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    अर्जेंटीना-इंग्लैंड मुकाबले से पहले याद आया 'हैंड ऑफ गॉड' गोल, जब माराडोना ने फुटबॉल के मैदान पर लिया युद्ध में हार का बदला

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 05:55 PM (IST)

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 के अर्जेंटीना-इंग्लैंड सेमीफाइनल से पहले 1986 के 'हैंड ऑफ गॉड' गोल की यादें ताजा हो गई हैं। डिएगो माराडोना का यह ऐतिहासिक गोल फॉकल ...और पढ़ें

    डिएगो माराडोना

    डिएगो माराडोना

    HighLights

    1. अर्जेंटीना-इंग्लैंड सेमीफाइनल से पहले 'हैंड ऑफ गॉड' गोल चर्चा में

    2. डिएगो माराडोना ने 1986 विश्व कप में किया था यह गोल

    3. यह गोल फॉकलैंड युद्ध के बाद की भावनाओं से जुड़ा था

    स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच अटलांटा स्टेडियम में खेला जाना है। जब भी इंग्लैंड और अर्जेंटीना की टीमें एक-दूसरे का सामना करती हैं, तो रोमांच चरम पर होता है। लियोनेल मेसी, जिन्होंने अर्जेंटीना के लिए 205 मुकाबले खेले हैं, उन्होंने कभी भी इंग्लैंड के खिलाफ मैच नहीं खेला है।

    अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल मैच से पहले हैंड ऑफ गॉड की खूब चर्चा हो रही है। दरअसल, 22 जून 1986 की रात को कुछ ऐसा हुआ था, जिसकी चर्चा आज तक होती है। डिएगो माराडोना को वो गोल आज भी चर्चा में रहता है, जिसे हैंड ऑफ गॉड कहा जाता है। उस समय वो मैच नहीं था बल्कि अर्जेंटीना की भावनाएं भी जुड़ी हुई थीं। 10 नंबर की जर्सी वाले माराडोना ने उस मुकाबले में ऐसा गोल दागा, जो 'गोल ऑफ द सेंचुरी' बना।

    डिएगो माराडोना का 'हैंड ऑफ गॉड' गोल

    1986 विश्व कप में क्वार्टर फाइनल मैच में अर्जेंटीना और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने थीं। इस मैच में माराडोना ने हाथ से एक गोल किया, जिसे हैंड ऑफ द गॉड गोल कहा गया। 22 जून 1986 को विश्व कप में अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच मुकाबला खेला गया। ये मैच अर्जेंटीना ने 2-1 से अपने नाम किया था।

    मैच के 51वें मिनट में माराडोना ने गोल किया था, जिसे हैंड ऑफ द गॉड गोल किया था। उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि उन्होंने हाथ से गोल कर दिया था लेकिन रेफरी ने गोल को मान्य करार दिया था। बाद में माराडोना ने इस पर बात करते हुए कहा था कि ये गोल कुछ उनके हाथ से और कुछ उनके सिर से हुआ था। उसके बाद से ही इस विवादित गोल को 'हैंड ऑफ द गॉड' गोल कहा जाने लगा।

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    अर्जेंटीना और इंग्लैंड में था भारी तनाव

    दरअसल, इस मैच से ठीक चार साल पहले 1982 में फॉकलैंड युद्ध हुआ था। उस लड़ाई में अर्जेंटीना को ब्रिटेन के हाथों बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था। उनके 600 से ज्यादा सैनिक भी मारे गए थे। बता दें कि साउथ अटलांटिक में अर्जेंटीना के नजदीक एक छोटा सा फॉकलैंड नाम का द्वीप था। इसको लेकर ब्रिटेन और अर्जेंटीना में लड़ाई हुई थी। 4 साल बाद फुटबॉल मैदान पर उस युद्ध की तलखी देखने को मिली। माराडोना ने इस जीत को अर्जेंटीना के मारे गए सैनिकों को समर्पित किया था।

    मेसी दिखाना चाहेंगे कमाल

    उस मैच के 40 साल बाद समय एक बार फिर से वहीं आ पहुंचा है। 10 नंबर की जर्सी एक बार फिर अर्जेंटीना के लिए सबसे अहम होगी। हालांकि, 1986 विश्व कप में ये जर्सी माराडोना पहनते थे और अब मेसी पहनेंगे। इंग्लैंड और अर्जेंटीना में भले ही अब उस तरह की तल्खी नहीं दिखती लेकिन मेसी अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं और वे अपनी टीम को फाइनल में ले जाना चाहेंगे।

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