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    Michael Movie Review: बेल्ट से पिटने से लेकर हक की लड़ाई लड़ने तक, माइकल में दिखे 'किंग ऑफ पॉप' के अनसुने राज

    By Priyanka SinghEdited By: Tanya Arora
    Updated: Fri, 24 Apr 2026 11:27 AM (GMT+05:30)

    सिंगिंग की दुनिया के बादशाह माइकल जैक्सन की बायोपिक पूरे 129 मिनट तक आपको अपनी जगह से हिलने नहीं देगी। क्या है फिल्म में सबसे खास, नीचे पढ़ें रिव्यू: ...और पढ़ें

    माइकल मूवी रिव्यू/ फोटो- Jagran Graphics

    माइकल मूवी रिव्यू/ फोटो- Jagran Graphics

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    प्रियंका सिंह, मुंबई। 'किंग ऑफ पॉप' (King of Pop) के नाम से प्रख्यात अमेरिकन गायक माइकल जैक्सन (Michael Jackson) पर कई फिल्में और डॉक्यूमेंट्री बन चुकी हैं, जो उनके संगीत करियर, विवादित जीवन और अंतिम कंसर्ट जैसे कई पहलुओं को दर्शा चुकी हैं। फिल्म 'माइकल' की कहानी उनके बचपन से शुरू होती है।

    माइकल जैक्सन के बचपन की दर्दभरी कहानी

    इंडियाना में रहने वाला जोसेफ जैक्सन (कोलमन डोमिंगो) अपने पांच बेटों को साथ मिलाकर 'जैक्सन 5' म्यूजिकल बैंड बनाना चाहता है। उसका दस साल का बेटा माइकल (जुलियानो क्रू वाल्डी) बैंड का मुख्य गायक है। जोसेफ बेहद सख्त है और सही न गाने पर वह माइकल को बेल्ट से पीट भी देता है। कई जगहों पर परफॉर्म करने के बाद मोटाउन म्यूजिक कंपनी 'जैक्सन 5' को साइन करती है।

    कंपनी माइकल की गायकी से काफी प्रभावित होती है। बढ़ती उम्र के साथ प्रतिभाशाली माइकल (जाफर जैक्सन) सुपरस्टार बन जाता है। पूरा परिवार इंडियाना से कैलिफोर्निया के एक बड़े से घर में शिफ्ट हो जाता है। पांचों भाइयों में सबसे अलग माइकल, लोगों से कम और जानवरों से ज्यादा बात करता है। उसके घर में जिराफ से लेकर सांप और बंदर समेत कई जानवर होते हैं। एक पॉप सिंगर के तौर पर स्थापित होने के बाद माइकल अपने भाइयों से अलग सोलो परफॉर्म करना चाहता है। उसे महसूस होता है कि उसके भीतर जो संगीत है, वह उसे अकेले ही बेहतर बना पाएगा।

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    वह पिता जोसेफ को मैनेजर की जगह से हटाकर जॉन ब्रैंका (माइल्स टेलर) को नए मैनेजर के तौर पर काम पर रखता है। इसके बाद सोलो परफॉर्म करने के कठिन सफर पर कहानी आगे बढ़ती है।

    129 मिनट तक एक-एक सीन बांधे रखेगा

    इस फिल्म में ऐसी कोई नई बात या रोमांचक मोड़ नहीं है, जिसके बारे में माइकल के प्रशंसक न जानते हों, लेकिन फिर भी जॉन लोगन की लिखी यह कहानी 129 मिनट तक आपको स्क्रीन से बांधे रखती है। एंटोइन फुकुआ का निर्देशन और डियोन बीबे की सिनेमैटोग्राफी आपको माइकल की दुनिया में ले जाती है।

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    आसपास घट रही घटनाओं से परेशान होकर उस पर गाने बनाना, अस्पताल में जाकर बीमार बच्चों से मिलना, जानवरों से प्रेम करना, अपनी बनाई संगीत की दुनिया में रहना, भविष्य को लेकर एकदम स्पष्ट होना, सोलो परफॉर्म करने के लिए अपने पिता से विद्रोह करना, छोटे बच्चे की तरह अपनी मां के साथ बैठकर कार्टून और चार्ली चैपलिन के वीडियो देखना- माइकल के जीवन के इन सभी पहलुओं को फिल्म बहुत ही खूबसूरती से दिखाने में सफल होती है।

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    माइकल के मैनेजर रहे जॉन ब्रैंका इस फिल्म के निर्माताओं में से एक हैं। ऐसे में माइकल के अपने करियर को लेकर लिए गए निर्णयों को दिखाने वाले दृश्य काफी विश्वसनीय लगते हैं। फिल्म में 'बीट इट', 'बिली जीन' समेत उनके कई ब्लॉकबस्टर गाने फिर से सुनने को मिलेंगे, जिन्हें सुनकर माइकल की महिला प्रशंसक बेहोश हो जाया करती थीं।

    इन जगहों पर चूक गए मेकर्स

    हालांकि, फिल्म में कुछ कमियां भी खटकती हैं। जैसे माइकल की बहन और प्रसिद्ध गायिका जैनेट जैक्सन का फिल्म में कोई खास जिक्र क्यों नहीं है? अश्वेत कलाकारों के लिए माइकल ने मनोरंजन जगत की मुख्यधारा में जगह बनाने का मार्ग भी प्रशस्त किया था। फिल्म के एक सीन में उस निर्णय का जिक्र है, जब नस्लीय बाधाओं को तोड़कर माइकल ने MTV पर अपना म्यूजिक वीडियो चलवाया था, जो उस समय केवल श्वेत कलाकारों को दिखाता था। हालांकि, समानता के लिए संघर्ष करने वाले इन दृश्यों को और ज्यादा जगह मिलनी चाहिए थी, क्योंकि यह माइकल के करियर के अहम संघर्षों में से एक था।

    माइकल कई कारणों से विवादों में रहे थे, लेकिन फिल्म में उसका जिक्र इसलिए नहीं है, क्योंकि यह कहानी साल 1966 से लेकर 1988 के बीच की है, जिसमें दस साल की उम्र से परफॉर्म कर रहे माइकल का 'बैड वर्ल्ड टूर' करने तक का सफर दिखाया गया है। अंत में जिक्र है कि उनकी कहानी जारी रहेगी, ऐसे में हो सकता है कि आगे के पार्ट में उनके जीवन में आए उतार-चढ़ाव और विवादों का जिक्र हो।

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    भतीजे जाफर जैक्सन ने शिद्दत से निभाया किरदार

    माइकल के बड़े भाई जर्मेन जैक्सन के बेटे जाफर जैक्सन की यह पहली फिल्म है। उन्होंने माइकल के पात्र को इतनी शिद्दत से निभाया है कि पर्दे पर केवल माइकल ही नजर आते हैं। उनके गाने, बात करने का तरीका, डांस और 'मून वॉक' सब कुछ पर्दे पर वह बेहद आसानी से निभा जाते हैं। माइकल के बचपन का रोल करने वाले जुलियानो क्रू वाल्डी का काम भी शानदार है, जो जाफर के लिए एक मजबूत नींव तैयार करते हैं।

    माइकल के सख्त, जिद्दी, स्वार्थी, तो कभी अपने दूसरे बेटों के भविष्य के लिए फिक्रमंद पिता के रोल में कोलमन डोमिंगो का काम सराहनीय है। माइकल की मां के रोल में निया लॉन्ग , उनके मैनेजर बने माइल्स टेलर और अच्छे दोस्त की तरह सलाह देने वाले बॉडीगार्ड के रोल में केलिन ड्यूरेल जोन्स बिल्कुल जंचे हैं।

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