हाथ पीछे बांधकर लटकाया, पानी में डुबोया सिर…, हरियाणा पुलिस ने महिला को थर्ड डिग्री टाॅर्चर देकर पार की हद!
फरीदाबाद क्राइम ब्रांच पर एक महिला ने चोरी के शक में थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया है। सरोज नामक महिला का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उसे पानी में ...और पढ़ें

हरियाणा पुलिस पर महिला को थर्ड डिग्री टॉर्चर देने का आरोप।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। सेक्टर-85 क्राइम ब्रांच पर एक महिला के ऊपर थर्ड डिग्री के प्रयोग का आरोप लगा है। महिला का आरोप है कि पुलिसकमियों ने बेंच पर उसे उल्टा लिटा दिया। दो पुलिसकर्मी उसकी पीठ पर बैठ गए। इसके बाद उसका चेहरा नीचे रखे पानी के टब में डुबो दिया।
इससे उसका दम घुटने लगा, जब वह बुरी तरह छटपटाने लगी तो उसका चेहरा बाहर निकाला। महिला का यह भी आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने छत से बंधी रस्सी में उसके हाथ बांधकर हवा में लटका दिया और करीब 10 मिनट तक लटकाकर रखा। उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट भी की गई।
क्राइम ब्रांच ने चोरी के संदेह में महिला को उठाया था
क्राइम ब्रांच ने चोरी के एक मामले में संदेह के आधार पर महिला को उठाया था। काफी देर टार्चर के बाद जब कुछ हाथ नहीं लगा तो महिला को वापस उसके घर छोड़ दिया। महिला की आपबीती बताते हुए वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही है। उसने बीपीटीपी थाना पुलिस को इस संबंध में शिकायत भी दी है।
सरोज नाम की यह महिला सेक्टर-85 में एक निर्माणाधीन इमारत की चौकीदारी करती है और उसी में पति के साथ रहती भी है। वह आस-पास घरों में झाडू पोंछा व बर्तन मांझने का भी काम करती है। यहां टीडीआई सोसायटी में रहने वाले अश्वनी सेठी के यहां सोमवार को चोरी हो गई थी। वे अपने फ्लैट का ताला लगाकर वृंदावन गए थे। सरोज उनके यहां बर्तन मांझने का काम करती है।
खबरें और भी
पुलिस का कहना- महिला के आरोप हैं गलत
अश्वनी सेठी का परिवार सरोज को बताकर गया था कि वे वृंदावन जा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने उसके ऊपर चोरी का संदेह जताया था। इसके बाद मंगलवार शाम को क्राइम ब्रांच ने सरोज को उठा लिया। सरोज का कहना है कि उसे पुरुष पुलिसकर्मियों ने टॉर्चर किया। वहां केवल एक महिला पुलिसकर्मी मौजूद थी।
इस संबंध में बीपीटीपी थाना प्रभारी अरविंद का कहना है कि महिला की तरफ से शिकायत मिली है। उसकी जांच की जा रही है। उधर क्राइम ब्रांच प्रभारी का कहना है कि हमने महिला को बुलाया था और केवल पूछताछ की थी। थर्ड डिग्री वाले आरोप गलत हैं।