौर पर न्यूयॉर्क की एक लाइसेंस्ड मैरिज और फैमिल थेरेपिस्ट (LMFT) और मनोचिकित्सक बन चुकी हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में त्रिशाला ने चाइलहुड ट्रॉमा, पसर्नल लॉस, स्कूल में बुली किए जाने और स्टार किड्स के बारे में प्रचलित शब्द कि ये तो चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुआ/हुई है जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की।
कई लोगों के लिए, 'स्टार किड' का टैग प्रिवलेज, ग्लैमर और आरामदेह जीवन की धारणाओं से जुड़ा होता है। लेकिन त्रिशाला दत्त के लिए, इस ग्लैमर के पीछे की सच्चाई कहीं अधिक दर्दनाक थी। त्रिशाला की मां और संजय दत्त की पहली पत्नी का ब्रेन ट्यूमर से निधन हो गया था। उस वक्त त्रिशाल केवल आठ साल की थीं।
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त्रिशाल ने बताया कि उनकी मां के इलाज के दौरान उनके पिता संजय दत्त अमेरिका में स्थायी रूप से क्यों नहीं रह पाए। हाल ही में त्रिशाला ने 'इनसाइड थॉट्स आउट लाउड' पॉडकास्ट के लेटेस्ट एपिसोड में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने अभिनेता संजय दत्त की बेटी के रूप में अपने जीवन के बारे में बात की।
अमेरिका में लोग मजाक उड़ाते थे
त्रिशाला ने बताया कि जब वह महज पांच या छह साल की थी तभी से अमेरिका में उन्हें बुली किया जाने लगा था क्योंकि उनकी पहचान काफी अधिक भारतीय थी। उन्होंने बताया कि हाई स्कूल जाने पर हालात और बिगड़ गए क्योंकि लोगों को उनके बारे में और उनके परिवार के बारे में पता चलने लगा था। त्रिशाला ने स्वीकार किया कि उनके पास उस समय कोई नहीं था जिसके कंधे पर वो सिर रखकर सहारा ले सकें। त्रिशाल ने कहा कि जब वो छोटी थीं तो उम्मीद करती थीं कि उनके पास कोई बात करने वाला हो।
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8 साल की थीं त्रिशाला
त्रिशाला ने बताया कि जब मां बीमार थी तो पापा वहां रुक नहीं पाते थे क्योंकि काम के सिलसिले में उन्हें अक्सर इंडिया और अमेरिका ट्रेवल करना पड़ता था। त्रिशाला ने कहा, "मेरी मां का देहांत 1996 में हुआ, जब मैं 8 साल की थी। उनकी मृत्यु ब्रेन ट्यूमर से हुई। उन्हें 1989 में इस बीमारी का पता चला था। जब डॉक्टरों को इसका पता चला, तब कैंसर अपनी 4th स्टेज पर था। इस तरह का ब्रेन कैंसर सबसे घातक कैंसरों में से एक होता है। पापा भारत और अमेरिका के बीच अपना समय बांटने की कोशिश कर रहे थे और काम के सिलसिले में वे लगातार आते-जाते रहते थे।"
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इस व्यक्तिगत क्षति से उबरने के लिए त्रिशाला ने खाने का सहारा लिया, जिससे उनका वजन बढ़ गया। अपने वजन को लेकर सार्वजनिक आलोचनाओं का सामना करते हुए, उन्होंने स्वीकार किया कि वह संजय दत्त की बेटी जैसी नहीं दिखती थीं। त्रिशाला का जन्म 1988 में हुआ था। वो संजय दत्त और उनकी पहली पत्नी ऋचा शर्मा की बेटी हैं। त्रिशाला का पालन-पोषण अमेरिका में उनके नाना-नानी ने किया है।
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