मेट्रो प्रोजेक्ट से बदल जाएगी साइबर सिटी की तस्वीर, गुरुग्राम में 10 लाख लोगों को होगा लाभ
पुराने गुरुग्राम में मेट्रो कॉरिडोर के विस्तार से साइबर सिटी की तस्वीर बदल जाएगी। यह रैपिड मेट्रो, गुड़गांव रेलवे स्टेशन और द्वारका एक्सप्रेसवे को जोड ...और पढ़ें

साइबर सिटी में दौड़ती रैपिड मेट्रो।
HighLights
पुराने गुरुग्राम में मेट्रो कॉरिडोर का विस्तार होगा।
साइबर सिटी की तस्वीर बदलेगी, यातायात घटेगा।
28.5 किमी लंबा कॉरिडोर, 27 नए स्टेशन बनेंगे।
आदित्य राज, गुरुग्राम। ओल्ड गुरुग्राम के इलाके में मेट्रो कारिडोर के विस्तार से साइबर सिटी की तस्वीर बदल जाएगी। कारिडोर को न केवल शंकर चौक के सामने रैपिड मेट्रो कारिडोर से जोड़ा जाएगा बल्कि सेक्टर-पांच के नजदीक से गुड़गांव रेलवे स्टेशन एवं सेक्टर-37 से द्वारका एक्सप्रेसवे को कनेक्ट किया जाएगा। इससे साइबर सिटी के अधिकतर इलाके मेट्रो से सीधे जुड़ जाएंगे।
लाभ यह होगा कि साइबर सिटी की सड़कों से वाहनों का दबाव काफी कम हो जाएगा। फिलहाल पुराने गुरुग्राम के अधिकतर इलाकों में पीक आवर के दौरान पांच मिनट की दूरी तय करने में आधे घंटे से अधिक का समय लगता है। लोगों का कहना है कि अब किसी भी स्तर पर काम रुकना नहीं चाहिए। जहां तक रूट साफ है, वहां तक काम दिन-रात काम चलना चाहिए। साथ-साथ आगे का रूट साफ रहे, इसके ऊपर काम करना चाहिए।
लंबे समय से चल रही है मांग
लंबे समय से ओल्ड गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार की मांग की जा रही थी। इसके ऊपर गत वर्ष से काम शुरू हो चुका है। प्रदेश सरकार चाहती है कि कारिडोर से अधिक से अधिक इलाके जुड़ जाएं। इसे ध्यान में रखकर सेक्टर-पांच में बनने वाले मेट्रो स्टेशन से गुड़गांव रेलवे स्टेशन को कनेक्ट किया जाएगा। द्वारका एक्सप्रेसवे के इलाके में काफी आबादी बस चुकी है और आने वाले समय में बसने वाली है।
इसे ध्यान में रखकर सेक्टर-37 से द्वारका एक्सप्रेसवे तक मेट्रो कारिडोर का विस्तार किया जाएगा। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड के निदेशक आर सांगवा का कहना है कि जिस रफ्तार से काम चलना चाहिए, चल रहा है। मिलेनियम सिटी सेंटर गुरुग्राम मेट्रो स्टेशन के आगे से लेकर रैपिड मेट्रो स्टेशन तक कारिडोर विकसित करने के साथ-साथ सेक्टर-पांच मेट्रो स्टेशन से गुड़गांव रेलवे स्टेशन तक भी कारिडोर विकसित किया जाएगा। दोनों स्टेशनों के बीच कारिडोर इस तरह विकसित किया जाएगा कि यात्रियों को स्टेशनों से बाहर न निकलना पड़े।
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नए कारिडोर पर सेक्टर-45 में होगा पहला स्टेशन
नए कारिडोर पर मिलेनियम सिटी सेंटर गुरुग्राम मेट्राे स्टेशन से आगे सबसे पहला स्टेशन सेक्टर-45 में होगा। इसके बाद साइबर पार्क, सेक्टर-47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज-छह, सेक्टर-10, सेक्टर-37, बसई गांव, सेक्टर-नौ, सेक्टर-सात, सेक्टर-चार, सेक्टर-पांच, अशोक विहार, सेक्टर-तीन, बजघेड़ा रोड, पालम विहार एक्सटेंशन, पालम विहार, सेक्टर-23ए, सेक्टर-22, उद्योग विहार फेज-चार, उद्योग विहार फेज-पांच एवं साइबर हब के नजदीक स्टेशन होगा।
इसे दो हिस्से में बांटकर काम किया जाएगा। पहले हिस्से का काम शुरू हो चुका है। पहले हिस्से में मिलेनियम सिटी सेंटर गुरुग्राम मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-नौ तक यानी लगभग साढ़े 15 किलोमीटर मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। दूसरे हिस्से का काम शुरू करने के लिए जल्द ही ट्रेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नए कारिडोर का विस्तार के बाद कारिडोर रिंगमेन सिस्टम की तरह दिखाई देगा।
इससे शहर के अधिकतर इलाके के लोग कहीं से भी अपने इलाके में जाने के लिए मेट्रो की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। आने वाले समय में रेजांगला चौक से दिल्ली के द्वारका तक एवं सेक्टर-56 से पचगांव चौक तक मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है।
एक नजर में मेट्रो विस्तार प्रोजेक्ट
- नया मेट्रो कारिडोर 28.5 किलोमीटर लंबा होगा
- निर्माण पर लगभग 7,098.70 करोड़ रुपये खर्च होंगे
- कारिडोर पर कुल 27 स्टेशन होंगे
- आठ मेट्रो स्टेशन माडल स्टेशन होंगे
- कुल 35 ट्रेनें नए कारिडोर पर चलेंंगी
- फिलहाल कोचों की संख्या तीन होगी
- बाद में कोचों की संख्या छह की जाएगी
- ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा होगी
- प्रतिदिन 10 लाख लोगों द्वारा सुविधा का लाभ उठाने का अनुमान
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मेट्रो विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। अब यह रुकना नहीं चाहिए। जहां कहीं बाधा है, उससे साथ-साथ दूर किया जाए। कारिडोर को दिल्ली के द्वारका से जोड़ने एवं सेक्टर-56 से लेकर पचगांव तक मेट्रो के विस्तार का काम भी साथ-साथ शुरू होना चाहिए। एक साथ जब प्रोजेक्ट पूरा होगा तो उसका व्यापक लाभ दिखाई देगा। नमो भारत कारिडोर पर भी अब काम शुरू हाे जाना चाहिए। नमो भारत कारिडोर विकसित होने से बावल तक की तस्वीर बदल जाएगी।
दिनेश नागपाल, संरक्षक, गुरुग्राम होम डेवलपर्स एसोसिएशन
सेक्टर-37 इलाके में 24 घंटे ट्रैफिक का दबाव रहता है। मेट्रो विस्तार के बाद ही यह समस्या दूर होगी। सेक्टर-37 औद्योगिक क्षेत्र में लाखों लोग काम करते हैं। आसपास घनी आबादी है। मेट्रो कारिडोर के विस्तार के साथ ही हीरो होंडा चौक से लेकर कैप्टन उमंग भारद्वाज चौक तक सड़क को एलिवेटेड किए जाने का काम भी शुरू करना चाहिए। एक साथ दोनों प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा, तभी लाभ होगा।
ईश्वर मित्तल, पूर्व अध्यक्ष, गुरुग्राम व्यापार मंडल
यदि पांच-छह साल पहले मेट्रो का विस्तार हो जाता तो आज साइबर सिटी की यह हालत नहीं होती। कोई इलाका ऐसा नहीं है जो ट्रैफिक जाम से नहीं कराह रहा है। घर से बाहर निकलने से पहले सोचना पड़ता है। लोग निजी वाहनों या टैक्सियों से चलने को मजबूर हैं। दिल्ली मेट्रो का विस्तार मिलेनियम सिटी गुरुग्राम मेट्रो स्टेशन तक ही नहीं बल्कि ओल्ड गुरुग्राम इलाके तक करना था। आज तस्वीर ही कुछ अलग दिखाई देती। अब जल्द से जल्द प्रोजेक्ट पूरा किया जाए।
दीपक मैनी, चेयरमैन, प्रोग्रेसिव फेडरेशन आफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री
मेट्रो के विस्तार के बाद साइबर सिटी की तस्वीर बदल जाएगी। विकास की फिर से आंधी चलेगी। कुछ वर्षों से विकास की रफ्तार धीमी होने के पीछे सड़कों पर वाहनों का दबाव है। उद्योग विहार, सेक्टर-37, मानेसर, कादीपुर, बसई सहित सभी औद्योगिक क्षेत्रों में मेट्रो प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद निवेश की आंधी आएगी। वर्तमान स्थिति को देखकर निवेशक निवेश करने से हिचक रहे हैं। उद्यमियों को मीटिंग के लिए दिल्ली या फिर उस इलाके का चयन करना पड़ता है जहां निवेशक आसानी से पहुंच सकें।
राव विवेक सिंह, चेयरमैन, इंडियन इंस्टीट्यूट आफ आर्किटेक्ट