200 बार बनी Ramayana: तकनीक बदली, सितारे बदले, पर नहीं बदला 'राम नाम' का जादू; जानिए हर दशक का 'राम अवतार'
भारतीय सिनेमा के 100 से ज्यादा सालों के इतिहास में 'रामायण' सिर्फ एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मनोरंजन जगत का सबसे बड़ा और अटूट आधार रही है। आज उसी 'राम कथा' ...और पढ़ें

सिनेमा में 200 बार बनी 'रामायण' की कहानी

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। रामायण यानि वो राम कथा जिसे अनंत कहा जाता है और इसे कहने वाले भी अनगिनत है। प्रभु श्रीराम के आदर्शों की महागाथा कई बार पर्दे पर नजर आई है। सिनेमा के 100 साल से ज्यादा वाले सुनहरे दौर में कई बार रामायण आई और हर बार राम कथा का रसपान दर्शकों को कराया गया।
हर बदलते तौर में तकनीक बदली, अंदाज बदला, कैमरे बदले यहां तक कि भाषाएं भी बदली लेकिन अगर कुछ नहीं बदला तो वो थी राम कथा यानि वो कहानी जो हमे और आपसे सदियों से जुड़ी है। साल 1917 में दादा साहब फाल्के की 'लंका दहन' से शुरू हुआ यह सिलसिला आज 2026 में रणबीर कपूर की 'रामायण' तक आ पहुंचा है।
आज बात उसी रामायण की जो पर्दे पर कई बार आई, कभी मूक फिल्मों के जरिए तो कभी VFX से जुड़ी तो कभी जुगाड़ की तकनीक से बनी... पर इसका मूल आधार एक ही रहा। आइए सिनेमा की उसी किताब के उन पन्नों को पलटते हैं जब हर दशक में एक नया राम अवतार हुआ और मिली नए अंदाज़ में पेश हुई 'राम कथा'।
200 बार बन चुकी है रामायण
साल 2026 चल रहा है और इस साल एक नई रामायण पर्दे पर आ रही है। हाल ही में हनुमान जयंती के मौके पर फिल्म के मेकर्स डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने रणबीर कपूर स्टारर फिल्म 'रामायण' (Ramayana Teaser) का फर्स्ट लुक टीजर रिलीज किया। ये टीजर मूलरूप रणबीर कपूर के फर्स्ट लुक पर आधारित था।
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टीजर में रणबीर का लुक लोगों को काफी पसंद आ रहा है। हालांकि रणबीर कपूर के राम बनने से इंटरनेट पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं, तो वहीं रणबीर के लुक की तुलना भई की जा रही है।
अब ये तुलना होना स्वभाविक भी है, क्योंकि रणबीर से पहले कई स्टार्स हैं जो पर्दे पर श्रीराम की भूमिका निभा चुके हैं। अगर हम आपसे कहें कि रामायण हिंदी सिनेमा में करीब 200 बार बन चुकी है। लेकिन कैसे ये भी जान लीजिए।
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कभी एनिमेशन तो कभी टीवी पर आई रामायण
सिनेमा के सालों पुराने इतिहास में रामाणय जैसे महाकाव्य को बनाने के लिए हर चीज का बड़ा होना आवश्यक है। फिर चाहे वो इसके सितारे हों या फिर इसके वीएफएक्स और इसके कहने का तरीका.. हर लिहाज से इसका बेहतर होना जरूरी है। पिछले 100 सालों में सिनेमा के इतिहास में 200 से भी ज्यादा बार रामायण अलग-अलग भाषाओं और स्वरूपों में हमारे सामने आई।
कभी मूक फिल्मों की सादगी में, कभी रामानंद सागर के कालजयी दौर में, कभी छोटे पर्दे पर आई, तो कभी आधुनिक VFX के शोर में। कहा जाता है कि सिर्फ मुख्य रामायण पर ही करीब 50 से ज्यादा फिल्में बन चुकी हैं। इनमें अलग-अलग भाषाएं भी शामिल हैं, जिनमें रामायण बनी है।
वहीं अगर हनुमान, लव-कुश जैसी कथाओं को मिलाएं तो आंकड़ा 60 के पार है और अगर शॉर्ट फिल्में या फिर एनिमेटेड फिल्मों को इसमें जोड़ा जाए तो ये आंकड़ा करीब 200 तक पहुंच जाता है।

हर दौर की 'रामायण'
पहली मूक रामायण: रामायण के बनने की शुरूआत तब हुई जब सिनेमा नन्हे कदमों का था। दादा साहब फाल्के ने 1917 में 'लंका दहन' बनाई थी। कहा जाता है कि उस वक्त लोग पर्दे पर राम को देखकर जूते उतार देते थे।
पहली बोलती रामायण: बोलती फिल्मों के दौर में पहली बोलती रामायण पर देबाकी कुमार बोस की फिल्म 'सीता' (1934) आई। ईस्ट इंडिया फिल्म कंपनी के प्रोड्क्शन में बनी इस फिल्म में पृथ्वीराज कपूर ने 'राम' और दुर्गा खोटे ने 'सीता' का किरदार निभाया।
इसी साल वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में फिल्म को सम्मानित किया गया और यह उस दौर में शायद किसी अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में आने वाली पहली हिंदी फिल्म थी।
लव-कुश पर बनी फिल्म: जब 'सीता' आई उसी साल सी. पुल्लैया ने तेलुगु में 'लवा कुसा' (Lava Kusa) बनाई। कई सालों बाद उन्होंने अपनी ही इस फिल्म का रीमेक बनाकर इतिहास रच दिया।
कई लोगों का मानना है कि देबाकी बोस की क्लासिक फिल्म 'सीता' ने 'लवा कुसा' को भी प्रेरित किया था। इसके बाद, 1936 में तेलुगु में 'सम्पूर्ण रामायणम' (Sampurna Ramayanam) रिलीज हुई, जिसमें कदरु राजू और पुष्पावल्ली ने मुख्य किरदारों में दिखे।
रामराज: बदलते वर्षों में और बढ़ते सिनेमा के दौर में साल 1944 में 'रामराज' आई। हालांकि इससे पहले फिल्ममेकर विजय भट्ट एक फिल्म लाए। उन्होंने साल 1942 में 'भारत मिलाप' बनाई, जिसमें प्रेम अदीब, शोभना समर्थ (नूतन और तनुजा की मां और काजोल की नानी) और शाहू मोदक मुख्य किरदारों में दिखे। इसके बाद उन्होंने 'राम राज्य' बनाई जो सुपरहिट रही।
साउथ में रामायण की गूंज: आजादी के बाद हिंदी सिनेमा में नई कहानियां बनने लगीं। सामाजिक नाटकों का रुख फिल्ममेकर करने लगे। ऐसे में मायथोलॉजिकल फिल्मों से थोड़ी दूरी हो गई। अब साउथ सिनेमा रामायण और बाकी महाकाव्यों पर फिल्में बनाने लगा।
तमिल सिनेमा में ए.पी. नागराजन ने सफल पौराणिक फिल्मों का एक साम्राज्य खड़ा किया। साल 1958 में 'सम्पूर्ण रामायणम' से इसकी शुरूआत हुई। इसमें एन.टी. रामा राव नजर आए और ये फिल्म हिट रही।
50 और 60 का दशक: इस दौर में 'संपूर्ण रामायण' (1961) जैसी फिल्में आईं, जिसमें फिर से सिनेमा के चारों और रामधुन की गूंज सुनाई दी। वहीं साउथ में भी सीता (Seetha) जैसी फिल्में आईं। हालांकि इस दौर में साउथ सिनेमा में लगातार फिल्में आती रहीं।
रामानंद सागर का युग: 70 और 80 का दशक आते-आते कई फिल्ममेकर्स रामायण और इससे जुड़ी फिल्में बना चुके थे। इसी बीच रामानंद सागर ने एक इतिहास रचने की तैयारी टीवी शो रामायण से की। रविवार की सुबह सड़कें सूनी हो जाती थीं और लोग टीवी को अगरबत्ती दिखाते थे। अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया राम-सीता के किरदारों में 'भगवान' बन गए।

टीवी पर रामायण: टीवी पर रामायण का युग भी आया। कभी गुरमीत चौधरी 'राम' बनकर आए तो कभी आशीष शर्मा ने श्रीराम का किरदार निभाया। इसके अलावा भी टीवी पर कई बार रामायण दिखी।
एनिमेटेड और क्षेत्रीय सिनेमा: रामायण सिर्फ हिंदी में नहीं, बल्कि तमिल, तेलुगु, बंगाली और यहा तक कि साल 1992 की जापानी एनिमेशन 'The Legend of Prince Rama' समेत कई बार रामायण को नया रूप मिला। इसी तरह से 200 से ज्यादा बार अलग-अलग रूपों में रामायण बनी है।
आज भी जारी है रामायण का दौर
रामायण का दौर आज भी बदस्तूर जारी है। सिनेमा अलग-अलग रूपों और स्वरूपों के साथ मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की कथा को पर्दे पर उतारता आ रहा है। साल 2023 में ओम राउत के डायरेक्शन में बनी 'आदिपुरुष' (Adipurush) आई। इस फिल्म में प्रभास और कृति सेनॉन नजर आए। फिल्म में सैफ अली खान रावण बने।
फिल्म की चर्चा भी खूब हुई, लेकिन ये फिल्म बॉक्स ऑफिस नहीं चली और इसके साथ ही अपनी कहानी और वीएफएक्स के चलते इसे काफी आलोचना का सामना करना पड़ा।

अब रामायण को नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) ला रहे हैं। फिल्म दो पार्ट्स में रिलीज हो रही है। रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) श्रीराम और साई पल्लवी माता सीता के किरदार में दिखेंगी। यश रावण और सनी देओल (Sunny Deol) हनुमान (Hanuman) का किरदार निभा रहे हैं।
फिल्म की तैयारियां चल रही हैं। हालांकि सवाल यह है कि 4 हजार करोड़ के बजट वाली यह फिल्म आखिर क्या नया दिखाएगी। फिल्म इसी साल दीवाली 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
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