Ghooskhor Pandat Controversy: मनोज बाजपेयी ने फिल्म पर मचे बवाल पर तोड़ी चुप्पी, मूवी के खिलाफ क्यों खड़ा हुआ विवाद
Ghooskhor Pandat Controversy: Netflix की 'घूसखोर पंडत' में टाइटल रोल निभाने वाले मनोज बाजपेयी ने फिल्म के टाइटल को लेकर ...और पढ़ें
-1770363670934_m.webp)
घूसखोर पंडत कॉनट्रोवर्सी ने मचाई हलचल

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। नेटफ्लिक्स ने अपनी अपकमिंग क्राइम थ्रिलर, घुसखोर पंडत का टीजर हटा लिया है, जिसमें मनोज बाजपेयी लीड रोल में हैं। फिल्म के टाइटल के खिलाफ एक धार्मिक समुदाय के कुछ लोगों ने नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि टाइटल 'सांप्रदायिक रूप से आपत्तिजनक और मानहानिकारक' है और यह गरिमा और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है।
मेकर्स ने लिया ये फैसला
जिसके बाद मेकर्स ने अनाउंसमेंट प्रोमो हटाने का फैसला किया। वहीं वे प्रमोशनल मटेरियल लेखक और प्रोड्यूसर नीरज पांडे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, मनोज ने X पर एक नोट लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि वह दर्शकों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। अपने ट्वीट में, बाजपेयी ने साफ किया कि फिल्म का टाइटल कभी भी किसी समुदाय के बारे में कोई बयान देने के इरादे से नहीं रखा गया था।
-1770363899473.png)
यह भी पढ़ें- मनोज बाजपेई की फिल्म 'घूसखोर पंडत' के डायरेक्टर पर लखनऊ में मुकदमा, इंस्पेक्टर ने खुद लिखाई रिपोर्ट
मनोज बाजपेयी ने दिया ये रिएक्शन
मनोज बाजपेयी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मैं लोगों के इमोशन और चिंता की कद्र करता हूं और उन्हें सीरीयसली लेता हूं। जब आपका काम किसी को दुख पहुंचाता है तो ये आपको सोचना और सुनना चाहिए। बतौर एक्टर मैंने फिल्म में एक ऐसे इंसान का किरदार निभाया है जिसमें खोट है और उसे अपनी गलती का एहसास होता है। ये किसी भी कम्यूनिटी के बारे में नहीं है'।

मनोज ने आगे कहा, 'मेरे एक्सपीरियंस में नीरज पांडे के साथ काम करना अच्छा रहा, वे एक सीरीयस फिल्ममेकर हैं और अपनी फिल्म को लेकर काफी सोच विचार करते हैं। फिल्ममेकर्स ने प्रमोशनल मटेरियल को हटाने का फैसला किया है और ये दिखाता है कि वे लोगों के सेंटीमेंट को लेकर काफी सीरीयस हैं।
क्या है ये विवाद?
घूसखोर पंडत का टीजर तब मुश्किल में पड़ गया, जब दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई। याचिका में कहा गया कि टाइटल और प्रमोशनल मटीरियल से पता चलता है कि 'पंडित' शब्द को जानबूझकर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जोड़ा गया है। एडवोकेट विनीत जिंदल ने नेटफ्लिक्स पर फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की, क्योंकि याचिकाकर्ता ने कंटेंट पर आपत्ति जताई थी, जिसे 'सांप्रदायिक रूप से आपत्तिजनक और मानहानिकारक' बताया गया है और जो ब्राह्मण समुदाय की गरिमा और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है।
-1770363915955.png)
फिल्म का टाइटल बदलने की मांग की
रिपोर्ट्स के मुताबिक, याचिकाकर्ता ने कोर्ट से तुरंत दखल देने की मांग की है क्योंकि फिल्म से "सामूहिक मानहानि और नफरत फैलाने वाली बातें" हो सकती हैं, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ सकती है। याचिका के अनुसार, टाइटल और कंटेंट में 'पंडित' शब्द कथित तौर पर सामूहिक मानहानि करता है क्योंकि यह 'जानबूझकर एक जाने-माने धार्मिक और सामाजिक पदनाम को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जोड़ता है, जिससे पूरे समुदाय की प्रतिष्ठा जनता की नज़र में खराब होती है।'
घूसखोर पंडत कास्ट
इस फिल्म में मनोज बाजपेयी के साथ नुसरत भरूचा, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय और दिव्या दत्ता भी हैं। 'घूसखोर पंडित' की रिलीज डेट अभी अनाउंस नहीं की गई है।
यह भी पढ़ें- Ghooskhor Pandat Controversy: विरोध के बीच मेकर्स ने टेके घुटने, मनोज बाजपेयी की फिल्म का बदलेगा नाम?
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।