फरीदाबाद: मोहना एलिवेटेड रोड का काम दिसंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश, PWD ने बढ़ाई सख्ती
पीडब्ल्यूडी अधीक्षक अभियंता मनोज ओला ने मोहना एलिवेटेड मार्ग का निरीक्षण किया और दिसंबर 2026 तक निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। 225 करोड़ की लागत से ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
पीडब्ल्यूडी अधीक्षक अभियंता ने मोहना एलिवेटेड मार्ग का निरीक्षण किया।
दिसंबर 2026 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य।
पाइपलाइन बाधा के कारण पिलर निर्माण कार्य अधूरा।
जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़ (फरीदाबाद)। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीक्षक अभियंता मनोज ओला ने मोहना एलिवेटेड मार्ग के निर्माण कार्य का साइट पर जाकर निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार को मार्ग के निर्माण कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। ताकि इसे दिसंबर-2026 तक पूरा किया जा सके।
पीडब्ल्यूडी मोहना रोड को 225 करोड़ रुपये की लागत से एलिवेटेड मार्ग बना रहा है। इसका निर्माण कार्य जून-2024 में शुरू हुआ था और जून-2026 में पूरा किया जाना था, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ।
90 पिलर बनाए जाने हैं
अभी तक मार्ग के लिए 300 मीटर की दूरी में पेयजल की पाइप लाइन बाधा होने के कारण पिलर बनाने का काम अधूरा पड़ा हुआ है। 90 पिलर बनाए जाने हैं। कुछ भाग में आइ गार्डर रखने और उनके ऊपर लिंटर डालने का काम चल रहा है।
काफी पिलर के ऊपर पीयर कैप बनाई जा चुकी है। मार्ग के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के प्रयाेग करने और मानकों के अनुसार निर्माण कार्य न किए जाने के बारे में लोगों ने विजिलेंस से शिकायत कर दी। विजिलेंस भी मामले की जांच कर रही है।
इन सभी मामलों को ध्यान में रखते हुए पीडब्ल्यूडी के अधीक्षक अभियंता मनोज ओला ने पूरे एलिवेटेड मार्ग की साइट का पैदल चल कर निरीक्षण किया। उन्होंने नाले के साथ बनाए गए वैकल्पिक मार्ग का भी निरीक्षण किया।
ओला के साथ पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता प्रकाशलाल, उपमंडल अधिकारी रविंद्र सिंह, रामप्रकाश, कनिष्ठ अभियंता तरुण जैन तथा ठेकेदार के अधिकारी व कर्मचारी भी थे।
धीमी गति से चल रहा है काम
अधीक्षक अभियंता ओला ने कहा कि मोहना मार्ग एलिवेटेड का निर्माण कार्य बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। इसका निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो पाया। अब इसके निर्माण कार्य की गति तेज होनी चाहिए और दिसंबर-2026 तक हर हालत में मार्ग का निर्माण कार्य पूरा हो जाना चाहिए।
ताकि राजमार्ग व दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जोड़ा जा सके और लोग दोनों मार्ग का आने-जाने में प्रयोग कर सकें। उन्होंने विजिलेंस जांच को लेकर कहा यह जांच तो चलती ही रहती हैं। जब काम किया जाएगा तो जांच भी होंगी।