Haryana SIR: बहादुरगढ़ में मतदाता सूची से कटेंगे 40 हजार से ज्यादा नाम, संदिग्ध श्रेणी में 26 प्रतिशत वोटर
बहादुरगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 50 हजार से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। मतदाता सूची में मृत, शिफ्ट, गैरहाजिर या दोहरी वोट क ...और पढ़ें

HighLights
बहादुरगढ़ में 50 हजार से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी होंगे
26% नाम मृत, शिफ्ट, गैरहाजिर या दोहरी वोट की श्रेणी में।
अंतिम मतदाता सूची में बड़े स्तर पर संशोधन की संभावना
बहादुरगढ़, जागरण संवाददाता। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत अब शनिवार से नोटिस प्रक्रिया शुरू होगी। जिन मतदाताओं का पुराना लिंक नहीं मिला है, या फिर जिनके रिकॉर्ड में त्रुटि और हालिया प्रक्रिया के फार्म में कमी रह गई है, उन सभी को नोटिस जारी होंगे।
यह आंकड़ा 50 हजार से ज्यादा है। उधर, पहले की प्रक्रिया के दौरान कुल मतदाताओं में से लगभग 26 प्रतिशत के नाम तो पहले से ही मृत, शिफ्ट, गैरहाजिर या दोहरी वोट की श्रेणी में आ चुके हैं। ऐसे में अनुमान है कि जब अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। तो भारी संख्या में मतदाता सूची से नाम हट जाएंगे।
मतदाता सूची से कम हो सकते हैं 40 हजार से ज्यादा नाम
एसआईआर के शुरुआती चरण से बहादुरगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार पुरानी मतदाता सूची से 40 हजार से ज्यादा नाम कम हो सकते हैं। हालांकि आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा भी हो सकता है।
कई तरह की श्रेणी हैं, जिनके नाम तो हर हाल हाल में हटने हैं, इनमें से जिनका निधन हो चुका है, जो लंबे समय से दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो गए हैं, जो अपने पते पर गैर हाजिर हैं और चौथे वे जिनकी दोहरी वोट हैं या फिर जिनका पुराना कोई रिकार्ड नहीं मिल रहा।
खबरें और भी
बहादुरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में ढाई लाख से अधिक मतदाता दर्ज हैं। यहां पर कुल 233 बूथ हैं। एसआईआर के तहत सभी मतदाताओं को प्रपत्र वितरित किए गए थे। प्रपत्रों की वापसी के बाद उनका डिजिटाइजेशन कार्य भी हो चुका है।
अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार की जा रही है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार मतदाता सूची में आठ हजार से अधिक ऐसे नाम हैं, जिन मतदाताओं का निधन हो चुका है। वहीं 40 हजार से अधिक नाम ऐसे लोगों के हैं, जो या तो दूसरे क्षेत्रों में शिफ्ट हो चुके हैं या लंबे समय से यहां निवास नहीं कर रहे हैं।
अब इस अभियान की नई प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें सबसे पहले तो उन मतदाताओं को नोटिस जारी होंगे, जिनका 2002 की सूची के आधार पर पुराना कोई लिंक नहीं मिला है या फिर जिन्होंने अपने प्रपत्र में पूरी जानकारी नहीं दी है। कुछ संख्या उनकी भी है, जिनके रिकार्ड में गलती है।
अधिकारियों का कहना है कि अंतिम स्थिति नई मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसके बाद नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाए गए नामों पर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
फिलहाल यह तय माना जा रहा है कि इस बार मतदाता सूची में बड़े स्तर पर संशोधन देखने को मिलेगा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे एसआईआर अभियान में पूरा सहयोग करें। इधर, बीएलओ को नोटिस प्रक्रिया को लेकर हाल ही में ट्रेनिंग दी जा चुकी है।