यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Zeenat Aman: जब देश और इंडस्ट्री छोड़ने वाली थीं जीनत अमान, देव आनंद ने थामा हाथ, इस फिल्म से बनीं स्टार
Zeenat Aman On Dev Anand जीनत अमान (Zeenat Aman) को बॉलीवुड की ट्रेंड सेटर भी कहा जाता था। जीनत के आने से ही हिंदी सिनेमा के फैशन की हवा बदली थी। जीन ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जेएनएन। Zeenat Aman On Dev Anand: 70-80 के दशक की फेमस हीरोइन जीनत अमान (Zeenat Aman) को फिल्मों के अलावा बॉलीवुड की ट्रेंड सेटर के तौर पर भी जाना जाता था। उस दौर में वह जो कुछ भी पहन लेती थीं, फैशन का बन जाता था।
कहा जाता है कि जीनत के आने से ही हिंदी सिनेमा के फैशन की हवा बदली थी। हालांकि, पर्दे पर एक्ट्रेस कैसे आयीं, ये किस्सा आज हम आपको बता रहे हैं, जिसे खुद जीनत ने सोशल मीडिया में साझा किया है।
देव आनंद ने बदली थी जीनत अमान की किस्मत
एक्ट्रेस ने कुछ समय पहले ही इंस्टाग्राम पर अपना अकाउंट बनाया और तब से वह फैंस के साथ लगातार जुड़ी हैं। इस कनेक्शन के जरिए वह खुद से जुड़े कुछ रोचक किस्से फैंस के साथ साझा करती हैं। अभिनेत्री ने एक बार फिर इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी पुरानी तस्वीर साझा करते हुए एक किस्सा फैंस के साथ साझा किया है। एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम पर एक्टर देव आनंद संग एक पुरानी तस्वीर साझा की है।
फोटो शेयर करने के साथ ही उन्होंने कैप्शन में लिखा- जो भी बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपना नाम कमाने के लिए आता है उसे कोई ना कोई स्टार मेकर की तलाश होती है। बहुत कम लोग ऐसे स्टार मेकर पाते हैं। मैं उनमें से एक थी। मेरे स्टार मेकर थे देव साहब।
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फिल्म हलचल में मिला था छोटा-सा रोल
70s में ओपी रलहान मुझे लेकर अफसोस में थे, क्योंकि उन्होंने मुझे हलचल फिल्म में एक छोटा सा रोल दिया था। इससे ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा और मैंने अपने घर मालता वापस जाने के लिए बैग पैक कर लिया था। उस समय नवकेतन की टीम और देव साहब 'हरे रामा रहे कृष्णा' की कास्टिंग कर रहे थे। ओपी रलहान ने उन्हें मेरा नाम सुझा दिया। मुझे अभी भी याद है कि मैंने उस समय क्या पहना हुआ था।

रातों-रात स्टार बन गई थी जीनत
हम लोग देश छोड़ माल्टा जा रहे थे तब देव साहब ने मेरी मां को रोकने की कोशिश की। हम लोग काठमांडू चले गए और वहां हम लोगों ने शूटिंग करने के लिए लंबा इंतजार किया। मेरा पहला सीन एक बस सीक्वेंस था। उस समय किसी फिल्म को बनकर तैयार होने में काफी वक्त लगता था। करीब 2-3 साल लगते थे। शूटिंग के बाद मैं और मेरी मां ने जाने का फैसला लिया।

देव साहब ने हमें रुकने के लिए इंसिस्ट किया। उन्होंने हमसे वादा किया कि इस फिल्म की एडटिंग जल्दी पूरी हो जाएगी और जल्द ही ये फिल्म सिनेमाघरों में होगी। जल्द ही ये फिल्म रिलीज हो गई और एक बड़ी हिट साबित हुई। मैं स्टार बन गई। मेरे पलायन करने के इरादे धरे रह गए क्योंकि देव साहब ने मुझे लेकर एक और फिल्म की स्क्रिप्ट लिखने लग गए थे।
बुधवार आएगा दूसरा पार्ट
इस पोस्ट में जीनत ने अपनी बात तो यहीं रोक दिया और आगे लिखा है कि वह कल यानी बुधवार को इस किस्से का दूसरा पार्ट बताएंगी। इस पोस्ट पर डायरेक्टर अनुराग ने कमेंट कर लिखा- इस कहानी से प्यार है और देव साहब को इस उद्योग में और आपके लिए बहुत सारे लोगों को लाने के लिए धन्यवाद।