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    Toxic को लेकर बढ़ रहा है बवाल, यश की फिल्म के खिलाफ CBFC में शिकायत दर्ज कर सोशल एक्टिविस्ट ने की ये मांग

    Updated: Wed, 14 Jan 2026 09:40 AM (IST)

    यश की फिल्म 'टॉक्सिक: अ फेयरीटेल फॉर ग्रोन अप' को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। इस फिल्म का टीजर सामने आने के बाद गीतू मोहनदास पर महिलाओं को 'ऑब्जेक्ट ...और पढ़ें

    यश की टॉक्सिक को लेकर सेंसरबोर्ड में की गई शिकायत/ फोटो- Instagram

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    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। कन्नड़ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'टॉक्सिक' (Toxic) एक के बाद एक विवादों में घिरती जा रही है। फिल्म के 2 मिनट 51 सेकंड के टीजर में यश और एक महिला के बीच कार के अंदर दिखाए गए दृश्यों को लेकर सोशल मीडिया पर पहले ही बवाल मच चुका है। अब आम आदमी पार्टी (AAP) की महिला विंग ने भी आयोग से अनुरोध किया है कि वे राज्य सरकार को 'टॉक्सिक' के टीजर को हटाने का निर्देश दें।

    हालांकि, गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी इस गैंगस्टर ड्रामा फिल्म 'टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' का विवाद यहीं नहीं थमा है। सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कल्लाहल्ली ने टीजर में दिखाए गए "अश्लील, कामुक और नैतिक रूप से आपत्तिजनक" दृश्यों को लेकर सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने सेंसर बोर्ड को भेजे शिकायत पत्र में क्या लिखा, नीचे पढ़ें विस्तार से:

    जरूरत से ज्यादा वल्गर और अश्लील हैं सीन

    हिंदुस्तान टाइम्स की एक खबर के मुताबिक, सोशल एक्टिविस्ट ने अपनी शिकायत में सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को संबोधित करते हुए लिखा है, "टीजर के कुछ दृश्य अत्यधिक अश्लील, कामुक और देखने में भद्दे (vulgar) हैं। यह टीजर बिना किसी आयु प्रतिबंध के सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसे बच्चे और युवा भी देख रहे हैं। यह सामग्री कानूनी रूप से अस्वीकार्य और सामाजिक रूप से हानिकारक है।"

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    उन्होंने आगे तर्क दिया कि 'टॉक्सिक' का कंटेंट संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन करता है। उनके अनुसार, माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने हमेशा यह माना है कि भारत में अश्लीलता और यौन रूप से स्पष्ट सामग्री को किसी भी रूप में संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए।

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    'टॉक्सिक' के ट्रेलर का रिव्यू करने की उठी मांग

    दिनेश कल्लाहल्ली ने अपनी शिकायत में सिनेमैटोग्राफी एक्ट, 1952 हवाला देते हुए ये भी कहा कि सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन जिस भी फिल्म, ट्रेलर और प्रमोशनल मटीरियल को पास कर रहा है, वह शालीनता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझते हुए करना चाहिए। सोशल एक्टिविस्ट ने प्रसून जोशी को लिखी इस शिकायत में ये भी अनुरोध किया है कि सेंसर बोर्ड ट्रेलर का रिव्यू करे और जो भी स्टेप जरूरी लगे वह लें। टॉक्सिक के टीजर के सर्कुलेशन पर भी उन्होंने रोक लगाने का आग्रह किया है। उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर, निर्माता और जो भी इस फिल्म से जुड़ा है, उनके खिलाफ लीगल एक्शन लेने की मांग की है।

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    'टॉक्सिक' का टीजर यश के जन्मदिन (8 जनवरी) पर रिलीज किया गया था। जहां फैंस को यश का एक्शन और स्वैग पसंद आया, वहीं महिलाओं को "ऑब्जेक्टिफाई" (वस्तु की तरह पेश करना) करने के आरोपों ने फिल्म की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यह फिल्म 19 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है।

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