भारत के फुटबॉल खिलाड़ियों और कोच का किया गया अपमान, स्टेडियम से दिखाया गया बाहर का रास्ता
कोच्चि के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में भारतीय फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों और कोच खालिद जामिल को प्रवेश से रोका गया। केरल फुटबॉल एसोसिएशन और स्टेडियम अधिकारियों के बीच भुगतान विवाद के कारण यह घटना हुई।

भारतीय फुटबॉल टीम
HighLights
भारतीय फुटबॉल टीम को कोच्चि स्टेडियम में प्रवेश नहीं मिला
केरल फुटबॉल एसोसिएशन और स्टेडियम में भुगतान विवाद हुआ
एएफसी एशियन कप क्वालिफायर प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द हुई
आईएएनएस, कोच्चि। कोच्चि के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (JLN) में गुरुवार को भारतीय फुटबॉल के लिए एक शर्मनाक घटना घटी। यहां भरतीय फुटबॉल टीम के कुछ खिलाड़ी और कोच खालिद जामिल को मैदान में प्रवेश से रोक दिया गया। इसके बाद इन्हें स्टेडियम परिसर से ही बाहर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि केरल फुटबॉल एसोसिएशन और स्टेडियम अधिकारियों के बीच भुगतान विवाद के चलते यह शर्मनाक विवाद पैदा हुआ।
खिलाड़ी और कोच एएफसी एशियन कप क्वालिफायर में हांगकांग के विरुद्ध मैच से पूर्व प्रेस कांफ्रेंस के लिए मैदान में जा रहे थे, जिसे इस विवाद के बाद रद कर दिया गया। इंटरनेट मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कई फुटबाल प्रशंसकों ने इस घटना को 'राष्ट्रीय अपमान' तक करार दिया है। कई लोग इस प्रकरण को भारतीय फुटबाल के लिए गिरता हुआ स्तर, नया पतन कह रहे हैं।
अतिरिक्त रुपए की मांग
इनमें सबसे मजबूत प्रतिक्रियाएं मुख्य रूप से केरल के प्रशंसकों की ओर से ही आई हैं, जिन्हें परंपरागत रूप से देश में सबसे उग्र फुटबॉल प्रेमियों में माना जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, ग्रेटर कोचीन डेवलपमेंट अथारिटी (जीसीडीए) ने स्टेडियम को फिर से सुविधाजनक बनने के लिए केरल फुटबॉल एसोसिएशन से किराए के रूप में 20-25 लाख रुपये की सुरक्षा जमा और अतिरिक्त तीन लाख रुपये की मांग की थी।
अखिल भारतीय फुटबॉल फेडरेशन का बयान
एसोसिएशन ने इसके लिए अधिक समय मांगा था, लेकिन गुरुवार को अधिकारियों ने पूरे भुगतान के बिना खिलाड़ियों और कोच को प्रवेश से रोक दिया। अखिल भारतीय फुटबॉल फेडरेशन ने इस घटना पर बयान जारी करते हुए कहा है कि भारत के हांगकांग और चीन से कोच्चि में होने वाले एशियाई कप 2027 क्वालीफायर्स फाइनल राउंड मैच निर्धारित समयानुसार ही होंगे। हम जेएलएन स्टेडियम के प्रबंधों के संबंध में केरल फुटबॉल एसोसिएशन के साथ लगातार समन्वय में हैं। हमें पूरा विश्वास है कि औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी।
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