Raj Kapoor ने एक फिल्म के लिए गिरवी रखे थे बीवी के सोने के कंगन, Manoj Kumar की सलाह न मानकर पछताए थे शो मैन!
राज कपूर अपनी फिल्मों को लेकर कितने जुनूनी थे ये बात सभी जानते हैं। एक फिल्म की खातिर उन्होंने मनोज कुमार की सलाह न मानकर बीवी के कंगन तक भी गिरवी रख ...और पढ़ें

राज कपूर ने क्यों नहीं सुनी मनोज कुमार की बात/ फोटो- Instagram
HighLights
राज कपूर ने फिल्म की खातिर बेचे थे बीवी के कंगन
मनोज कुमार की सलाह लेने से किया था इनकार
जब एक फिल्म ले आई अर्श से फर्श पर
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के पहले 'शोमैन' राज कपूर अपने विजन और सिनेमा के प्रति जुनून के लिए किस हद तक जा सकते थे, यह बात किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने अपने लंबे और शानदार करियर में एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। हालांकि, इस सफलता के सफर में राज कपूर ने वह दौर भी देखा जब अपनी ही एक ड्रीम फिल्म को पूरा करने के लिए उन्हें अपनी पूरी कमाई और ज्यादाद तक गिरवी रखनी पड़ी थी।
56 साल पहले उन्होंने एक ऐसी महत्वाकांक्षी फिल्म बनाई थी, जिसको लेकर अभिनेता मनोज कुमार ने उन्हें बहुत समझाया था, लेकिन 'शोमैन' ने उनकी एक न सुनी। नतीजा यह हुआ कि फिल्म पूरी करने के लिए राज कपूर को अपनी पत्नी के सोने के कंगन तक गिरवी रखने पड़े थे। आइए जानते हैं क्या था यह पूरा किस्सा।
मनोज कुमार ने एडिटिंग को लेकर दी थी सलाह
दिग्गज अभिनेता राज कपूर की जिस फिल्म का जिक्र हम कर रहे हैं, वह 1970 में रिलीज हुई फिल्म 'मेरा नाम जोकर' है, जिसे भारतीय सिनेमा इतिहास की सबसे लंबी फिल्मों में से एक माना जाता है। विक्की लालवानी के साथ एक खास बातचीत में राज कपूर के भतीजे मोंटी प्रेमनाथ ने खुलासा किया कि 'मेरा नाम जोकर' ने राज कपूर को किन-किन मुश्किलों में डाला था और उस समय मनोज कुमार ने उन्हें क्या सलाह दी थी।
मोंटी प्रेमनाथ ने बताया, "मनोज कुमार ने राज कपूर से कहा था कि वह उन्हें फिल्म का सेकेंड और थर्ड पार्ट एडिट करने दें, क्योंकि फिल्म की लंबाई बहुत ज्यादा हो गई थी। राज कपूर इस फिल्म को लेकर इतने जुनूनी थे कि वह इसका चौथा पार्ट भी मेरे पिता प्रेमनाथ और शर्मिला टैगोर के साथ बनाना चाहते थे। मनोज कुमार खुद भी इस फिल्म के एक महत्वपूर्ण दृश्य में नजर आए थे।"
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मनोज कुमार की सलाह को कर दिया था नजरअंदाज
मोंटी ने आगे बताया कि मनोज कुमार की इस सलाह को मानने से राज कपूर ने साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने सख्त लहजे में कहा था, "यह मेरा प्रोजेक्ट है और मैं इसे तुम्हें छूने भी नहीं दूंगा। जो भी बनेगा, वह मेरी अपनी सोच होगी। जब मनोज कुमार ने उन्हें आगाह किया कि फिल्म की लंबाई के कारण इसमें बहुत ज्यादा पैसा लग जाएगा, तो राज कपूर ने जवाब दिया तो क्या हुआ? मैं जो भी कमाता हूं, फिल्मों से ही कमाता हूं और जो कुछ इन्वेस्ट करता हूं, वह भी फिल्मों में ही करता हूं।"
आरके स्टूडियो और बीवी के कंगन रख दिए थे ताक पर
मोंटी प्रेमनाथ ने आगे बताया कि राज साहब उस समय अपनी इस फिल्म को पूरा करने के लिए सब कुछ दांव पर लगाने को तैयार थे। उन्होंने न केवल आरके स्टूडियो को गिरवी रख दिया था, बल्कि अपनी पत्नी कृष्णा राज कपूर के सोने के कंगन तक ताक पर लगा दिए थे।

दुर्भाग्य से, रिलीज के समय 'मेरा नाम जोकर' बॉक्स ऑफिस पर एक बहुत बड़ी आर्थिक नाकामी और फ्लॉप साबित हुई, जिसने राज कपूर को कर्ज में डुबो दिया था। हालांकि, वक्त के साथ इस फिल्म के प्रति लोगों का नजरिया बदला और आज यह हिंदी सिनेमा की कल्ट-क्लासिक फिल्मों में शुमार की जाती है।