अरावली के वन्यजीवों पर रहेगी 24×7 नजर, फरीदाबाद के धौज में बन रहा हरियाणा का पहला निगरानी केंद्र
फरीदाबाद के धौज में प्रदेश का पहला वन्यजीव निगरानी और अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की तैयारी है। जिला वन विभाग ने इसका विस्तृत प्रस्ताव सरकार को भेजा ...और पढ़ें

अरावली में वन्यजीव निगरानी केंद्र से रखी जाएगी नजर। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
धौज में प्रदेश का पहला वन्यजीव निगरानी केंद्र प्रस्तावित
अरावली वन क्षेत्र में वन्यजीवों की 24 घंटे निगरानी होगी
कैमरा ट्रैप, जीपीएस से वन्यजीवों की संख्या का आकलन
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। धौज में प्रदेश का पहला वन्यजीव निगरानी और अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की तैयारी है। जिला वन विभाग की ओर से विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है।
प्रस्तावित यह केंद्र वन्यजीव अध्ययन, निगरानी, बचाव समन्वय और दीर्घकालिक पारिस्थितिक अनुसंधान के लिए एक केंद्र के रूप में कार्य करेगा वन विभाग के अनुसार धौज क्षेत्र आरक्षित वन के अंतर्गत आता है।
वर्तमान में यहां कैमरा ट्रैप के जरिए वन्यजीवों की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। इसी आधार पर अब इसे स्थायी अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है।
यहां एकत्र डाटा के आधार पर वन्यजीवों की आबादी और व्यवहार का अध्ययन किया जाएगा। रेस्क्यू ऑपरेशन भी अधिक प्रभावी बनेगा। अरावली क्षेत्र में बढ़ते शहरीकरण के दबाव के बीच यह केंद्र पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और लुप्त प्रजातियों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा।

जीपीएस से होगी ट्रैकिंग
अरावली वन क्षेत्र में वन्यजीवों की निगरानी के लिए जीपीएस आधारित ट्रैकिंग की जाएगी। इससे वन क्षेत्र में वन्यजीवों की संख्या की सही जानकारी मिल सकेगी। बता देें कि वर्ष 2017 के बाद से वन्यजीवों की गिनती नहीं हुई है।
अरावली वन क्षेत्र में तेंदुआ, धारीदार लकड़बग्घा और नीलगाय जैसे वन्यजीवों दिखने के कारण संख्या बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। एडवांस कैमरा ट्रैप से 24 घंटे निगरानी और गणना होगी, जिससे वन्यजीवों की संख्या की सही जानकारी मिलेगी।
अरावली क्षेत्र में वन्यजीव निगरानी और अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद आगे की तैयारी की जाएगी।
-सुभाष यादव, कजरवेटर, वन विभाग, गुरुग्राम डिविजन।
यह भी पढ़ें- फरीदाबाद सेक्टर-80 के प्लॉट मालिकों को हाई कोर्ट से मिली राहत, HSVP को 4 माह में कब्जा देने का आदेश