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    गुरुग्राम में पुरानी बसों की जगह लेंगी 25 नई सीएनजी बसें, 40वीं बैठक में खरीद को मंजूरी

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 06:56 PM (IST)

    गुरुग्राम मेट्रोपालिटन सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) ने 25 नई बीएस-6 सीएनजी बसों की खरीद को मंजूरी दी है और पहली इलेक्ट्रिक बस भी प्राप्त कर ली है। यह ...और पढ़ें

    जीएमसीबीएल ने 25 नई बीएस-6 सीएनजी बसों की खरीद को मंजूरी दी है।

    जीएमसीबीएल ने 25 नई बीएस-6 सीएनजी बसों की खरीद को मंजूरी दी है।

    HighLights

    1. 25 नई बीएस-6 सीएनजी बसों की खरीद को मंजूरी।

    2. पहली इलेक्ट्रिक बस जीएमसीबीएल को मिली, ट्रायल जल्द।

    3. सभी बसों में यूपीआई से किराया भुगतान की सुविधा।

    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए गुरुग्राम मेट्रोपालिटन सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) ने अपने बस बेड़े के विस्तार की तैयारी शुरू कर दी है।

    मंगलवार को हुई निदेशक मंडल की 40वीं बैठक में 25 नई बीएस-6 सीएनजी बसों की खरीद को मंजूरी दी गई, जबकि शहर के लिए प्रस्तावित 100 इलेक्ट्रिक बसों में पहली बस भी जीएमसीबीएल को मिल गई है। बैठक वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

    25 नई सीएनजी बसें होंगी शामिल

    बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्तमान में परिचालन अवधि पूरी कर चुकी 25 पुरानी बसों की जगह 25 नई मानक फर्श (स्टैंडर्ड फ्लोर) वाली बीएस-6 सीएनजी बसें खरीदी जाएंगी। 12 मीटर लंबी इन बसों में 36 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।

    पहली इलेक्ट्रिक बस पहुंची, जल्द शुरू होगा ट्रायल

    जीएमसीबीएल ने इलेक्ट्रिक बसों को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। 25 सीटों वाली पहली पूर्ण वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बस निगम को मिल चुकी है और इसका ट्रायल जल्द शुरू किया जाएगा। इसके बाद शीघ्र ही 24 और इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल होंगी। अधिकारियों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना है, जिससे प्रदूषण कम होगा और यात्रियों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा।

    यूपीआई से किराया भुगतान की सुविधा

    जीएमसीबीएल की सभी बसों में अब यात्री किसी भी यूपीआई आधारित एप के माध्यम से किराया जमा कर सकते हैं। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वजीत चौधरी ने बताया कि डिजिटल भुगतान लगातार बढ़ रहा है और वर्तमान में कुल किराया संग्रह का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा यूपीआइ व अन्य डिजिटल माध्यमों से प्राप्त हो रहा है।

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    इससे कैशलेस यात्रा को बढ़ावा मिला है और यात्रियों की सुविधा भी बढ़ी है। बैठक में एचएसआइआइडीसी के प्रबंध निदेशक सुशील सरवान, नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया, उपायुक्त उत्तम सिंह, डीसीपी ट्रैफिक प्रतीक गहलोत, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्र कुमार, एसडीएम मानेसर दर्शन यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

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