दिल्ली-आगरा हाईवे पर भारी वाहनों की एंट्री बंद, फरीदाबाद में कांवड़ यात्रा को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
फरीदाबाद यातायात पुलिस ने कांवड़ यात्रा के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें 11 अगस्त तक दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधि ...और पढ़ें

HighLights
11 अगस्त तक दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर भारी वाहन प्रतिबंधित।
पैदल व डाक कांवड़ियों के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित।
आपातकालीन सेवाओं की टीमें यात्रा मार्ग पर तैनात।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। फरीदाबाद यातायात पुलिस ने कांवड़ यात्रा को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। यात्रा के दौरान पैदल चलने वाले कांवड़ियों और डाक कांवड़ के लिए अलग-अलग रूट बनाए गए हैं। 11 अगस्त तक दिल्ली आगरा राजमार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
पलवल और गुरुग्राम के लिए अलग-अलग रास्ते निर्धारित
कांवड़ यात्री हरिद्वार, गंगोत्री और गोमुख सहित अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने फरीदाबाद से गुजरेंगे। इसके लिए बदरपुर बार्डर, सेहतपुर-पल्ला और आगरा केनाल रोड को प्रवेश मार्ग बनाया गया है, जबकि सीकरी बार्डर, झाड़सेंतली, गदपुरी बार्डर और गुरुग्राम टोल निकास मार्ग होंगे।

दिल्ली की ओर से आने वाले और पलवल जाने वाले कांवड़िए कालिंदी कुंज, जैतपुर, सराय, पल्ला, एमसीडी टोल, आगरा केनाल मार्ग, सोतई पुल और कैली बाइपास होकर पलवल जाएंगे। वहीं गुरुग्राम जाने वाले श्रद्धालु सेक्टर-28/29 कट, बड़खल चौक और अनखीर चौक से होकर आगे बढ़ेंगे। पैदल कांवड़ियों के लिए आगरा केनाल मार्ग को प्राथमिक रूट बनाया गया है।
11 अगस्त तक मुख्य कांवड़ मार्गों पर भारी और मध्यम व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे वाहनों को केएमपी एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और अन्य वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। हल्के वाहनों के लिए भी सूरजकुंड रोड, बड़खल-मांगर रोड और अन्य वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
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यात्रा के दौरान एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, क्रेन, रिकवरी वाहन, चिकित्सा दल और विशेष ट्रैफिक पुलिस टीमों की तैनाती रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पुलिस ने अपील की है कि डाक कांवड़ वाहनों को बदरपुर बार्डर से राष्ट्रीय राजमार्ग-44 होते हुए बल्लभगढ़ और पलवल भेजा जाएगा। वहीं पैदल कांवड़ियों से अपील की गई है कि वे राष्ट्रीय राजमार्ग का उपयोग न करें और केवल निर्धारित कांवड़ मार्ग पर ही चलें।