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    गुजरात: मोरबी में कुएं के पानी में उठीं अजीबोगरीब लहरें, क्या है इसके पीछे की वजह?

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 12:07 AM (IST)

    मोरबी के वीरपरदा गांव में एक कुएं का पानी रहस्यमय तरीके से हिलने और उबलने लगा, जिससे लोग दहशत में आ गए। ...और पढ़ें

    कुएं में पानी की रहस्यमयी हलचल का वैज्ञानिक खुलासा (प्रतीकात्मक फोटो)

    कुएं में पानी की रहस्यमयी हलचल का वैज्ञानिक खुलासा (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. मोरबी के वीरपरदा गांव में कुएं का पानी हिला।

    2. भूवैज्ञानिकों ने भूजल पुनर्भरण और हवा फंसने को कारण बताया।

    3. जिला प्रशासन ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

    डिजिटल डेस्क, मोरबी। गुजरात के मोरबी तालुका के वीरपरदा गांव से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक किसान के खेत में बने कुएं का पानी अचानक रहस्यमयी तरीके से हिलने और उबलने लगा। कुएं के पानी में हो रही इस अजीबोगरीब उथल-पुथल को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होने लगे।

    कुछ लोगों ने इसे अलौकिक शक्ति या अंधविश्वास से जोड़ना शुरू कर दिया, तो कुछ को भूकंप की आशंका सताने लगी। हालांकि, जिला प्रशासन और वैज्ञानिकों की टीम ने जांच के बाद इस रहस्य से पर्दा उठा दिया है।

    नवनिर्मित कुएं में अचानक शुरू हुई हलचल

    वीरपरदा गांव के निवासी प्रांजीवनभाई सरदिया के खेत में हाल ही में एक नया कुआं बनाया गया था, जो भारी बारिश के कारण अपनी पूरी क्षमता तक भर चुका था।

    रविवार और सोमवार को इस कुएं के पानी में असामान्य हलचल और लहरें उठती देखी गईं, जो मंगलवार को पूरी तरह शांत हो गईं। लेकिन बुधवार शाम को अचानक फिर से पानी में तेज उथल-पुथल शुरू हो गई। इस घटना के बाद वहां लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

    भूकंप या दैवीय चमत्कार नहीं

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मोरबी जिले की भूविज्ञान टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू की। भूवैज्ञानिक जगदीश वाढेर ने इस घटना के पीछे के वास्तविक कारणों को स्पष्ट करते हुए बताया कि हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण बड़े पैमाने पर भूजल पुनर्भरण (ग्राउंडवाटर रिचार्ज) हो रहा है।

    इसके अतिरिक्त, पानी के निचले हिस्से में हवा फंस जाने (एयर ट्रैप) और सड़क के किनारे कुआं होने के कारण हवा के तेज बहाव से पानी में यह उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

    भूवैज्ञानिक ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने सीस्मोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट से भी संपर्क किया था, जिसने इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की भूकंपीय गतिविधि या सक्रिय फॉल्ट होने की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है।

    कलेक्टर ने अफवाहों से दूर रहने की अपील की

    इस घटना को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर फैल रहे डर और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए जिला कलेक्टर स्वप्निल खरे ने जनता से विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही इन्हें आगे बढ़ाएं।

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    प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, भूजल विभाग की एक विशेष टीम जल्द ही इस स्थल का दौरा करेगी और अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी। फिलहाल स्थानीय लोगों के लिए डरने या चिंतित होने की कोई आवश्यकता नहीं है।

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