फरीदाबाद में डिजिटल अरेस्ट का भंडाफोड़, 3800 खातों में घुमाए 2.13 करोड़; पुलिस ने 1.05 करोड़ बचाए
फरीदाबाद साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हुई 2.13 करोड़ रुपये की ठगी में 1.05 करोड़ रुपये फ्रीज कर पीड़ित को वापस दिलाए। ठगों ने मनी ट्रेल छिपा ...और पढ़ें

पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट गिरोह का भंडाफोड़ किया। फोटो: सांकेतिक
HighLights
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2.13 करोड़ की साइबर ठगी हुई
पुलिस ने 1.05 करोड़ रुपये फ्रीज कर वापस दिलाए
ठगों ने 3800 से अधिक खातों में पैसा घुमाया
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2.13 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह ने पुलिस और बैंकिंग सिस्टम को चकमा देने के लिए ठगी की रकम को 3800 से अधिक बैंक खातों में घुमाकर मनी ट्रेल छिपाने की कोशिश की।
साइबर थाना बल्लभगढ़ की त्वरित कार्रवाई से ठगों की यह चाल पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। पुलिस ने समय रहते 1.05 करोड़ रुपये फ्रीज कराकर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ित के खाते में वापस ट्रांसफर करा दिए।
मामले में बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपित को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में अब तक छह आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
जयपुर से बैंक खाता उपलब्ध कराने वाला आरोपित गिरफ्तार
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार गिरफ्तार आरोपित की पहचान राकेश निवासी वार्ड देबरी, शिप्रा पथ, जयपुर के रूप में हुई है। उसने खाताधारक ऐश्वर्य वर्धन का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था।
इसी खाते में ठगी की रकम का एक हिस्सा पहुंचा था। आरोपित ने खाताधारक की मदद से खाते में आई 5.10 लाख रुपये की राशि चेक के माध्यम से निकलवाकर दूसरे व्यक्ति तक पहुंचा दी। पूछताछ में उसने बताया कि वह जयपुर में रंग-रोगन का कार्य करता है।
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3800 से अधिक खातों में घुमाई गई ठगी की रकम
ठगों ने सबसे पहले रकम चार बैंक खातों में भेजी। इसके बाद पहली लेयर में करीब 1400 बैंक खातों और फिर तीसरी लेयर में लगभग 2400 अन्य खातों में राशि ट्रांसफर कर दी, ताकि मनी ट्रेल इतनी जटिल हो जाए कि पुलिस असली आरोपितों तक न पहुंच सके।
इसके बावजूद साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और विभिन्न बैंकों के समन्वय से 1.05 करोड़ रुपये समय रहते फ्रीज करा लिए।
वीडियो कॉल पर रखकर कराया 2.13 करोड़ रुपये ट्रांसफर
शिकायत के अनुसार 13 जनवरी 2026 को पीड़ित की पत्नी के मोबाइल पर काल आई। काल करने वाले ने खुद को टेलीकाम विभाग का अधिकारी बताते हुए आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते का इस्तेमाल मनी लाॅन्ड्रिंग में होने की बात कही।
ठगों ने पति-पत्नी को लगातार वीडियो काॅल पर रखकर किसी से संपर्क नहीं करने दिया और गिरफ्तारी का भय दिखाते रहे। 48 से 72 घंटे में रुपये वापस लौटाने का झांसा देकर पीड़ित से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 2.13 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। पुलिस अब 3800 से अधिक बैंक खातों, खाताधारकों और पूरे साइबर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।