3 साल में 36 बार दिए गए निर्देश, फिर भी नहीं सुधरा दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे; NHAI पर उठे सवाल
दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे की हालत तीन साल से खराब है, बावजूद इसके जिला प्रशासन ने NHAI को 36 बार निर्देश दिए हैं। टूटी रेलिंग, अवैध कट और गड्ढों के ...और पढ़ें

HighLights
तीन साल से एक्सप्रेसवे की हालत दयनीय बनी हुई है।
NHAI को 36 बार निर्देश देने के बाद भी कोई असर नहीं।
टूटी रेलिंग, अवैध कट और गड्ढे हादसों का कारण बन रहे।
आदित्य राज, गुरुग्राम। हर महीने नियमित रूप से जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक होती है। इसमें जिले के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारी भी शामिल होते हैं।
अध्यक्षता स्वयं जिला उपायुक्त करते हैं। पिछले तीन साल से हर बैठक में दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे को सुरक्षित बनाने के निर्देश उपायुक्त के द्वारा दिए जा रहे हैं लेकिन कोई असर नहीं।
न रेलिंग दुरुस्त की गई, न सभी अवैध कट बंद किए गए और न ही एक्सप्रेसवे व सर्विस लेन में बने गड्ढे भरे गए। इससे साफ है कि समिति की बैठक के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। हर महीने बैठक करनी है, इसकी रस्मअदायगी पूरी की जा रही है।
एक्सप्रेसवे की हालत पिछले तीन साल से दयनीय
धौलाकुआं के नजदीक से लेकर खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक दिल्ली-जयपुर हाईवे का हिस्सा दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के दायरे में आता है। धौलाकुआं के नजदीक से लेकर सिरहौल बार्डर तक यानी एंबियंस माल के नजदीक तक का हिस्सा दिल्ली में व बाकी हिस्सा गुरुग्राम में पड़ता है। गुरुग्राम इलाके में एक्सप्रेसवे की हालत पिछले तीन साल से दयनीय है।
30 से अधिक जगह दोनों तरफ रेलिंग टूटी है। कई जगह रेलिंग इस तरह टूटी है, जैसे कभी लगाई ही नहीं गई। 20 से अधिक जगह अवैध कट बने हुए हैं। हीरो होंडा चौक से खेड़कीदौला टोल प्लाजा की तरफ जगह-जगह अवैध कट हैं। सर्विस लेन की बात दूर मुख्य मार्ग में जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं।
रात में अधिकतर स्ट्रीट लाइटें नहीं जलतीं
इसे ठीक करने के लिए पिछले तीन साल के दौरान 36 बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं लेकिन एनएचएआई के अधिकारियों पर कोई असर नहीं हाे रहा है। जिला प्रशासन के अधिकारी भी बैठक में निर्देश देकर इतिश्री कर लेते हैं।
खबरें और भी
मौके पर जाकर देखते नहीं कि निर्देशों के अनुरूप कोई काम आगे बढ़ा है या नहीं। यदि देखते तो अब तक कुछ न कुछ तस्वीर निश्चित रूप से बदल जाती। इस स्थिति से लाेगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सेक्टर-40 निवासी राजेश कुमार एवं नरेश वर्मा कहते हैं कि रात में अधिकतर स्ट्रीट लाइटें नहीं जलती हैं। रेलिंग टूटी हुई है।
कुछ ही दिनों में सिस्टम दुरुस्त हो जाएगा
ऐसे में हर पल हादसा हाेने का हादसा रहता है। कई बार हादसे हो भी चुके हैं। जिला प्रशासन जब तक सख्त कार्रवाई नहीं शुरू करेगा तब तक बात नहीं बनेगी। एनएचएआई के अधिकारियों के विरुद्ध लापरवाही का मामला कराना शुरू कर दे, कुछ ही दिनों में सिस्टम दुरुस्त हो जाएगा।
इसी तरह अवैध कटों के लिए भी एनएचएआई के अधिकारियों के साथ ही नजदीक यदि पेट्रोल पंप या कोई ऐसी दुकान है जिसको कट होने का लाभ मिल रहा हो, उसके संचालक के विरुद्ध भी मामला दर्ज कराया जाए।
अपने आप ही पेट्रोल पंप संचालक व दुकानदार रास्ते पर आ जाएंगे। सिस्टम को बेहतर करने के लिए कठाेर कदम उठाने होंगे। इस बारे में परियोजना निदेशक से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हाे सका।
वसूली पर ध्यान, सुविधा पर नहीं
दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के खेड़कीदौला टोल प्लाजा से सालाना औसतन 200 करोड़ रुपये एनएचएआई को टैक्स के रूप में मिल रहे हैं। दो साल पहले टोल प्लाजा का समयसीमा समाप्त होने के बाद भी वसूली की जा रही है लेकिन सुविधाएं विकसित करने पर ध्यान नहीं।
एनएचएआई के पूर्व तकनीकी सलाहकार जेएस सुहाग का कहना है कि जिला उपायुक्त बैठक में भाग लेने के लिए एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी को आमंत्रित करें, तभी परियोजना निदेशक एवं इससे नीचे के अधिकारियों के ऊपर काम करने का दबाव रहेगा।
लापरवाही की वजह से जहां कहीं भी हादसा होता है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध भी मामला दर्ज होना चाहिए। कल से सिस्टम बेहतर हो जाएगा।
"दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के गुरुग्राम भाग को ठीक करने के लिए एनएचएआई को कहा गया है। जवाब में कहा गया है कि जल्द ठीक किया जाएगा। क्या प्रगति है, इस बारे में अगली बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी। एक बार अलग से केवल एक्सप्रेसवे की सुरक्षा को लेकर बैठक की जाएगी।"
-उत्तम सिंह, उपायुक्त।
यह भी पढ़ें- 'पहली परीक्षा से ज्यादा मुश्किल था NEET यूजी का री-टेस्ट', एग्जाम के बाद बोले गुरुग्राम के परीक्षार्थी
यह भी पढ़ें- गुरुग्राम: बारिश ने नगर पालिका के दावों की खोली पोल, सफाई के नाम पर जारी किए जाते हैं लाखों के टेंडर