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    वडोदरा के SSG अस्पताल में डॉक्टर पर हमला, विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल

    Updated: Thu, 30 Apr 2026 04:24 PM (IST)

    वडोदरा के सयाजी अस्पताल में एक डॉक्टर पर हमले के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों ने गैर-आपातकालीन सेवाओं का बहिष्कार कर हड़ताल शुरू कर दी है। इससे स्वास्थ ...और पढ़ें

    वडोदरा में डॉक्टर पर हमले के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल

    वडोदरा में डॉक्टर पर हमले के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल

    HighLights

    1. वडोदरा के सयाजी अस्पताल में डॉक्टर पर हमला हुआ

    2. रेजिडेंट डॉक्टरों ने गैर-आपातकालीन सेवाओं का बहिष्कार किया

    3. डॉक्टरों ने अस्पताल में कड़ी सुरक्षा की मांग की

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 29 अप्रैल को वडोदरा के सयाजी अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में ड्यूटी पर मौजूद एक डॉक्टर पर हुए हमले के गंभीर नतीजे सामने आए हैं। इस घटना के विरोध और सुरक्षा की मांग करते हुए, रेजिडेंट डॉक्टरों ने कड़ा रुख अपना लिया है और आज सुबह से सभी गैर-आपातकालीन ऑपरेशन का बहिष्कार कर दिया है।

    इस हड़ताल से अस्पताल की नियमित इलाज सेवाओं पर बुरा असर पड़ा है, जिससे मरीजों और उनके रिश्तेदारों को परेशानी हो रही है।

    क्या है पूरा मामला?

    कल, पोस्टमार्टम रूम में ड्यूटी पर मौजूद एक डॉक्टर पर तीन असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया। इस घटना के बाद डॉक्टरों में भारी गुस्सा फैल गया। डॉक्टरों की सुरक्षा की कमी के कारण पोस्टमार्टम का काम पूरी तरह ठप हो गया, जिसके चलते सात शवों को तुरंत गोत्री अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ा।

    रेजिडेंट डॉक्टरों ने काम पर लौटने के लिए कुछ शर्तें और मांगें रखी हैं:

    • अस्पताल परिसर में एक स्थायी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था स्थापित की जाए।
    • पूरे अस्पताल परिसर में CCTV कैमरों के नेटवर्क को मजबूत किया जाए।
    • परिसर के अंधेरे इलाकों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए।
    • डॉक्टरों पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

    बैठकों का दौर शुरू

    हड़ताल की खबर मिलते ही राज्य सरकार हरकत में आ गई। वडोदरा के जिला कलेक्टर, संयुक्त पुलिस आयुक्त और अस्पताल के अधीक्षक डॉ. रंजन अय्यर ने रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ एक लंबी बैठक की।

    कलेक्टर ने डॉक्टरों को समझाया कि सरकार उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, और यह डॉक्टरों की भी जिम्मेदारी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि गरीब मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो।

    क्या है मौजूदा स्थिति?

    रावपुरा पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। डॉ. रंजन अय्यर ने मीडिया को बताया कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। सुरक्षा बढ़ाने के लिए सरकार को एक प्रस्ताव भेजा जाएगा।

    खबरें और भी

    हालांकि, हड़ताल को आधिकारिक तौर पर खत्म करने के संबंध में अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य मंत्री से मिलने के लिए गांधीनगर गया है।

    हड़ताल के संबंध में अंतिम घोषणा वहीं से मिलने वाले आश्वासन और फैसले के बाद ही की जाएगी। फिलहाल, OPD और इलाज से जुड़े अन्य कामों को अस्पताल के प्रोफेसर और ट्यूटर संभाल रहे हैं।

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