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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Fatehabad News: सीएससी सेंटरों पर बनेंगे आयुष्मान कार्ड, ऐसे उठाएं लाभ; अब तक 42 हजार से ज्यादा मरीजों का हो चुका इलाज

    By Vinod Kumar Edited By: Deepak Saxena
    Updated: Thu, 04 Jan 2024 03:51 PM (IST)

    केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana) का लाभ आज के समय में हर किसी को मिल रहा है लेकिन इसके बावजूद भी फतेहाबाद में कई परिवार ऐस ...और पढ़ें

    सीएससी सेंटरों पर बनेंगे आयुष्मान कार्ड, ऐसे उठाएं लाभ।
    सीएससी सेंटरों पर बनेंगे आयुष्मान कार्ड, ऐसे उठाएं लाभ।

    जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना का लाभ अब हर किसी को मिल रहा है। इसका फायदा ये हो रहा है कि गरीब परिवार के लोग अब प्राइवेट अस्पतालों में भी अपना इलाज करवा रहे है। लेकिन कुछ लोग है कि कार्ड बनाने में नाम आने के बावजूद सेंटरों पर जाकर इन कार्डों को एक्टिव नहीं करवा रहे हैं। यहीं कारण है कि अगर उन्हें जरूरत पड़ गई तो आने वाले दिनों में इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे।

    अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सीएससी संचालकों से भी अपील की है कि वो आयुष्मान कार्ड बनाने वालों की गति बढ़ाए। अगर उनके यहां पर कोई आता है तो कार्ड तुरंत बनाएं जिससे पात्र लोगों को इसका फायदा मिल सके। जिले में करीब सवा पांच लाख परिवार है जिनका आयुष्मान कार्ड बनना है। अब तक चार लाख 68 हजार लोगों ने अपना कार्ड बनवाया है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा बढ़ जाएगा। स्वास्थ्य विभाग भी अब गांवों में जाकर इस तरह का कैंप लगा रहा है। नागरिक अस्पताल में हर दिन कार्ड बनाए जा रहे है।

    42500 लोगों को 68 करोड़ रुपये का मिला इलाज

    पहले आयुष्मान कार्ड बनते थे लेकिन अब इसका नाम चिरायु रखा गया है। लेकिन दोनों ही तरीके से पांच लाख रुपये का बीमा पूरे परिवार को हो जाता है। इसका लाभ भी लोगों को मिला है। जिले में 42 हजार 500 परिवारों ने इसका फायदा उठाया है और करीब 68 करोड़ रुपये से इलाज हुआ है। पहले लोग प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाने के लिए लोन आदि लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है।

    सरकार द्वारा घोषित किए गए अस्पतालों में जाकर मरीज कहीं पर भी इलाज ले सकता है। फतेहाबाद जिले में भी अनेक प्राइवेट अस्पताल है जो इस योजना से जुड़ गए है। सरकारी अस्पताल में भी इस योजना का लाभ मिल रहा है।

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    पांच लाख रुपये का मिलेगा बीमा

    अगर परिवार में कोई बीमार हो जाता है तो उसका पांच लाख रुपये तक का बीमा है। फतेहाबाद में करीब 19 प्राइवेट अस्पताल है। इसके अलावा मरीज दूसरे जिले के प्राइवेट अस्पतालों में भी इलाज करवा सकता है। वह अस्पताल आयुष्मान योजना में शामिल होना चाहिए। जिले 8940 परिवार है जो कार्ड बनवा सकते है। इनमें से 1708 परिवारों ने ही कार्ड बनवाया है। सबसे अधिक गांवों के लोग है जो कार्ड नहीं बनवा रहे है।

    अब जाने पिछले कुछ दिनों में कितने लोगों ने बनवाए कार्ड

         तिथि            कार्ड

    • 27 दिसंबर 2023      816
    • 28 दिसंबर 2023      673
    • 29 दिसंबर 2023      770
    • 30 दिसंबर 2023       748
    • 31 दिसंबर 2023       604
    • 01 जनवरी 2024       576
    • 02 दिसंबर 2024       657
    • 03 दिसंबर 2024       600

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    जिले में ये हैं पात्र और ये बने हैं कार्ड

    कुल पात्र : 5 लाख 24 हजार

    कुल कार्ड बने : 4 लाख 68 हजार

    अब तक लोगों को मिला उपचार : 42 हजार

    अब तक कितने रुपये की राशि खर्च : 68 करोड़

    जिले में सब सेंटर : 135

    चिरायु योजना के कितने परिवार : 8940

    आयुष्मान भारत योजना के तहत ये अस्पताल शामिल

    • विधवा सर्जिकल अस्पताल, फतेहाबाद
    • पारूल ईएनटी, स्किन एवं लेजर सेंटर टोहाना
    • राजन आई, हार्ट एवं लेजर सेंटर टोहाना
    • आई क्यू अस्पताल, फतेहाबाद
    • जयपुर चिल्ड्रन अस्पताल, फतेहाबाद
    • राजस्थान मेडिकल सेंटर, टोहाना
    • सद्भावना अस्पताल, फतेहाबाद
    • जनता आई एवं मैटरनिटी अस्पताल, टोहाना
    • अरोड़ा अस्पताल, टोहाना
    • मेहता आई अस्पताल, टोहाना
    • लाइफ केयर अस्पताल, फतेहाबाद
    • जैन चेरिटेबल अस्पताल, टोहाना
    • सांई अस्पताल, टोहाना
    • कक्कड़ नर्सिंग होम, टोहाना
    • उम्मीद अस्पताल, फतेहाबाद
    • खन्ना ईएनटी, टोहाना
    • दीपांश भाटिया अस्पताल, टोहाना
    • शालिनी सर्जिकल एवं मैटरनिटी, अस्पताल

    आयुष्मान भारत की नोडल अधिकारी डॉ. लाजवंती गौरी ने बताया कि जिन लोगों को चिरायु कार्ड में नाम आए हुए है वो आयुष्मान मित्र केंद्र या सीएससी सेंटरों पर जाकर अपना कार्ड बनवा ले। अगर कार्ड बना होगा तो लाभ भी मिलेगा। अब तक जिले में 68 करोड़ रुपये का लाभ मरीजों को मिल चुका है।

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