फरीदाबाद: अरावली के धार्मिक स्थलों पर चलेगा वन विभाग का सर्वे, अवैध निर्माण मिला तो होगी कार्रवाई
वन विभाग अरावली वन क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा, अब धार्मिक स्थलों का भी सर्वेक्षण किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह का ...और पढ़ें

वन विभाग ने अरावली वन क्षेत्र स्थित यज्ञशाला को तोड़ने के लिए दिया था नोटिस। जागरण
HighLights
वन विभाग अरावली में अवैध निर्माण पर कार्रवाई कर रहा है।
अब धार्मिक स्थलों का भी सर्वेक्षण किया जाएगा, जुलाई से शुरू।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रही है यह कार्रवाई।
निभा रजक, फरीदाबाद। अरावली वन क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई जारी है। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को दस अवैध मोबाइल टावरों को गिरा दिया गया था। मकानों के साथ-साथ अब धार्मिक स्थलों की भी निशानदेही की जाएगी। वन विभाग की ओर से इसकी तैयारी की जा रही है।
वन क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार की जा रही है। जिला वन विभाग के अधिकारियों ने बताया अरावली वन क्षेत्र में वर्षों पुराने बने धार्मिक स्थलों के आस-पास अतक्रिमण हो गया है। इसकी शिकायतें भी मिली हैं।
ऐसे में सभी धार्मिक स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा और अवैध निर्माण को चिन्हित किया जाएगा। अवैध निर्माण पाए जाने पर नोटिस दिया जाएगा। यदि प्रबंधन द्वारा अवैध निर्माण नहीं हटाए जाते तो विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के लिए अधिकारियों की टीम गठित की जाएगी।
जुलाई के दूसरे सप्ताह से शुरू हो सकता है निरीक्षण
जुलाई के दूसरे सप्ताह से निरीक्षण शुरु करने की तैयारी है। इसको लेकर अधिकारियों की दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान टीम के साथ सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस भी रहेगी।
इससे पहले वन विभाग की ओर से फरवरी में अरावली की पहाड़ियों में बसे पौराणिक परसोन मंदिर के यज्ञशाला को तोड़ने के लिए नोटिस जारी किया गया था। हालांकि वन विभाग को लोगों का विरोध झेलना पड़ा था, कार्रवाई रूक गई थी। अब दोबारा स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा।
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अरावली वन क्षेत्र मेें हुए अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार की जा रही है। अब धार्मिक स्थलों के आस-पास हुए अवैध निर्माण को चिन्हित किया जाएगा।
झलकार उयके, जिला वन अधिकारी।