France vs Paraguay मैच में पसीने से नहा गए खिलाड़ी, गर्मी के कारण वर्ल्ड कप में बन गया इतिहास
फ्रांस और पैराग्वे के बीच फीफा वर्ल्ड कप-2026 का मैच इतिहास का सबसे गर्म मैच बन गया, जहां फिलाडेल्फिया में तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भ ...और पढ़ें

फ्रांस और पैराग्वे मैच में गर्मी से परेशान दिखे खिलाड़ी

समय कम है?
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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। फ्रांस और पैराग्वे के बीच रविवार को खेला गया फीफा वर्ल्ड कप-2026 का मैच इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। इस मैच ने जो रिकॉर्ड बनाया है वो अपने खेल से नहीं बल्कि मौसम के चलते बनाया है। ये मैच वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे गर्म मैचों में से एक के रूप में दर्ज हुआ है।
फिलाडेल्फिया के लिंकन फाइनेंशियल फील्ड में खेले गए इस मैच की शुरुआत के समय तापमान 37.9 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि मैच के दौरान तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस तक रहा। मैच के दौरान खिलाड़ियों गर्मी से जूझते हुए दिखे। इसी के चलते ये वर्ल्ड कप के सबसे गर्म मैचों में से एक मैच बन गया। वहीं ये इस वर्ल्ड कप का सबसे गर्म मैच भी बन गया।
अमेरिका गर्मी से परेशान
अमेरिका इस समय गर्मी से परेशान है। वहां इस समय जमकर गर्म हवा और लू चल रही है जिससे वहां के लोगों के लिए जीना मुश्किल हो गया है। अमेरिका के लोगों ने कभी इतनी गर्मी का अनुभव नहीं किया जितना इस बार कर रहे हैं। बुधवार से नॉर्थईस्टर्न श्रेत्र में तापमान 37.8 डिग्री के आसपास ही रहा है । मौसम विभाग ने बताया था कि मैच वाले दिन तापमान दोपहर के समय 37.9 डिग्री तक जा सकता है जो फिलाडेल्फिया को मिली आजादी वाले दिन के तापमान से कुछ ही कम है।
फिलाडेल्फिया को चार जुलाई 1966 को आजादी मिली थी और उस दिन तापमान 39.4 डिग्री था। नेशनल वेदर सर्विस ने फिलाडेल्फिया में रात के आठ बजे तक गर्म हवा की बात कही थी। इसका साफ मतलब है कि नॉकआउट मैच बेहद गर्मी में खेले जाने हैं।
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नहीं की देरी
ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था की फीफा गर्मी के कारण इस मैच को देरी से शुरू करे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। फीफा ने बिना देरी के मैच समय पर शुरू किया। मैच काफी रोमांचक रहा जिसमें फ्रांस ने पैराग्वे को 1-0 से हरा दिया। 2018 की विजेता के लिए किलियन एम्बापे ने 70वें मिनट में गोल किया।