यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Farmers Protest: पहले किसानों पर पुलिस ने बरसाए फूल, अब दागे आंसू गैस के गोले; किसान बोले- केमिकल मिला था
दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों के जत्थे पर हरियाणा पुलिस ने फूल बरसाए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इससे पहले पुलिस ने किसानों पर आ ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। 101 किसानों का पहला जत्था फिर से दिल्ली के लिए अपना पैदल मार्च शुरू कर दिया है। लेकिन किसानों के लिए दिल्ली दूर नजर आ रही है। किसानों के सामने शंभू बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस दीवार बन कर खड़ी है। लेकिन इस बीच शंभू बॉर्डर पर अनोखी वीडियो सामने आई है।
यह वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में हरियाणा पुलिस प्रदर्शनकारी किसानों पर फूल बरसा रहे हैं। वहीं, कुछ देर बाद पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस के गोले दाग दिए। 6 दिसंबर को भी पुलिस ने किसानों पर 20 से ज्यादा आंसू गैस के गोले दागे थे, जिसमें कई किसान घायल हो गए थे।
#WATCH | Police sprinkle flower petals on the farmers at the Punjab-Haryana Shambhu border who are protesting and trying to move ahead as they begin their 'Dilli Chalo' march, today pic.twitter.com/EjIs3vVWsc
— ANI (@ANI) December 8, 2024
पुलिस ने किसानों को दी चाय
वहीं, हरियाणा पुलिस और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच एक और अनोखी तस्वीर सामने आई है, जिसमें पुलिस किसानों को अदरक वाली चाय ऑफर कर रही है तो किसान उन्हें पानी की बोतल ऑफर कर रहे हैं। लेकिन जैसे ही किसान दिल्ली कूच की ओर आगे बढ़ रहे हैं तभी उनपर आंसू गैस के गोले दाग रहे हैं।
फूल बरसाने पर क्या बोले किसान
बैरिकेडिंग के पास बैठे कुछ किसानों का ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार द्वारा फेंके गए फूल में केमिकल मिला हुआ था, इससे किसानों की तबीयत खराब हुई है। जिससे कई किसान घायल हुए हैं, अब तक कुल 4 किसान जख्मी हुए हैं जिन्हें राजपुरा के सिविल अस्पताल ले जाया गया है।
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मौके पर पहुंचे सरवण सिंह पंधेर
किसान नेता सरवण सिंह पंधेर मौके पर पहुंच गए हैं। वे किसानों को वापस लेने आए हैं। जिससे बैरिकेडिंग के नजदीक बैठे अब सभी किसान वापिस मोर्चा स्थल पर पहुंच गए हैं। सरवन सिंह पंधेर साढ़े चार बजे प्रेस वार्ता का एलान किया है, जिसमें वह आगे की रणनीति के बारे में स्पष्ट करेंगे।
बता दें कि हरियाणा पुलिस ने किसानों से पैदल मार्च निकालने के लिए अनुमति दिखाने को कहा। हरियाणा पुलिस ने पहले किसानों से आगे नहीं बढ़ने को कहा था और अंबाला प्रशासन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लगाए गए निषेधाज्ञा का हवाला दिया था।