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    दुर्भाग्य की पराकाष्ठा से गुजरी ईरानी टीम अमेरिका से बाहर

    Updated: Mon, 29 Jun 2026 05:00 AM (IST)

    ईरानी फुटबॉल टीम का अमेरिका में फीफा विश्व कप का सफर दुर्भाग्यपूर्ण रहा, जहां वे कई मौकों पर अंतिम-32 में पहुंचने से चूक गए। यात्रा प्रतिबंधों और खराब ...और पढ़ें

    ईरान का सफर हुआ समाप्त

    ईरान का सफर हुआ समाप्त

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    सूरज पांडेय, जागरण, नई दिल्ली : अमेरिका से युद्ध के बीच उसी की धरती पर फीफा विश्व कप खेलने पहुंची ईरानी टीम के लिए पूरा विश्व कप भूलने लायक ही रहा। ग्रुप चरण लगातार अमेरिका से नाराजगी जताते, आधी-अधूरी तैयारी के साथ मैच खेलते बीत गया। यह टीम अमेरिकी धरती में अपने आखिरी कुछ घंटों में कई दफा खुशी से उछली और लगभग हर बार ही निराशा में धंस भी गई।

    अपने आखिरी ग्रुप मैच से लेकर ओवरऑल आखिरी ग्रुप मैच तक ईरान की टीम के पास कम से कम चार ऐसे मौके आए जब भाग्य का जरा सा साथ उन्हें अंतिम-32 में पहुंचा देता, लेकिन चारों बार भाग्य ने उनकी ओर से मुंह मोड़ लिया।

    मिस्र से हार

    अगर ईरान अपने आखिरी ग्रुप मैच में मिस्र को हरा देती तो बिना किसी सहारे के नॉकआउट में पहुंच जाती, लेकिन भाग्य इस मैच में इनसे रूठा ही रहा। ये मैच 1-1 की बराबरी पर छूटा और ईरान की टीम ग्रुप में तीसरे नंबर पर रही। मैच में इनके कप्तान पेनाल्टी पर गोल करने से चूक गए, फिर उनका एक हेडर क्रॉसबार (गोल का ऊपरी खंभा) से लगकर गोल में नहीं गया और अंतिम पलों में जब इन्होंने गोल कर दिया तो वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) ने इसे ऑफसाइड बताते हुए अमान्य करार दे दिया।

    लगातार तीन झटके

    ईरानी टीम तीसरे नंबर पर रहकर भी आगे बढ़ सकती थी, लेकिन एक बार फिर भाग्य ने उनकी ओर देखने से भी मना कर दिया। ग्रुप चरण के अंतिम दिन के मुकाबलों में अगर घाना की टीम क्रोएशिया को हरा देती तो ईरान आगे निकल जाता, लेकिन क्रोएशिया ने 83वें मिनट में विजयी गोल करते हुए इनकी उम्मीद तोड़ दी। कांगो की हार या उनका ड्रॉ मुकाबला भी ईरान को आगे पहुंचा देता, लेकिन कांगो ने पिछड़ने के बाद आखिरी मिनटों में 3-1 से अपना मैच जीत लिया।

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    ईरान का आखिरी मौका उनके ग्रुप के आखिरी मैच में था। अल्जीरिया और ऑस्ट्रिया के बीच का ये मुकाबला कोई भी टीम जीत जाती तो नॉकआउट में पहुंच जाता, लेकिन इन दोनों टीमों ने 90+3 और 90+6 मिनट में गोल मारते हुए मुकाबला ड्रॉ करा लिया और ईरान बाहर हो गई।

    अमेरिका ने नहीं दी इजाजत

    ईरान की टीम बाकी टीमों की तरह दो हफ्ते पहले आना चाहती थी लेकिन अमेरिका ने उन्हें अनुमति नहीं दी। पहले दो लीग मैच के दौरान ईरान की टीम मैच के दिन ही बिना किसी सपोर्ट स्टाफ के मेक्सिको से अमेरिका की यात्रा करती थी। यह टीम मैच खेलकर तुरंत वापस मेक्सिको जाती थी। इन्हें ना तो मैच से पहले प्रैक्टिस और ना ही मैच के बाद रिकवरी का वक्त मिलता था।

    आखिरी लीग मैच से पहले अमेरिका ने इन्हें दो दिन पहले आने की इजाजत दे दी, लेकिन मैच के तुरंत बाद वापसी का नियम बना रहा। ईरान के कोच और कप्तान ने इस विश्व कप को सबसे खराब अनुभव बताते हुए फीफा से प्रार्थना की थी कि वह सुनिश्चित करें कि आने वाले किसी विश्व कप में ऐसा ना हो।

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