बहादुरगढ़ में नवजात तस्करी गिरोह का खुलासा, अब तक 40 से ज्यादा शिशुओं को बेचने का पता चला
बहादुरगढ़ में नवजात बच्चों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें
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HighLights
गिरोह ने साढ़े तीन साल में 40 से अधिक बच्चे बेचे।
नवजात शिशुओं को 2-3 लाख में खरीदकर 8-9 लाख में बेचा।
पुलिस ने अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़। नवजात बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह द्वारा अंजाम दिए गए नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त के मामलों की फेहरिस्त कहीं ज्यादा लंबी है। अभी तक पूछताछ में पुलिस को इस गिरोह द्वारा 40 से ज्यादा नवजात शिशुओं को बेचने का पता चल चुका है। ऐसे में पुलिस की टीमें सभी मामलों का पता लगाने में जुट गई हैं। यह संख्या अभी और बढ़ सकती है।
बच्चों को आठ लाख में बेचा गया
यह गिरोह करीब साढ़े तीन साल से इस अवैध खरीद-फरोख्त में जुटा था। अभी तक इस मामले में कुल नौ आरोपित पकड़े जा चुके हैं। जांच में पुलिस को अभी तक करीब 40 से अधिक मामलों का पता चल चुका है। देश के कई राज्यों में नवजात शिशु बेचे गए हैं। इन सभी मामलों में बच्चों को दो से तीन लाख में खरीदा गया और आठ से नौ लाख में बेचा गया।
गिरोह से जुड़े चार और लोग गिरफ्तार
शुरुआत में गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा गया था। जिनमें एक महिला बेअंत कौर है, जो पंजाब के मुक्तसर की रहने वाली है। जबकि दो पुरुष सदस्यों में सलीम अहमद और आकिल मलिक हैं, जो गाजियाबाद के रहने वाले हैं। इनकी गिरफ्तारी के बाद पंजाब से तीन दिन के नवजात शिशु के माता-पिता को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। फिर पुलिस ने गिरोह से जुड़े चार और लोगों को गिरफ्तार किया।
ये चारों पहले से गिरफ्तार गिरोह के सदस्यों के संपर्क में थे और नवजात बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त के नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। तस्करी की सप्लाई चेन को मजबूत करने, संभावित ग्राहकों से संपर्क स्थापित करने और सौदे को अंतिम रूप देने में सहयोग करते थे। डीसीपी मयंक मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2022 के अंत से यह गिरोह नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त कर रहा था। जल्द ही इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होंगी। इस गिरोह द्वारा 40 से ज्यादा नवजात बच्चों को बेचने के मामलों का अभी तक पता चल चुका है।