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Maamla Legal Hai 2 Review: जज बने रवि किशन की परफॉर्मेंस ने जीता दिल, कहां फीका पड़ गया Courtroom Drama?

Published: Fri, 03 Apr 2026 08:05 PM (GMT+05:30)

Ravi Kishan की मामला लीगल है 3 अप्रैल 2026 से नेटफ्लिक्स (Netflix) पर स्ट्रीम हो रही है।

रवि किशन की शानदार एक्टिंग ने जीता दिल

रवि किशन की शानदार एक्टिंग ने जीता दिल

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संक्षेप में पढ़ें

एकता गुप्ता, नई दिल्ली। 2024 में रवि किशन ने वकील के रूप में कोर्टरूम ड्रामा 'मामला लीगल है' से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। सीरीज के चर्चित होने के बाद अब इसका दूसरा पार्ट 3 अप्रैल को रिलीज किया गया है। कैसी है ये सीरीज आइए जानते हैं इस रिव्यू में-

सीरीज का नाम- मामला लीगल है 2

कास्ट- रवि किशन, नायला ग्रैवाल, निधि बिष्ट, अनंत वी जोशी, अंजुम बत्रा, कुश कपिला

डायरेक्टर- राहुल पांडे

जॉनर- कोर्ट रूम कॉमेडी

रिलीज डेट- 3 अप्रैल 2026, नेटफ्लिक्स

Ravi Kishan की मामला लीगल है 3 अप्रैल 2026 से नेटफ्लिक्स (Netflix) पर स्ट्रीम हो रही है।

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मामला लीगल है 2 की कहानी

इस बार, पटपड़गंज की हवा कुछ अलग सी है। यादें जानी-पहचानी हैं, चेहरे वही हैं, लेकिन उनकी हैसियत और ताकत बदल गई है। जहां पहला सीजन वकीलों की कोर्टरूम की तिकड़मों से भरी एक मिली-जुली तस्वीर जैसा लगा था, वहीं दूसरा सीजन ऊंची न्यायिक कुर्सियों के रुतबे और उनके साथ आने वाली उलझनों को टटोलने की कोशिश करता है। वहीं रवि किशन (Ravi Kishan) इस बार वकील नहीं जज बने हैं। जिससे दर्शकों को देखने को मिलता है कि एक वकील और जज की जिम्मेदारियों में कितना अंतर होता है।

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एक्टिंग

एक्टिंग की बात करें तो रवि किशन की परफॉर्मेंस जज के रूप में दिल जीतती है वहीं बाकी कलाकारों ने भी अपने-अपने किरदार में अच्छी परफॉर्मेंस दी है। निधि बिष्ट, कुशा कपिला, अंजुम बत्रा, अनंत जोशी जैसे कलाकारों ने एक्टिंग के मोर्चे को ठीक तरह से संभाला है।

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डायरेक्शन

डायरेक्टर राहुल पांडे ने सीरीज के माध्यम से कई ऐसे मुद्दे उठाए हैं जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है या उनके बारे में ज्यादा सोचा नहीं जाता। होमोसेक्सुएलिटी, पुरुषों के साथ मोलेस्टेशन, शादी के बाद मां और पत्नी के बीच फंसे बेटे की कहानी, इन सब मुद्दों को सहज तरीके से दिखाया गया है।

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कहां रह गई कमी?

दूसरा सीजन, पहले सीजन जैसा सुर पकड़ने की कोशिश करता है लेकिन पकड़ नहीं पाता। सीरीज में इमोशनल गहराई कम और पुराने जोक्स ज्यादा है। कुछ पर तो हंसी भी नहीं आती वहीं स्टोरीटेलिंग भी कहीं-कहीं छूटती हुई महसूस होती है। स्टोरीटेलिंग थोड़ी बेहतर हो सकती थी।

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देखें या नहीं?

अगर आपको पहला सीजन मनोरंजक लगा है और रवि किशन की परफॉर्मेंस को पसंद करते हैं तो ये सीरीज एक बार देखी जा सकती है।

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