Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    फर्जी आधार से बना डॉक्टर, बहादुरगढ़ में 3 साल से छिपा बांग्लादेशी झोलाछाप गिरफ्तार

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 11:27 AM (IST)

    बहादुरगढ़ में तीन साल से छिपा एक 25 वर्षीय बांग्लादेशी झोलाछाप डॉक्टर पकड़ा गया है। उसने फर्जी आधार कार्ड बनवा रखा था और अब उसे वापस बांग्लादेश भेजने ...और पढ़ें

    पुलिस की गिरफ्त में आरोपित।

    पुलिस की गिरफ्त में आरोपित।

    HighLights

    1. बहादुरगढ़ में अवैध बांग्लादेशी झोलाछाप डॉक्टर तीन साल बाद पकड़ा गया।

    2. फर्जी आधार कार्ड बनवाकर भारत में छिपा हुआ था।

    3. पुलिस ने बांग्लादेश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की।

    जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़। देश में अवैध रूप से घुसा बांग्लादेश का एक 25 वर्षीय झोलाछाप डॉक्टर बहादुरगढ़ से पकड़ा गया है। वह तीन साल से यहां पर छिपा हुआ था। बंगाल से उसने फर्जी आधार कार्ड बनवा रखा था। गुप्तचर विभाग ने उसे काबू किया। फिलहाल उसे पुलिस के हवाले किया गया है और बांग्लादेश वापस भेजने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    पकड़े गए शख्स का असल नाम टिंकर है। वह बांग्लादेश के नोराइल जिले का रहने वाला है। वर्ष 2019 में वह बंगाल के रास्ते देश में घुसा था। पहले उसने बंगाल के चौबीस परगना जिले से फर्जी आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बनवाए। इसके बाद वह दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में रहा।

    अब तीन साल से हरियाणा में आया था। फिलहाल बहादुरगढ़ एरिया में उसने अपना ठिकाना बना रखा था और यहां के कामगार इलाके में डॉक्टर बनकर काम कर रहा था। हाल ही में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ शुरू की गई मुहिम के बीच गुप्तचर विभाग को इसके बारे में इनपुट मिला तो जांच शुरू की गई।

    उसने यहां अपना नाम टिंकू बता रखा था। इसी नाम से आधार कार्ड बनवाया था। जांच टीम ने जब उससे परिवार के बारे में पूछा और बात करवाने के लिए कहा तो वह कोई जवाब नहीं दे पाया।

    जांच में असलियत सामने आने पर उसे काबू किया। फिलहाल वह पुलिस की हिरासत में है। उसे जल्द ही वापस बांग्लादेश भेजा जाएगा। इधर, गुप्तचर विभाग ने और भी संदिग्धों को लेकर जांच तेज कर दी है। पकड़े गए शख्स के संपर्क में कौन-कौन लोग थे, इसका पता किया जा रहा है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- 'मेरी पत्नी है इन सबकी जिम्मेदार...', बहादुरगढ़ में पहले बेटों को दिया जहर; फिर फंदे पर झूला पिता