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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    गृह मंत्री अनिल विज की कोठी का घेराव करने जा रहीं थी आशा वर्कर, पुलिस ने हिरासत में लेकर दूसरी जगह छोड़ा

    By Jagran NewsEdited By: Preeti Gupta
    Updated: Wed, 13 Sep 2023 03:28 PM (IST)

    Asha worker Strike हरियाणा की हजारों आशा वर्कर हड़ताल (Asha worker strike) पर हैं। वह अपनी मांगों के लिए प्रशासन का विरोध कर रही हैं। गृह मंत्री अनिल ...और पढ़ें

    अनिल विज की कोठी का घेराव करने जा रहीं आशा वर्कर को पुलिस ने हिरासत में लेकर दूसरी जगह छोड़ा
    अनिल विज की कोठी का घेराव करने जा रहीं आशा वर्कर को पुलिस ने हिरासत में लेकर दूसरी जगह छोड़ा

    HighLights

    1. अनिल विज की कोठी का घेराव करने जा रही थीं आशा वर्कर
    2. पहले ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर दूसरी जगह छोड़ दिया।
    3. अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए आशा वर्कर हड़ताल पर हैं।

    अंबाला, जागरण संवाददाता। Asha worker Strike: हरियाणा की हजारों आशा वर्कर हड़ताल (Asha worker strike) पर हैं। वह अपनी मांगों के लिए प्रशासन का विरोध कर रही है। वहीं, उन्होंने आज हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज (Home Minister Anil Vij) के आवास घेरने के लिए धावा बोला। जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज की कोठी का घेराव करने आयी आशा वर्कर को अंबाला छावनी के बस स्टैंड (Bus Stand of Ambala Cantonment) पर हिरासत में ले लिया।

    पुलिस ने आशा वर्कर्स को लिया हिरासत में

    पुलिस ने सभी को दूसरी जगह ले जाकर छोड़ दिया। अपनी मांगों को लेकर आशा वर्कर अनिल विज की कोठी का घेराव करने जा रही थी। इससे पहले ही पुलिस ने कोठी को चारों ओर से सुरक्षा घेरा मज़बूत कर लिया था और वहां तक आने से पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया।

    न्यूनतम वेतन बढ़ाने की कर रहीं मांग

    आशा वर्कर काफी लंबे समय से अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए हड़ताल कर रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है सरकार सभी आशा वर्कर की न्यूनतम वेतन 26,000 करे। इसी के चलते आशा वर्कर लगातार सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रही हैं। वेतन बढ़ाने के साथ-साथ आशा वर्कर खुद को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिलाने की मांग कर रही हैं।

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    'पांच साल में नहीं हुई मानदेय में बढ़ोतरी'

    आशा वर्कर्स ने आरोप लगाया कि पिछले पांच साल से राज्य सरकार द्वारा आशाओं के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसी तरह 12 साल से केंद्र सरकार द्वारा आशाओं के इंसेटिंव में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। सरकार को तुरंत प्रभाव से आशा वर्कर्स की समस्याओं और मांगों का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मांगों और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आठ अगस्त से तीन दिन की हड़ताल करेंगी जिसके लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार होंगे।

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