फरीदाबाद: बुढ़िया नाला बनेगा भूजल संरक्षण का नया केंद्र, 20 करोड़ की योजना तैयार
फरीदाबाद में अरावली से यमुना तक 18 किमी लंबा बुढ़िया नाला अब भूजल संरक्षण का बड़ा केंद्र बनेगा। इसमें 26 तालाब और 641 रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे, ज ...और पढ़ें
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फरीदाबाद में अरावली से यमुना तक 18 किमी लंबा बुढ़िया नाला अब भूजल संरक्षण का बड़ा केंद्र बनेगा। इमेज एआई
प्रवीन कौशिक, फरीदाबाद। अरावली पहाड़ी से यमुना नदी तक जाने वाले बुढ़िया नाले को भूजल संरक्षण का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी हो चुकी है। इस नाले में 26 पौंड, 641 रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाने का काम शुरू होने वाला है। ताकि पानी नीचे जा सके। परियोजना की डीपीआर भी तैयार हो चुकी है।
इस पर करीब 20 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। सिंचाई विभाग से अनुमति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद वर्क अलाट कर काम शुरू होगा। इस परियोजना की वजह से यमुना नदी किनारे भूजल स्तर पर सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है। साथ ही नदी किनारे लगे हुए रेनीवेल का जल स्तर भी बढ़ेगा।
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हांफने लगे हैं नदी किनारे लगे रेनीवेल
शहर की प्यास बुझाने के लिए यमुना नदी किनारे रेनीवेल से पानी आता है। लगातार गिरते जा रहे भूजल स्तर की वजह से रेनीवेल हांफने लगे हैं। क्षमता के मुताबिक पानी आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। यही कारण है कि शहर में पेयजल किल्लत रहती है। शासन-प्रशासन इस मामले को लेकर गहरी चिंता में है।
तरह-तरह की योजनाएं बना रहा है ताकि रेनीवेल को रिचार्ज किया जा सके। इसी के तहत अरावली पहाड़ी से यमुना नदी तक जा रहे बुढ़िया नाले को भूजल रिचार्ज का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी हो रही है। यह नाला बहुत चौड़ा व गहरा है। मानसून में यमुना नदी के बढ़े हुए जलस्तर को इसी नाले में संरक्षित किया जाएगा।
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फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण की यह योजना मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी पसंद आ गई है। शहर में पेयजल आपूर्ति की मांग 450 एमएलडी और आपूर्ति 330 एमएलडी हो रही है। शहरवासी रोज 120 एमएलडी पानी की कमी से जूझ रहे हैं।
18 किलोमीटर है बुढ़िया नाला
अरावली पहाड़ी से लेकर यमुना नदी तक करीब 18 किलोमीटर लंबा बुढ़िया नाला है। यह नाला यमुना नदी में गिरता है। पहले अरावली पहाड़ी में वर्षा के दौरान का पानी इसी नाले के माध्यम से यमुना नदी तक जाता था। अब इसमें आसपास की कालोनियों व झुग्गी बस्ती का गंदा पानी बहता है।
क्योंकि यह नाला सीधे यमुना नदी से कनेक्ट है। इसलिए इसका सदुपयोग किया जाएगा। जब यमुना नदी में बाढ़ आएगी तो इसका पानी नाले में वापस चला जाएगा। इससे पहले प्राधिकरण के अधिकारी पूरे नाले की सफाई करेंगे और नए सिरे से खोदाई की जाएगी। हर 30 मीटर की दूरी पर बोरिंग की जाएगी जिससे पानी नीचे जा सके। इससे बाढ़ का पानी जमीन के नीचे चला जाएगा और सालभर तक किनारे पर लगे रेनीवेल रिचार्ज रहेंगे।
एसटीपी का पानी भी लाने की याेजना
प्राधिकरण के अधिकारी योजना यह भी बना रहे हैं कि जरूरत पड़ने पर एसटीपी से शोधित पानी को इस नाले में डाला जाए। जिससे पानी जमीन के नीचे पहुंच सके।
12 रेनीवेल लगाने का काम शुरू
एफएमडीए यमुना नदी किनारे 12 रेनीवेल लगा रहा है। एक रेनीवेल से रोज 10 एमएलडी पानी निकलता है। 12 रेनीवेल से शहर को 120 एमएलडी पानी मिल जाएगा। इन सभी का काम शुरू हो गया है। अगले साल चार और फिर पांच रेनीवेल तैयार हो जाएंगे। यानी यमुना नदी किनारे भूजल का स्तर और नीचे जाने की आशंका है।
बुढ़िया नाले को पानी रिचार्ज करने का बड़ा केंद्र बनाया जाएगा। इसकी पूरी योजना तैयार हो गई है। योजना को जल्द आगे बढ़ाकर धरातल पर लाया जाएगा।
- अंकित भारद्वाज B, कार्यकारी अभियंता, फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण
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