60% काम, 100% परेशानी: फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की डेडलाइन खत्म, क्या है देरी की वजह?
ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की 31 मार्च की समय सीमा समाप्त हो गई है, जबकि केवल 60% काम पूरा हुआ है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इ ...और पढ़ें

फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य में देरी। फाइल फोटो
HighLights
पुनर्विकास कार्य की 31 मार्च की समय सीमा समाप्त।
केवल 60% काम पूरा, यात्रियों को असुविधा।
परियोजना की समय सीमा अब एक साल बढ़ी।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य को पूरा किए जाने की निर्धारित समयावधि 31 मार्च को पूरी होने जा रही है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इसे विश्वस्तरीय सुविधाओं और आधुनिक तकनीक से लैस करके बनाया जाना है।
वर्ष 2023 में इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया था, जो 30 महीने में इस साल 31 मार्च तक पूरा हो जाना चाहिए था। धीमी गति से काम चल रहा है। अभी तक करीब 60 फीसद काम पूरा हो पाया है।
यात्रियों को हो रही परेशानी
इस देरी का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। रेलवे स्टेशन पर रोजाना हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के कारण स्टेशन परिसर अव्यवस्थित नजर आता है।
सबसे अधिक परेशानी पार्किंग व्यवस्था को लेकर सामने आ रही है। मल्टीलेवल पार्किंग का कार्य अब तक अधूरा है, जिससे यात्रियों को सड़क किनारे या दूर-दराज इलाकों में वाहन खड़े करने पड़ रहे हैं।
स्टेशन के प्रवेश और निकास मार्गों पर निर्माण सामग्री, खुदाई और बैरिकेडिंग के चलते आवाजाही मुश्किल हो गई है। सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में हालात और बिगड़ जाते हैं। यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है, वहीं बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी असुविधा होती है।
इन सुविधाओं से लैस होगा स्टेशन
पुनर्विकास योजना के तहत स्टेशन पर एस्केलेटर, लिफ्ट, आधुनिक वेटिंग हॉल, फूड कोर्ट, बड़ा कानकोर्स एरिया, इंटरमीडिएट ट्रांजिट हॉल, नए प्लेटफॉर्म शेड और अत्याधुनिक स्टेशन भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना की लागत करीब 262 करोड़ रुपये है।
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दैनिक यात्री बिशन सिंह, महीपाल आर्य, कुसुमलता ने बताया कि निर्माण हो रहा है तो अव्यवस्था का होना स्वाभाविक है। लेकिन काम देरी से होने के चलते अब समस्या भी लंबी हो गई है।
स्टेशन परिसर में साफ-सफाई प्रभावित रहती है और संकेतक बोर्डों की कमी के कारण बाहर से आने वाले यात्रियों को रास्ता ढूंढने में दिक्कत होती है। टिकट काउंटर तक पहुंचने वाले रास्ते संकरे हैं, जिससे लंबी कतारें लग जाती हैं।
तकनीकी बदलावों और डिजाइन संशोधन कारण
एक रेलवे अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि निर्माण में देरी तकनीकी बदलावों और डिजाइन संशोधनों के कारण हुई है, ताकि भविष्य में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं दी जा सकें।
उनका कहना है कि स्टेशन के तैयार होने के बाद फरीदाबाद को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाला स्टेशन मिलेगा, जो एनसीआर के प्रमुख रेलवे जंक्शनों में शामिल होगा। उधर, स्टेशन अधीक्षक बीएस भंडारी का कहना है कि परियोजना का समय एक साल के लिए बढ़ाया गया है।