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    अरावली वन क्षेत्र से हटेंगे अवैध मोबाइल टावर, कंपनियों को सात दिन की मोहलत

    Updated: Thu, 09 Apr 2026 04:48 AM (IST)

    फरीदाबाद के अरावली वन क्षेत्र में वन विभाग ने 12 अवैध मोबाइल टावरों को हटाने के लिए सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को सात दिन का अंतिम नोटिस दिया है। ये टा ...और पढ़ें

    फरीदाबाद के अरावली वन क्षेत्र में वन विभाग ने 12 अवैध मोबाइल टावरों को हटाने के लिए सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को सात दिन का अंतिम नोटिस दिया है। इमेज एआई

    फरीदाबाद के अरावली वन क्षेत्र में वन विभाग ने 12 अवैध मोबाइल टावरों को हटाने के लिए सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को सात दिन का अंतिम नोटिस दिया है। इमेज एआई

    HighLights

    1. अरावली वन क्षेत्र से 12 अवैध मोबाइल टावर हटाने का नोटिस।

    2. वन्यजीवों पर नकारात्मक प्रभाव के कारण कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट का आदेश।

    3. सात दिन में टावर नहीं हटे तो विभाग स्वयं करेगा कार्रवाई।

    जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। अरावली वन क्षेत्र में वन विभाग की अनुमति के बिना लगाए गए 12 मोबाइल टावरों को हटाने के लिए विभाग ने सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को नोटिस जारी किया है। इन कंपनियों को एक सप्ताह का समय दिया है। अधिकारियों ने कहा कि यदि तय समय में कंपनियों ने वन क्षेत्र से मोबाइल टावर को नहीं हटाया तो एक-एक करके इन्हें गिरा दिया जाएगा। इसका खर्चा भी सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों से वसूलने की तैयारी है।

    वन विभाग की ओर से 27 और 28 नवंबर को अरावली वन क्षेत्र से एक मोबाइल टावर को ढहाया गया था। विभाग की टीम ने वन क्षेत्र में लगे अन्य 12 मोबाइल टावरों को चिन्हित किया और तीन दिसंबर को नोटिस देते हुए इंडस टावर, जियो और वोडाफोन कंपनी को 10 दिनों का समय दिया गया था।

    लेकिन किसी भी कंपनी ने टावर नहीं हटाया और अतिरिक्त समय की मांग की। कंपनियों की मांग के बाद तत्कालीन जिला वन अधिकारी सुरेंद्र डांगी ने कंपनियों को 45 दिन (18 दिसंबर) का समय दिया था। नोटिस के अनुसार यह समय दो फरवरी को पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक एक भी टावर नहीं हटाया गया है।

    अंतिम चेतावनी के बाद विभाग स्वयं करेगा कार्रवाई

    वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वन क्षेत्र में अलग-अलग हिस्सों में मोबाइल टावर लगाए गए हैं। मोबाइल टावर लगाने से निकलने वाला विद्युत चुम्बकीय विकिरण पक्षियों और वन्यजीवों की प्रजनन क्षमता, दिशा ज्ञान और स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है।

    रेडिएशन के कारण जैव विविधता प्रभावित होती है, जिससे पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ सकता है। सभी टावरों को दोबारा चिन्हित किया गया है, कंपनियों को छह अप्रैल को नोटिस देकर सात दिन का समय दिया गया है। कंपनियों को मोबाइल टावर निर्धारित समय में हटाना होगा, यदि कंपनी नहीं हटाती को विभाग की ओर से मोबाइल टावर को ढहाया जाएगा। इसका खर्च भी कंपनियों से वसूला जाएगा।

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    मोबाइल टावर कंपनियों को अंतिम बार नोटिस जारी किया गया है। सात दिनों में टावर हटाने के लिए कहा गया है। वन क्षेत्र में व्यवसायिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार की जा रही है।

    -झलकार उयके, जिला वन अधिकारी।

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