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यूपी के किसानों को बड़ी राहत, ई-नाम पर पंजीकरण कर हरियाणा की मंडियों में बेच सकेंगे बासमती धान

Updated: Wed, 19 Aug 2026 01:55 AM (GMT+05:30)

केंद्र सरकार की ई-नाम योजना के तहत अब उत्तर प्रदेश के किसान भी हरियाणा की मंडियों में अपनी बासमती धान की किस्मों को अच्छे दामों पर बेच सकेंगे। इससे उन्हें अपनी फसल देश में कहीं भी बेचने की सुविधा मिलेगी और पुलिस की पाबंदी भी नहीं होगी।

ई-नाम योजना की बैठक में शामिल होने के बाद बाहर खड़े हैं आढ़ती, किसान, मार्केट कमेटी के चेयरमैन प्रदीप टोंगर, सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी इंद्रपाल सिंह।

ई-नाम योजना की बैठक में शामिल होने के बाद बाहर खड़े हैं आढ़ती, किसान, मार्केट कमेटी के चेयरमैन प्रदीप टोंगर, सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी इंद्रपाल सिंह।

HighLights

  1. यूपी के किसान हरियाणा मंडियों में बेचेंगे बासमती धान।

  2. केंद्र की ई-नाम योजना से मिलेगा किसानों को लाभ।

  3. पंजीकरण के बाद पुलिस नहीं रोकेगी धान लाने से।

जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़ (फरीदाबाद)। अब उत्तर प्रदेश के किसान भी अपने बासमती धान की किस्मों को अच्छी कीमत पर हरियाणा की मंडियों में बेच सकेंगे। केंद्र सरकार की ई-नाम योजना का इन किसानों को लाभ मिलेगा।

अब तक सरकार यूपी के किसानों को धान लाने पर राज्य सरकार पुलिस से पाबंदी लगवा देती थी। केंद्र सरकार ने खरीफ के सीजन के दौरान मंडियों में आने वाली फसलों को डिजिटल इंडिया पर प्रमोट करने के लिए ई-नाम योजना शुरू की है।

फसलों को कहीं पर बेच सकेंगे किसान

इस योजना से किसानों को बहुत फायदा होगा। वह अपनी फसल को देश में कहीं पर भी किसी भी मंडी में बेच सकते हैं। इसके माध्यम से सूचना देश के व्यापारियों तक आनलाइन पहुंचेगी। इसके तहत देश भर की मंडियों में अपनी फसल को पहुंचा सकते हैं।

ई-नाम योजना को लेकर मोहना मार्केट कमेटी के चेयरमैन प्रदीप टोंगर और सचिव व कार्यकारी अधिकारी इंद्रपाल सिंह ने मंगलवार को मोहना मार्केट कमेटी के कार्यालय में मंडी के आढ़तियों और किसानों की बैठक ली।

इस दौरान सचिव एवं मार्केट कमेटी के कार्यकारी अधिकारी इंद्रपाल सिंह ने बताया कि खरीफ के दौरान प्रदेश सरकार परमल धान और बाजरे की ई-खरीद करती है। इसके लिए किसान पहले से ही मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण करा चुके हैं।

इन फसलों के अतिरिक्त धान की किस्म 1121, 1509, सरबती, सुगंध, 1718 किस्म का धान आता है। इस फसल का किसान ई-नाम योजना पोर्टल पर पंजीकरण कराएं। आढ़ती अपने यूपी के किसानों से भी इस पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं।

नहीं रोक पाएगी पुलिस

उत्तर प्रदेश के किसान भी अपने धान को लेकर यहां पर आ सकते हैं। ई-नाम पोर्टल पर पंजीकरण ने वाले किसान को पुलिस नहीं रोक पाएगी। मोहना अनाज मंडी के प्रधान दानी सरपंच ने कहा कि ई-खरीद के दौरान जिस तरह सरकार कहती है कि 72 घंटे में किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा।

रबी के दौरान जब गेहूं उठ कर एफसीआइ के गोदाम में जमा हो जाता है, उसके 72 घंटे बाद भुगतान मिलता। सरकार को यह बता दें कि ई-नाम याेजना के तहत पंजीकरण किसानों को उनके धान भुगतान जब जे फार्म बन जाए तो तुरंत करें।

बैठक में मंडी एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सतीश अत्री, नत्थे डागर पूर्व सरपंच, सुरेंद्र तंवर, मनोज अत्री प्रमुख रूप से मौजूद थे।

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