सड़क या गड्ढा? फरीदाबाद में हिचकोले खाते वाहनों ने बढ़ाई लोगों की परेशानी, टू-व्हीलर चालकों पर सबसे ज्यादा खतरा
फरीदाबाद में मानसून की बारिश ने सड़कों की खराब गुणवत्ता उजागर कर दी है, जिससे दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग सहित शहर की आंतरिक सड़कें जर्जर हो गई हैं ...और पढ़ें

फरीदाबाद में मानसून की बारिश ने सड़कों की खराब गुणवत्ता उजागर कर दी है। इमेज एआई
प्रवीन कौशिक, फरीदाबाद। किसी भी शहर के विकास का आईना सड़कें मानी जाती हैं। यदि सड़कें ही जर्जर हो जाएं तो साफ पता चल जाता है कि यहां किस तरह विकास हो रहा होगा। कुछ ऐसा ही हाल औद्योगिक नगरी की सड़कों का हो गया है। मानसून में दो-तीन अच्छी वर्षा ने दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर शहर की अंदर की सड़कों को बनाने में लगाई गई निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है। चलना तो दूर, कई जगह सड़कें देखने लायक तक नहीं बची हैं।
प्रतिदिन लाखों वाहन चालक हिचकोले खाते हुए शासन-प्रशासन को कोसते हुए निकल रहे हैं। लेकिन अधिकारी और ठेकेदार का गठजोड़ इतना मजबूत है कि समाधान की उम्मीद बेहद कम है। अब विभागीय अधिकारी मानसून के बाद सड़कों की मरम्मत की बात कह रहे हैं, यानी तब तक वाहन चालक परेशान होते रहेंगे।
दोपहिया वाहन चालकों को अधिक डर
अधिकांश गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क और गड्ढे में अंतर समझ नहीं आता। दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक परेशानी झेलते हैं। कई स्थानों पर वाहन चालक गिरकर चोटिल हो चुके हैं, जबकि वाहन चालकों को हर समय हादसे का डर बना रहता है। कई बार दोपहिया वाहनों पर लोग परिवार सहित आते-जाते हैं, ऐसे में कई जान को खतरा रहता है।
खराब सड़कों का असर यातायात पर भी पड़ रहा है। वाहनों की रफ्तार धीमी होने से कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन जाती है। धूल, कीचड़ और उबड़-खाबड़ रास्तों के कारण वाहन भी जल्दी खराब हो रहे हैं, जिससे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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यहां है अधिक हालत खराब
शहर के बीच से गुजर रहे दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग की कई जगह से हालत खराब है। सबसे अधिक सर्विस रोड जर्जर है। सीकरी, सेक्टर-59 में झाड़सेंतली गांव के सामने, कैल गांव, बल्लभगढ़ में सोहना रेलवे पुल के पास, वाईएमसीए के पास, अजरौंदा चौराहे के पास सर्विस रोड बेहद जर्जर है। इसके अलावा सीकरी से बल्लभगढ़ तक करीब दर्जनभर जगह छाेटे-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
पुलों की सड़कों की हालत खराब
आगरा व गुरुग्राम नहर पर बने बीपीटीपी, खेड़ी पुल, सेक्टर-14-17 की डिवाइडिंग वाला पुल, बड़ौली के पुल की सड़क की भी हालत खराब हो गई है। इसके अलावा ग्रेटर फरीदाबाद में भी मास्टर रोड पर कई जगह गड्ढे बन गए हैं। बल्लभगढ़-सोहना और फरीदाबाद-गुरुग्राम सड़क की भी कई जगह से हालत खराब हो गई है।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उठा है मुद्दा
जर्जर सड़कों को लेकर कई बार सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में मुद्दा उठता रहा है। यहां जिम्मेदार विभागों के अधिकारी मौजूद रहते हैं। मौके पर समाधान का आश्वासन दे देते हैं लेकिन धरातल पर काम नहीं होता। अगली बैठक में फिर से पिछले मुद्दों पर चर्चा होती है लेकिर संबंधित विभागों के अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की जा रही है।
हर साल सड़क निर्माण और मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच हो और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- रमेश गुलिया, ग्रेटर फरीदाबादयदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो वर्षा के बाद दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाएगा। कई जगह गड्ढों में मिट्टी या रोड़ी डालकर खानापूरी कर दी जाती है, तो कहीं कुछ दिनों बाद सड़क फिर से उखड़ जाती है।
- सुभाष कौशिक, सैनिक कालोनीराष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह आसपास के गांव व कालोनियों का पानी नियमित रूप से आता है। वहां सर्विस रोड टूट जाती है। हमारी टीम समय-समय पेचवर्क करती रहती हैं। एक बार फिर से निरीक्षण कराया जाएगा, जहां गड्ढे होंगे, उन्हें भरवा दिया जाएगा।
- धीरज सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ
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