Taskaree Ending Explained: इमरान हाशमी की 'तस्करी' ने OTT पर उड़ाया गर्दा, क्लाईमेक्स से पलटता है पूरा खेल!
Taskaree The Smuggler's Web Ending Explained: लेटेस्ट वेब सीरीज तस्करी रिलीज के बाद से ही ओटीटी प्लेटफॉर्म पर तहलका मचा रही है। सीरीज का सस्पेंस, क्ला ...और पढ़ें

तस्करी का क्लाइमेक्स है दमदार। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हक मूवी (Haq Movie) के बाद इमरान हाशमी (Emraan Hashmi) एक बार फिर दर्शकों को लुभा पाने में कामयाब रहे। उनकी हालिया वेब सीरीज तस्करी: द स्मगलर्स वेब (Taskaree: The Smuggler's Web) ओटीटी पर रिलीज होने के बाद से ही धमाल मचा रही है।
नीरज पांडे (Neeraj Pandey) की वेब सीरीज तस्करी में इमरान हाशमी, शरद केलकर, अनुराग सिन्हा, नंदिश संधू, अमृता खानविलकर जैसे कलाकारों ने अहम भूमिका निभाई है। 7 एपिसोड वाली सीरीज 14 जनवरी 2026 को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। यह रिलीज होते ही नेटफ्लिक्स पर नंबर 1 पर ट्रेंड कर रही है। 7.6 रेटिंग वाली इस सीरीज को काफी पसंद किया जा रहा है और इसकी वजह इसका सस्पेंस और क्लाइमेक्स है।
क्या है तस्करी सीरीज की कहानी
सीरीज की कहानी मुंबई एयरपोर्ट पर चल रहे एक पावरफुल सिंडिकेट को खत्म करने के मिशन के इर्द-गिर्द घूमती है। एक ईमानदार कस्टम ऑफिसर अर्जुन मीणा (इमरान हाशमी) सस्पेंड किए गए ऑफिसर्स की एक टीम बनाता है और तस्करी को रोकने के लिए एक रणनीति तैयार करता है। इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए प्रकाश कुमार (अनुराग सिन्हा) को चुना जाता है जो अपने सूझ-बूझ से पहले सस्पेंडेड ऑफिसर्स को काम पर वापस बुलाता है और भ्रष्ट अधिकारियों का ट्रांसफर करवा देता है।
दमदार खलनायक निकले शरद केलकर
इस मिशन को अंजाम देने के लिए सस्पेंडेड ऑफिसर्स मीना, रवि गुर्जर (नंदिश संधू) और मिताली शर्मा (अमृता खानविलकर) की वापसी होती है और वे गैर-कानूनी शिपमेंट को रोकने के लिए धीरे-धीरे काम शुरू कर देते हैं। अर्जुन मीणा और उसकी टीम का मकसद बड़ा चौधरी (शरद केलकर) की अवैध तस्करी पर नकेल कसना है। मगर अंदरूनी कामकाज में कई अधिकारी, शरद से मिले हुए होते हैं।
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इंटेंस हैं तस्करी के सीन्स
कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, मामला और भी गंभीर होता चला जाता है। अवैध तस्करी, खून-खराबे पर उतर जाती है। इमरान हाशमी का ईमानदार और बहादुर ऑफिसर रवि (नंदिश) को मौत के घाट उतार दिया जाता है। चौधरी अपने मंसूबों को कामयाब करने के लिए प्रकाश को पैसों का लालच और धमकी देता है। कहानी इंटेंस होता है और आखिरी एपिसोड में ऐसा राज खुलता है जो आपके होश उड़ा देगा।
तस्करी का क्लाईमेक्स है शानदार
सातवें एपिसोड में कुछ मिनट बाद ही पता चलता है कि आखिर टीम में आस्तीन का सांप कौन है। यह कोई और नहीं, बल्कि प्रकाश कुमार होता है। वह पहले ही चौधरी से हाथ मिला लेता है। प्रकाश ही 40 ताबूतों में दो टन सोना भेजने के चौधरी के प्लान को अंजाम देता है। आखिर में इमरान हाशमी के सामने प्रकाश की सच्चाई आती है और कहानी पलट जाती है।