Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    FIFA World Cup 2026: युवा और अनुभवी खिलाड़ी मिलकर बनाएंगे पुर्तगाल को विश्व चैंपियन: क्रिस्टियानो रोनाल्डो

    Updated: Sun, 07 Jun 2026 06:21 PM (GMT+05:30)

    फुटबॉल की दुनिया के शहंशाह क्रिस्टियानो रोनाल्डो छठा विश्व कप खेलने जा रहे हैं। ...और पढ़ें

    क्रिस्टियानो रोनाल्डो

    क्रिस्टियानो रोनाल्डो

    स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, नई दिल्‍ली। फुटबॉल की दुनिया के शहंशाह क्रिस्टियानो रोनाल्डो छठा विश्व कप खेलने जा रहे हैं। लगातार पांच विश्व कप में गोल कर चुके रोनाल्डो को नहीं लगता कि उनके करियर का आंकलन विश्व कप में उनके प्रदर्शन से होना चाहिए। साथ ही रोनाल्डो इस बार विश्व कप जीतने की उम्मीद भी लगाए बैठे हैं। अपने करियर पर बहुत गर्व करने वाले रोनाल्डो ने विश्व कप से पहले खास बातचीत की। पेश हैं प्रमुख अंश:-

    आप अपने करियर का छठा फीफा विश्व कप खेलने जा रहे हैं?

    ये बताता है कि मैं वक्त की परीक्षा में फेल नहीं हुआ। मेरा पहला विश्व कप साल 2006 में जर्मनी में था। और मैं इस टूर्नामेंट में अपने 20 साल पूरे करने के लिए अमेरिका में भी रहूंगा। अभी तक खेले हर विश्व कप में कम से कम एक गोल स्कोर कर पाना बहुत शानदार अनुभव रहा है।

    फुटबॉल में गोल मारना ही सबकुछ है और आप इस मामले में सबसे आगे हैं?

    हां, मुझे आंकड़ों का पता हैं और आंकड़े झूठ नहीं बोलते। मैंने यूरोपियन देशों की अलग-अलग लीग में खेलने की चुनौती स्वीकारी और गोल किए। अब मैं सऊदी अरब में खेल रहा हूं और यहां भी गोल कर रहा हूं। ये बहुत संतोषजनक है। साथ ही मैं अपने देश के लिए भी खूब गोल कर रहा हूं। ये बहुत अच्छा अनुभव है।

    जानकारों को लगता है कि इस बार पुर्तगाल के पास विश्व कप जीतने का अच्छा मौका है?

    हमारे पास एक बेहतरीन टीम है। हमारे फुटबॉल खिलाड़ी कई सालों से यूरोप की सर्वश्रेष्ठ लीगों में खेल रहे हैं। टीम के पास युवाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का बहुत अच्छा संयोजन है। इसलिए क्यों नहीं? पिछले 20 साल में हमने हर बार अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है। लेकिन बात बनी नहीं। इस बार हम फिर से प्रयास करेंगे। हर बार की तरह इस बार भी टीम का मनोबल ऊंचा है। देखते हैं अमेरिका में क्या होता है।

    खबरें और भी

    41 साल की उम्र में इस फिटनेस का क्या राज है?

    ये शारीरिक से ज्यादा मानसिक है। मैं हर बार बेहतर होना चाहता हूं। इससे मुझे अपनी क्षमताओं के सर्वश्रेष्ठ पर रहने की प्रेरणा मिलती है। ये हासिल करने के लिए मैं सबकुछ करने के लिए तैयार रहता हूं। फुटबॉल बहुत खूबसूरत खेल है और मैं जब तक हो सके ऊंचे स्तर पर खेलना चाहता हूं।

    कामयाबी की भूख अनंत है और यही मुझे चलाती रहती है। एक सच्चा पेशेवर होने के नाते मैं जानता हूं कि कि मुझे क्या करना है, किस रूटीन पर चलना है और क्या बलिदान देने हैं। अंत में मुझे मैदान पर होने, टीम की मदद करने में अपार प्रसन्नता मिलती है।

    ऐसा कहा जाता है कि आप बाहर बहुत ज्यादा नहीं बोलते हैं, लेकिन ड्रेसिंग रूम में आप सच्चे प्रेरक हैं?

    मैं इस बात की चिंता नहीं करता कि मेरी टीम से बाहर के लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं या क्या कहते हैं। मैंने हमेशा कहा है कि अगर वो मुझसे प्यार करते हैं तो बहुत अच्छी बात है। अगर वो मुझसे नफरत करते हैं तो ये मुझे और सफल होने की तरफ धकेलता है। इसलिए, मैं ज्यादा नहीं बोलता।

    लेकिन ड्रेसिंग रूम में, जब मैं अपने साथियों के साथ रहता हूं जो मैदान में एक लक्ष्य के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की पूरी कोशिश करते हैं, तो मेरा मानना है कि हमें सफलता के लिए साथ काम करना चाहिए। हमें एक-दूसरे की क्षमताओं पर भरोसा होना चाहिए। ड्रेसिंग रूम सिर्फ खिलाड़ियों, मैनेजर और ट्रेनर्स की जगह है। वहां हम क्या करते हैं, वो हमारे बीच की बात है।

    क्या आपने कभी फुटबॉल के बिना जीवन की कल्पना की थी?

    हां, और ये मेरे लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं था। फुटबॉल ही मेरा जीवन है। इस खेल ने मुझे सबकुछ दिया है। मैं जीवन में कुछ हासिल करना चाहता था। मैदान के वो पल हमेशा मेरे साथ रहेंगे। मैंने जितने भी मैच खेले हैं, हर मैच की हर मिनट की डीटेल मुझे याद है।

    हालांकि, मुझे पता है कि इस उम्र में मैं साल दर साल ये जारी नहीं रख सकता। एक दिन आएगा जब मुझे अलविदा कहना होगा। लेकिन इसी के साथ मुझे वर्तमान में रहना पसंद है। ये सब कहने के बाद कुछ ही दिन में हम एक और विश्व कप खेलने जा रहे हैं जो अभी हम सबके लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

    चूंकि ये आपका आखिरी विश्व कप है, क्या हम आपसे कुछ खास उम्मीद कर सकते हैं?

    देखिए, मैंने हमेशा कहा है कि आप एक खिलाड़ी को सिर्फ विश्व कप के प्रदर्शन के आधार पर नहीं देख सकते। विश्व कप 6-7 मैच का ही टूर्नामेंट होता है। मैं 20 साल से ज्यादा वक्त से पेशेवर फुटबॉल खेल रहा हूं। मेरे लिए, एक टूर्नामेंट से ज्यादा पूरे करियर का प्रदर्शन महत्वपूर्ण है।

    लोग शायद अलग सोचते होंगे, उनके पास इसका पूरा अधिकार है। और मेरे पास अपने विचार भी हैं। जब भी मैं किसी टूर्नामेंट में खेलता हूं, मैं अपना शत प्रतिशत देने की कोशिश करता हूं। हमेशा। और मैं इस बार भी ऐसा ही करूंगा। (पीएमजी)

    यह भी पढ़ें- 48 टीमें, 104 मैच, 1 लाख 29 हजार करोड़ का कुल खर्च...11 जून से शुरू होगा इतिहास का दूसरा सबसे महंगा FIFA वर्ल्ड कप

    यह भी पढ़ें- Football vs Bootball: लंदन ओलंपिक 1948 में भारतीय फुटबॉल टीम ने जूते क्यों नहीं पहने थे? कप्‍तान ने दिया था जवाब