विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

तुम ऐक्टर हो या पैजामा? जब Manoj Bajpayee ने 'इंस्पेक्टर अविनाश 2' के 'देवी' को मारा ताना, दूर हो गया था सारा डर

Published: Sun, 31 May 2026 04:11 PM (IST)

इंस्पेक्टर अविनाश सीजन 2 एक्टर अभिमन्यू सिंह ने देवी के किरदार के लिए मना कर दिया था फिर मनोज बाजपेयी की वजह से कही हां।

अभिमन्यू सिंह ने इंडस्ट्री में पूरे किए 25 साल

अभिमन्यू सिंह ने इंडस्ट्री में पूरे किए 25 साल

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। फिल्म गुलाल से बतौर नायक पदार्पण करने बाद अभिनेता अभिमन्यु सिंह ने दक्षिण भारतीय सिनेमा की राह पकड़ ली। जहां उन्होंने ज्यादातर खलनायकों की भूमिकाएं निभाई। इस साल हिंदी सिनेमा 25 वर्ष पूरे कर रहे अभिमन्यु हालिया प्रदर्शिव वेब सीरीज इंस्पेक्टर अविनाश सीजन 2 में फिर ट्रांसजेंडर खलनायक देवी की भूमिका में नजर आए। अभिमन्यु से उनके शो और अभिनय सफर के बारे में दीपेश पांडेय से खास बातचीत:

सुनने में आया कि आपने यह रोल Manoj Bajpayee के कहने पर किया...

इस शो को हां बोलने से तीन महीने पहले तक मैं निर्देशक नीरज पाठक जी से यही बोलता रहा कि मैं नहीं कर पाऊंगा। वो मेरे पीछे पड़े रहे। इसी बीच एक दिन मनोज भाई (मनोज बाजपेयी) मेरे घर आए हुए थे। उन्हीं के सामने नीरज पाठक का मुझे फोन आया। उन्होंने कहा कि अब शूटिंग शुरू होने में सिर्फ 12 दिन बचे हैं, अब तो हां कर दो। मैंने फिर मना कर दिया।

singh (4)

यह भी पढ़ें- OTT पर 8 एपिसोड की थ्रिलर का धमाका, 7.5 IMDb रेटिंग वाली सीरीज ने रिलीज होते ही Netflix पर उड़ाया गर्दा

मनोज भाई ने भी वो सुना। उन्होंने रोल के बारे में पूछा, तो मैंने बताया कि ट्रांसजेंडर देवी का रोल है। इस पर वह बोले कि तुम ऐक्टर हो या पैजामा? चुनौती से डर रहे हो? मेरे दिमाग में चल रहा असमंजस उन्होंने स्पष्ट कर दिया। उसी समय मैंने नीरज से फोन करके इसके लिए स्वीकृति दे दी।

फिर इतने डर के बाद क्या यह निभाना आसान रहा?

मैंने हां तो बोल दिया था, लेकिन जब सेट पर पहुंचा और प्रोडक्शन वाले मुझे पहनने के लिए ब्लाउज और पेटीकोट लेकर आए, तो मुझे पसीने छूटने लगे। किसी तरह से खुद को समझाकर मैंने वो कपड़े पहने, फिर देखा कि मेरे हाथ और पैर पर बड़े-बड़े बाल दिख रहे हैं। वो बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था। फिर मुझे वो निकालने पड़े। फिर जब लिपस्टिक लगाने की बारी आई तो भी पसीना छूट रहा था। जब एक बार करना शुरू किया तो हो गया।

singh (1)

इंडस्ट्री में 25 सालों के सफर के दौरान क्या चीज रही जिसके बल पर इतने समय तक टिके रहे?

मैं भाग्यशाली हूं कि मेरे ऊपर महादेव की कृपा है। जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो मेरे साथ न जाने कितने कलाकार आए थे और गए। उनमें कई अच्छे भी थे, वो भी पता नहीं कहां पीछे छूट गए। पिछले 25 वर्षों में धीरे-धीरे बढ़कर मैं ऊपर की ओर ही जा रहा हूं। बचपन में हमने एक कहानी सुनी थी कि खरगोश और कछुए के बीच रेस हुई थी, तो कछुआ जीता था। आज भी धीरे चलने वाला कछुआ ही जीत रहा है। संयम से धीरे-धीरे चलने वाले ज्यादा टिके रहते हैं, जो लोग शार्टकट के चक्कर में पड़ते हैं, उनका कोई भरोसा नहीं।

singh (2)

क्या कारण था कि आपने गुलाल के तुरंत बाद ही दक्षिण सिनेमा में काम करना शुरू कर दिया?

वहां से रामगोपाल वर्मा ने मुझे फिल्म रक्तचरित्र में काम दिया, जो हिट हो गई तो वहां काम मिलने लगा। उस समय मेरी नई-नई शादी हुई थी, बेटी भी पैदा हो गई थी। उस समय मुझे बस काम करना था, पैसे कमाने थे। दक्षिण भारतीय फिल्मों से उस समय मुझे लगातार अच्छे आफर मिल रहे थे, तो मैं वहां ज्यादा समय देने लगा। वहां से घर चल रहा था, तो बीच-बीच में हिंदी में भी चुनिंदा काम कर सकता था। वरना गुलाल के बाद तो मुझे अच्छी फिल्मों की बातें छोड़िए, धारावाहिकों के आफर आ रहे थे।

आप तो टीवी से ही फिल्मों में आए थे...

गुलाल के बाद लोगों ने सोचा कि मैं फिर से धारावाहिकों में काम करूंगा, जबकि धारावाहिकों से फिल्मों में आने में ही मेरी हालात खराब हो गई थी। उस समय फिर धारावाहिक करने का मतलब था कि फिल्मों में मेरा करियर खत्म। इसलिए मैंने सोचा कि दक्षिण भारतीय फिल्मों में ही सही, लेकिन मैं कम से कम सिनेमा का हिस्सा तो बना रहूंगा। इसलिए मैंने भाषा को लेकर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

singh (3)

गुलाल के बाद रक्तचरित्र में सीधे हीरो से खलनायक बनाए गए, तो वह स्वीकार करने में हिचकिचाहट नहीं हुई?

मैंन तब इन चीजों के बारे में ज्यादा सोचा नहीं, बतौर कलाकार मेरे लिए काम करते रहना ज्यादा महत्वपूर्ण था। फिर वो हीरो, विलेन, कामेडी किसी भी तरह का काम हो। उस समय तो मेरे लिए कोई साइड भूमिकाएं निभाने से तो ये अच्छा था कि खलनायक भूमिकाएं निभाऊं। फिल्म में हीरो, हीरोइन और खलनायक यही तीन मुख्य होते हैं। हीरो के तौर पर तो हिंदी और दक्षिण दोनों जगहों पर बड़े-बड़े सितारे जमकर बैठे थे।

फिर हीरो के तौर पर किसी नए कलाकार को कहां एंट्री मिल रही है। इसलिए इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए आपको कोई न कोई काम करना ही है। इसलिए मुझे जो भी काम मिला, उनमें से जो बेस्ट चुन सका वो किया।

यह भी पढ़ें- Off Campus रिलीज के बाद इंटरनेट पर बढ़ी Mahima Chaudhry की बेटी की सर्चिंग, भर चुका है 'परदेस' एक्ट्रेस का DM

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।