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    विरासत की जंग: फीफा विश्व कप फाइनल में आमने-सामने होंगे स्पेन और अर्जेंटीना

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 08:42 AM (IST)

    फीफा विश्व कप फाइनल में स्पेन और अर्जेंटीना के बीच 'विरासत की जंग' होगी, जिसमें लियोनेल मेसी और लामिने यमाल आमने-सामने होंगे। यह मुकाबला दोनों टीमों क ...और पढ़ें

    मेसी के सामने होंगे यमाल

    मेसी के सामने होंगे यमाल

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    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। 19 साल पहले, 20वें साल में प्रवेश कर चुके लियोनेल मेसी ने महज छह महीने के लामिने यमाल के साथ एक फोटो शूट कराया था। वो साल 2007 था और 19 नंबर की जर्सी पहनने वाले मेसी स्पेन के क्लब बार्सिलोना और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में खुद को स्थापित कर रहे थे।

    19 साल बाद मेसी फुटबॉल को संपूर्ण कर चुके हैं और ठीक उन्हीं की तरह बार्सिलोना के लिए दाहिनी विंग पर खेलने वाले यमाल इस विश्व कप में 19 नंबर की जर्सी में दिख रहे हैं। यमाल बार्सिलोना में भी ये नंबर पहन चुके हैं और पूरी दुनिया उन्हें लियोन मेसी की विरासत का असली वारिस मान रही है लेकिन क्या यमाल ये विरासत मेसी से छीनकर लेंगे या मेसी उनका राज्याभिषेक टाल देंगे। रविवार देर रात पूरी दुनिया ये विरासत की जंग देखेगी दुनिया के सबसे बड़े आयोजन फीफा विश्व कप के फाइनल में।

    टकटकी लगाए देख रही दुनिया

    न्यूजर्सी स्टेडियम में होने वाले इस महा-मुकाबले पर पूरी दुनिया की नजर होगी क्योंकि सब जानते हैं कि ये मुकाबला बहुत शानदार होने वाला है। पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा देखे और खेले जाने वाले खेल की दो सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच हो रहा ये मैच दो अलग-अलग विचारधाराओं की लड़ाई भी है, जहां स्पेन गेंद पर कब्जा रखते हुए शास्त्रीय फुटबॉल खेलना पसंद करती है। वहीं अर्जेंटीना जीत के लिए जरूरी साम-दाम के साथ दंड-भेद अपनाने से भी नहीं चूकती।

    इनका खेल आजकल के रैप संगीत की तरह है, किसी लाइन से आप मंत्रमुग्ध भी हो सकते हैं और कोई लाइन आपको अंदर तक जला भी सकती है। लेकिन जो भी हो, मजा आना तय है। सेमीफाइनल मुकाबलों में कमाल का खेल दिखाने के बाद ये टीमें एक आखिरी चुनौती से पार पाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी ऐसे में हमारी सलाह है कि आप भी टीवी के आगे जम जाइएगा।

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    स्पेन की रणनीति

    इनका काम गेंद को पकड़कर रखना है क्योंकि फुटबॉल में गेंद जब गोल में जाती है तभी स्कोर होता है और अगर विपक्षी टीम को गेंद मिलेगी ही नहीं तो वो गोल कर नहीं पाएंगे। स्पेन की टीम की रणनीति को इससे सरल भाषा में नहीं बताया जा सकता। सालों से ये लोग गेंद को ज्यादा से ज्यादा वक्त तक अपने पास रखने की रणनीति से खेलते हैं और अब इनके पास लामिने यमाल और निको विलियम्स के रूप में दो बहुत तेज भागने वाले विंगर भी हैं।

    स्पेन की टीम किनारों से तेज हमला, तेजी से डायगोनल पासिंग और जगह बदलते खिलाड़ियों के दम पर विपक्षी टीम को परेशान करती है। टीम मिडफील्ड में रोड्री को लगाती है जो सर्जियो बुस्केट्स की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बीते कई सालों से स्पेन के गेम को एंकर करते हैं।

    रोड्री ना सिर्फ विपक्षियों से तेजी से गेंद छीनते हैं बल्कि गेंद कब्जे में आने के बाद फुर्ती से अटैक शुरू करना भी उन्हीं का काम है। हालांकि इन सबके बीच लोगों का ध्यान स्पेन के डिफेंस पर कम ही जाता है जिन्हें इस विश्व कप में विचलित होते किसी ने देखा ही नहीं।

    खतरनाक चौकड़ी

    स्पेन की पूरी टीम में से अगर सिर्फ चार खिलाड़ियों की बात करनी हो तो सबसे पहले रोड्री का जिक्र आएगा जिनकी खूबी हम आपको बता चुके हैं। इनके बाद स्ट्राइकर मिकेल ओयारजबाल हैं जिन्होंने इस विश्व कप में पांच गोल और एक असिस्ट किए हैं।

    गोल की बात हुई तो मिकेल मेरिनो के नाम इस विश्व कप में सिर्फ दो गोल दिखते हैं लेकिन उन दोनों गोल की बदौलत की स्पेन यहां तक आया है। महज 200 मिनट खेले मिकेल ने दोनों गोल नॉकआउट मुकाबलों में स्पेन की विजय में दागे। पूरे मुकाबले में जिस पर सबकी नजर रहेगी वो होंगे लामिने यमाल जो अपनी चतुराई, गति और ड्रिबलिंग से अर्जेंटीना के डिफेंस को बहुत तकलीफ देने वाले हैं।

    फार्मेशनः 4-2-3-1

    संभावित शुरुआती 11: उनाइ सिमोन, पेड्रो पोर्रो, पाउ कुबारसी, अयमेरिक लपोर्त, मार्क कुकुरेया, फैबियन रुइज, रोड्री, लामिने यमाल, दानी ओल्मो, एलेक्स बेना, मिकेल ओयारजबाल

    अर्जेंटीना की रणनीति

    फीफा विश्व कप 2026 में सबसे ज्यादा गोल करने वाली टीम अर्जेंटीना की रणनीति समझना आसान नहीं है। मैच के ज्यादातर वक्त तक ये सवारी सीट पर बैठकर मैच का मजा लेते हैं और जैसे ही मैच खत्म होने वाला होता है, झट से स्टेयरिंग थामकर जहां चाहें वहां लेकर चले जाते हैं। इस विश्व कप में अर्जेंटीना की रणनीति लचीली और मौकों के हिसाब से बदलने वाली होती है। अर्जेंटीना मैच के बीच में ही फार्मेशन बदलने में भी माहिर है, इस विश्व कप के अंतिम पलों में इनसे ज्यादा गोल किसी ने नहीं किए।

    फ्री रोल में खेल रहे मेसी अर्जेंटीना की पूरी रणनीति अपने आसपास लेकर चलते हैं और पलक झपकते ही साधारण से माहौल को गोल में बदल देते हैं। अर्जेंटीना इस विश्व कप में सेट पीस से भी बहुत गोल कर रही है।

    चार करेंगे वार

    जब आपके विरुद्ध लियोनल मेसी खेल रहे हों तो सबसे ज्यादा हमलों की उम्मीद उन्हीं से करिए लेकिन इस टीम के मिडफील्डर भी बहुत खतरनाक हैं। एलेक्सिस मैच एलिस्टर के नाम आपको गोल या गोल से जुड़े अन्य योगदान भले कम दिखें लेकिन टीम के अटैक में वह पूरी शिद्दत से लगे रहते हैं। सेमीफाइनल मैच में भी उनके दो शॉट गोलपोस्ट से लगकर लौटे थे और उन्हीं के दूसरे शॉट पर बने मौके को मेसी ने असिस्ट और लुतारो मार्तिनेज ने गोल में बदलकर अर्जेंटीना को जीत दिलाई थी।

    एंजो फर्नांदेज के लंबी दूरी के शॉट्स के बारे में ज्यादा कुछ कहने की जरूरत है नहीं, उन्हें खाली छोड़ा तो वो बॉक्स के बाहर से ही गोल मार देंगे। टीम के स्ट्राइकर लुतारो मार्तिनेज अब मुश्किल क्षणों में गोल दागने के मास्टर हो चुके हैं, इस विश्व कप में उनके नाम तीन गोल और एक असिस्ट है।

    फार्मेशनः 4-1-3-2

    संभावित शुरुआती 11: एमिलियानो मार्तिनेज, नाहुएल मोलीना, क्रिस्तियन रोमेरो, लिसांद्रो मार्तिनेज, निकोलस तग्लियाफीको, रोद्रिगो दे पाल, लींद्रो पारेदेस, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, एंजो फर्नांदेज, लियोनल मेसी और जूलियन अल्वारेज।

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